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टाउन हॉल में गूंजा, जीना यहां-मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां

Echoed in the town hall, JEENA YAHAN, MARNA YAHAN, ISAKE SIVA JANA KAHAN

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)।  टाउन हॉल में गूंजा, जीना यहां-मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां, नव वर्ष के स्‍वागत में टाउन हॉल में आयोजित जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहा गीत-संगीत कार्यक्रम में स्‍थानीय कलाकारों सहित मेहमानों ने भी गीत गाकर नव वर्ष स्‍वागत उत्‍सव मनाया।

सोमवार देर शाम को श्री विश्वकर्मा नाट्य संगीत कला संस्थान के वार्षिक कार्यक्रम के तहत किए गए इस आयोजन में उधोगपति रामरतन धारणियां , पूर्व पार्षद डॉ. मीना आसोपा तथा पूर्व पार्षद सुनील बांठिया अतिथि के रूप में शामिल हुए।

श्री विश्वकर्मा नाट्य संगीत कला संस्थान के अध्यक्ष मेघराज नागल ने शीर्षक गीत जीना यहाँ मरना यहाँ,  इसके सिवा जाना कहाँ  की प्रस्तुति दी। चारुलता स्वामी द्वारा सरस्वती वंदना की। वर्षा सेनी ने सिर पर बाईस मटके रख कर कांच के टुकड़ों पर नृत्य किया।

कार्यक्रम में विशेष मेहमान के तौर पर  के. के. सोनी,  हेमलता माथुर, सुशील यादव, सैय्यद अख्तर, भवानी आचार्य, के. कुमार आहूजा, दिनेश सिंह भदौरिया, संतोष सोनी, राधाकृष्णन सोनी, सुनील दत्त नांगल, भरत प्रकाश श्रीमाली (भाया महाराज), अंनत लाल, विजय स्वामी, मुनिन्द्र अग्निहोत्री, राजेश सांखला, अशोक तंवर एवं शिव दाधीच सहित आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे।

समारोह में कलाकार उदय सिंह ने तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है। मान्या सारस्वत ने म्हारो गोरबंद नखरालो। ओलिवर नानक ने बार बार दिन में आये हैप्पी बर्थडे टू यू। कौशल शर्मा द्वारा छलकाएं जाम जाइये आपकी आंखों के नाम होंठों के नाम। गीत पेश किया।

सुनील शादी, राम किशोर यादव, चांदरतन सोनी, वयोवृद्ध कलाकार के.के. सोनी, राधाकृष्णन सोनी भी गीत पेश किए। शिव दाधीच ने कविता सुनाई। संचालन संजूलता नानक ने किया।