नीरज जोशी, बीकानेर, (समाचार सेवा)। नगर निगम महापौर चुनाव में कांग्रेस के स्पष्ट बहुमत के बावजूद मुकाबला रोचक हो गया है। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी अनिल कल्ला के सामने पार्टी के ही नवनिर्वाचित पार्षद नवरतन डागा ने नामांकन दाखिल कर दिया है। भाजपा ने डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत को प्रत्याशी बनाया है।
ऐसे में फिलहाल चुनाव त्रिकोणीय नजर आ रहा है। 80 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के 42, भाजपा के 27, निर्दलीय 10 और आरएलपी का एक पार्षद है। संख्या के लिहाज से कांग्रेस मजबूत स्थिति में है, लेकिन डागा की दावेदारी ने कांग्रेस के भीतर एकजुटता की चुनौती खड़ी कर दी है। वार्ड 73 से निर्वाचित अनिल कल्ला पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के भतीजे हैं और कांग्रेस ने उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बनाया है।
वहीं वार्ड 50 से जीते नवरतन डागा के नामांकन को पार्टी के भीतर असंतोष और महापौर पद की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उनके रुख और संभावित समर्थन को लेकर अभी अंतिम तस्वीर स्पष्ट नहीं है। भाजपा के डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत के सामने 27 पार्षदों के साथ कांग्रेस के भीतर संभावित विभाजन, निर्दलीयों और अन्य पार्षदों के समर्थन का समीकरण बनाने की चुनौती है। यदि कांग्रेस के मतों में विभाजन होता है तो चुनाव का गणित बदल सकता है, लेकिन फिलहाल किसी भी परिणाम को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच, 18 सितंबर को नाम वापसी और 21 सितंबर को मतदान होगा। नाम वापसी के बाद ही स्पष्ट होगा कि मुकाबला वास्तव में त्रिकोणीय रहता है या कांग्रेस के भीतर कोई समझौता होता है। फिलहाल महापौर चुनाव का सबसे बड़ा सवाल कांग्रेस के 42 पार्षदों की एकजुटता और निर्दलीय पार्षदों के रुख को लेकर है।










