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पीबीएम में रोगियों को बेड अलॉट करने का तरीका गलत, बदलना होगा– कलक्टर

patients in PBM

बीकानेर, (samacharseva.in)। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम के अनुसार पीबीएम अस्‍पताल में भर्ती होने वाले रोगियों विशेष तौर से शिशु रोगियों को बेड उपलब्‍ध करवाने का तरीका गलत है। उसे तत्‍काल बदलना होगा।

कलक्‍टर गौतम ने शुक्रवार को पीबीएम अस्पताल के बच्चा वार्ड का निरीक्षण किया था। उन्‍होंने कहा कि अस्‍पताल के चिकित्सक यूनिट के हिसाब से रोगियों को बेड अलॉट करते हैं। यह किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा कि दो बड़े हॉल में लगे 40 से अधिक बेड तो खाली रहे और दूसरे यूनिट के वार्ड में एक ही बेड पर तीन-तीन बच्चे रहे।

कलक्‍टर ने कहा यह तरीका गलत है। निरीक्षण के दौरान एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एच. एस. कुमार, कार्यवाहक अधीक्षक डॉ परमेंद्र सिरोही आदि साथ थे।

कलक्‍टर को बताना होगा, अब कैसी है सुमन

पीबीएम अस्‍पताल में भर्ती सुमन की तबियत कैसी है इसकी नियमित जानकारी कलक्‍टर को देनी होगी। सुमन के इलाज में लगे डॉक्‍टर को सुमन की तबियत के बारे में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को बताना होगा।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सुमन की तबियत संबंधी रिपोर्ट कलक्‍टर को नियमित रूप से देंगे। कलक्‍टर के निरीक्षण के दौरान मरीज सुमन के पिता ने ही कलक्‍टर को बताया था कि डॉक्‍टर उसे बाहर से दवा लाने जांच कराने पर जोर देते हैं। कलक्‍टर ने सुमन के पिता को अपने नंबर दिये परेशानी होने पर बात करने को कहा।

चादर बदली या नहीं, कलक्‍टर खुद देखेंगे

कलक्टर अस्‍पताल के निरीक्षण के दौरान देखा कि मरीज के बेड पर गंदी चादर है। मरीजों को सर्दी में कम्‍बल नहीं दिया जा रहा है। वे नाराज हुए। उन्‍होंने मौके के लिये कम्‍बल मंगवाई और अस्‍पताल प्रशासन से कहा कि मरीज के बेड पर लगी चादर  नियमित रूप से बदली जा रही है या नहीं वे खुद देखेंगे।

बाहर जांच कहां करवानी है बताते हैं डॉक्‍टर

निरीक्षण के दौरान भर्ती बच्‍चों के कुछ परिजनों ने कलक्‍टर को बताया कि  अस्पताल के कुछ चिकित्सक जांचे बाहर से करवाने तथा उनके बताये गए पते की लेब से करवाने को कहते हैं। संबंधित लेब का विजिटिंग कार्ड भी मरीज के परिजनों को देते हें।

सफाई हुई गुणवत्ता पूर्वक

बताया गया कि अस्‍पताल में सफाई कार्य गुणवत्ता पूर्वक किया जा रहा है। क्‍योंकि कलकटर समय समय पर यहां आते हैं। साथ ही कलक्‍टर ने जो पांच सरकारी अधिकारियों की समिति बनाई है वह भी सक्रिय है। यही कारण है कि अस्‍पताल में सफाई रहती है।