Samachar Seva

Mission Patrkarita

मूल्‍यवान है मनुष्य की स्वतंत्रता और स्वतंत्र सोच : डॉ. नंदकिशोर आचार्य

नीरज जोशी, बीकानेर, (समाचार सेवा)। मूल्‍यवान है मनुष्य की स्वतंत्रता और स्वतंत्र सोच : डॉ. नंदकिशोर आचार्य, कवि एवं विचारक डॉ. नंदकिशोर आचार्य ने कहा कि मनुष्य की स्वतंत्रता और स्वतंत्र सोच सबसे मूल्यवान हैं। डॉ. आचार्य अजित फाउंडेशन की ओर से रामचंद्र गुहा की पुस्तक ‘आखिरी उदारवादी और अन्य आलेख’ के समीक्षा कार्यक्रम को कार्यक्रम अध्‍यक्ष के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि पुस्‍तक में गांधी, नेहरू, विनोबा सहित अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों के विचारों और योगदान को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।इतिहासकार डॉ. भंवर भादानी ने सेवाग्राम आश्रम और गांधी के जीवन दर्शन पर विचार रखे। 

Human freedom and independent thought are valuable: Dr. Nandkishore Acharya

Human freedom and independent thought are valuable: Dr. Nandkishore Acharya

संगठनात्मक पद से अधिक व्यापक थी गाँधी की राजनीतिक प्रासंगिकता–डॉ. मेघना शर्मा

Gandhi’s political relevance extended far beyond his organizational position – Dr. Meghna Sharma

Gandhi’s political relevance extended far beyond his organizational position – Dr. Meghna Sharma

पुस्तक के विभिन्न अध्यायों की समीक्षा करते हुए महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर की इतिहास विभागाध्यक्ष व साहित्यकार डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि महात्‍मा गाँधी की राजनीतिक प्रासंगिकता उनके औपचारिक संगठनात्मक पद से कहीं अधिक व्यापक थी।

पुस्‍तक समीक्षा पैनल में शामिल डॉ. ब्रजरतन जोशी, डॉ. रीतेश व्यास और डॉ. मुकेश हर्ष ने गांधीवादी विरासत, साहित्यिक संस्कृति, पर्यावरणविद् अनिल अग्रवाल तथा जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी के वैचारिक दृष्टिकोण पर चर्चा की। वक्ताओं ने लोकतंत्र में वैचारिक सहिष्णुता, असहमति के सम्मान और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को निष्पक्षता से समझने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम का संयोजन संस्था समन्वयक संजय श्रीमाली ने किया।

कार्यक्रम में प्रमोद शर्मा, मधु आचार्य, गजानंद व्यास, नदीम अहमद, माणक सुथार, महेश उपाध्याय, अविनाश व्यास, आनन्द पुरोहित, जाकिर अदीब, सुनिता श्रीमाली, मनन, आनन्द छंगाणी, उषा बिस्सा, दीक्षा व्यास, गोपाल व्यास, प्रवीण प्रजापत, मनीष जोशी, ओमप्रकाश सुथार, इमरोज नदीम, गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।