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नाम संशोधन करवाने वालों की बढ़ती भीड़ से बेहाल है नगर निगम कर्मचारी

जन्म और मृत्यु होने वाले मामलों में अस्‍पताल कर्मियों की गफलत से उपजी समस्‍या

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। जन्म और मृत्यु होने वाले मामलों में अस्‍पताल कर्मियों की गफलत से उपजी गलत नाम दर्ज करने की समस्‍या के चलते नगर निगम बीकानेर के हेल्‍प लाइन सेंटर पर नाम संशोधन करवाने वालों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। हेल्‍पलाइन सेंटर के कार्मिकों का कहना है इस समस्‍या के समाधान के बढ़ते कार्य के चलते निगम के अन्‍य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

इस संबंध में जानकारी की तो पता चला कि राजकीय अस्पतालों और संस्थागत प्रसवों से जन्म लेने वाले शिशुओं के माता पिता के नामों में विसंगति के चलते यह समस्‍या दिनों दिन भारी भारी पड़ रही है। अस्पतालों में जन्म और मृत्यु होने वाले मामलों में अस्पताल कर्मियों की गफलत या लापरवाही से नगर निगम के जन्म मृत्यु पंजीकरण विभाग का कार्य अनावश्यक  बढ़ गया गई और सैकड़ों की लाइन रोजाना नाम संशोधन के लिए काउंटर पर लगती है।

Municipal-employees-are-troubled-by-the-increasing-number-of-people-seeking-name-correction.1-300x205 नाम संशोधन करवाने वालों की बढ़ती भीड़ से बेहाल है नगर निगम कर्मचारी

जन्म मृत्यु काउंटर पर बढ़ती भीड़

नगर  निगम के जन्म मृत्यु काउंटर पर सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक करीब सौ लोग हर समय खड़े नजर आते हैं। पंजीकरण विंडो पर बैठे कार्मिकों के पास केवल नाम संशोधन के भी इतने मामले हैं कि उनकी नज़रें ही नहीं उठ सकती। एक कंप्यूटर पर प्राप्त दस्तावेजों की जांच होती है इसके बाद कागजात दूसरे कंप्यूटर पर भेजे जाते हैं जहाँ ऑपरेटर आवश्यक एफेडेविट आदि ले कर नाम संशोधन की दुष्कर प्रक्रिया पूरी करता है।

भविष्य में भारी विसंगतियों का कारण

इसके आधार कार्ड में नाम अशोक कुमार है उस अशोक कुमार के अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे के नाम के पंजीकरण के दौरान अस्पताल ने मात्र अशोक नाम अंकित कर दिया। अब नगर निगम द्वारा जारी होने वाले जन्म प्रमाण पत्र में पिता का नाम केवल अशोक ही लिखा जाएगा जो भविष्य में भारी विसंगतियों का कारण बनेगा। इसे ठीक करवाने के लिए आशिक़ कुमार को 200 रुपये और समय खर्च कर के इस आशय का एफेडेविट देना होगा कि वो अशोक नहीं अशोक कुमार है। तब नगर निगम जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन कर सकेगा।

अस्पताल कार्मिकों की लापरवाही

नगर निगम में पंजीकरण विंडो पर कार्यरत मोहम्मद नसीम का कहना है कि यदि जन्म के समय संबंधित अस्पताल बच्चे के माता पिता का नाम आधार या जनाधार कार्ड के अनुसार अंकित कर दे तो ये समस्या आएगी ही नहीं। प्रस्तुत उदाहरण में बच्चे के पिता का नाम अशोक कुमार की जगह अशोक और  माता का नाम रेखा की जगह रेखा नवल अंकित कर दिया गया जबकि आधार कार्ड में ऐसा नहीं है, अस्पतालों के कार्मिकों की इस लापरवाही को कहने को तो लिपिकीय भूल कहा जा रहा है जबकि यह ग़फ़लत,जल्दबाजी और लापरवाही का नमूना है।

इसे तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाएगा

अस्पतालों की यह भूल नगर निगम पर बहुत भारी पड़  रही है,और पंजीकरण काउंटर  पर सुबह से शाम तक लंबी कतारें कायम  रहती है। इस संबंध में जब पीबीएम अस्पताल बीकानेर के अधीक्षक डॉ. बी सी  घीया से बात की गई तो उन्‍होंने कहा, अगर ऐसा है तो इसे तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाएगा जल्‍द ही संबंधित को इस आशय के आदेश जारी किए जाएंगे कि अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के माता पिता के नाम दस्तावेजों में आधार कार्ड और जनाधार कार्ड के अनुरूप साफ़ साफ़ अंकित किए जाएं ताकि जन्म पंजीकरण में असुविधा  नहीं हो।

जारी कर रहे हैं सख्त दिशा निर्देश

वहीं सीएमएचओ बीकानेर डॉ. पुखराज साध ने इस विषय पर कहा कि वे जिले के सभी अस्पतालों और केंद्रों को इस संबंध में सख्त दिशा निर्देश जारी कर रहे हैं कि संस्थागत प्रसव के बाद शिशुओं के जन्म पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में माता पिता के नाम आधार कार्ड अथवा जनाधार कार्ड के अनुसार ही सावधानी से अंकित किए जाएं ताकि पंजीकरण में असुविधा नहीं हो।

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