Samachar Seva

Mission Patrkarita

सुख-दुख में धैर्य रखना ही भागवत कथा का सार – पंडित अविनाश व्‍यास

The essence of Bhagwat Katha is to have patience in happiness and sorrow – Pandit Avinash Vyas

NEERAJ JOSHI (समाचार सेवा) बीकानेर। सुख-दुख में धैर्य रखना ही भागवत कथा का सार – पंडित अविनाश व्‍यास, कथावाचक पंडित अविनाश व्यास ने कहा कि हमें श्री कृष्णा के जीवन से सीख लेनी चाहिए कि सुख दुख के समय मनुष्य को धैर्य रखे। 

व्‍यास  मुरलीधर व्यास कॉलोनी के आज़ाद पार्क में भागवत कथा के दौरान प्रवचन कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि भागवत कथा का सार भी यही है। इस अवसर पर नन्द उत्सव का आयोजन हुआ। आयोजन में ओमप्रकाश पुरोहित ने नन्दबाबा बनकर श्री कृष्णा को गोकुल पहुंचाया।

सुरेंद्र स्वामी, मखन, नथमल व्यास, हरीश व्यास, सुमन पुरोहित, जीतू सहित मोहल्लेवासियो ने शिरकत की.भागवत कथा मैं गायक कलाकार शंकर व्यास और व टीम ने कथा मैं भजन से माहौल कृष्णामय बनाया।