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बटुक भैरवनाथ मंदिर में आधी रात को किया महावेदजी का सहसत्रधारा जलाभिषेक

batuk bherav mandir me shiv ka sahastradhara abhishek

बीकानेर, (समाचार सेेेेवा)। बटुक भैरवनाथ मंदिर में आधी रात को किया महावेदजी का सहसत्रधारा।   जलाभिषेक। सोनियों के चौक में स्थित बटुक भैरव मंदिर में बटूक भैरव बटालियन द्वारा भगवान महादेवजी का गुरुवार रात को गुरु प्रदोष पर्व पर सहसत्रधार जलाभिषेक किया गया। शिव भक्‍तों ने जलाभिषेक के बाद भगवान शिव व पार्वती का श्रंगार व पूजन किया।

batuk bherav mandir me mahadev parvati shringar

batuk bherav mandir me mahadev parvati shringar

अभिषेक व महादेव पूजन कार्यक्रम में पँडित भवरलाल जी ओझा के सानिध्य में पूजारी पप्पू व ओम महाराज, घनश्याम सेवग, भगवानदास मोहता, नवरतन मोहता, मनोज सेवग, नारायण दास मोहता उर्फ भाईया महाराज बसँत मोहता, शिवकुमार तिवाडी सहित बटूक भैरव बटालियन के सभी पदाधिकारियों व सदस्‍यों ने भाग लिया।

अभिषेक कार्यक्रम के दौरान शिवभक्‍तों ने हर-हर महादेव के उदघोष से पूर मंदिर परिसर व क्षेत्र को गुंजायमान किया।

मानसरोवर यात्रा कर लौटे जत्‍थे का स्‍वागत किया

mansrovar yatra kar loute

mansrovar yatra kar loute

बीकानेर से पवित्र कैलाश मानसरोवर  यात्रा पर गए जत्‍थे का शुक्रवार को स्‍टेशन पर स्‍वागत किया गया। यह दल यात्रा के सातवें जत्‍थे के रू में 5 जुलाई को रवाना हुआ था।

इस जत्‍थे में शिवभक्‍त पंकज भटनागर, ललित कुमार खत्री, मदनमोहन मोदी, दिनेश मोदी अवं अजय खत्री शामिल थे। ये सभी शिव भक्‍त शुक्रवार को दिल्ली सुपरफ़ास्ट ट्रैन से कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूर्ण कर प्रसन्तापूर्वक बीकानेर पहुंचे। इनका रेलवे स्टेशन पर श्रीकृष्ण मोहन स्वरुप भटनागर ने स्वागत किया। यात्रा मैं आईटीबीपी अवं कुमाऊं मॉडल की तारीफ करते हुए सभी यात्रियों ने अपने संस्मरण सुनाये अवं उपस्थित जन से एक बार पवित्र यात्रा पर जाने का आग्रह भी यात्रिओ द्वारा किया गया।

का‍शी विश्‍वनाथ मंदिर में भगवान शिव का किया पंचाम्रत अभिषेक

kashi vishvanath ka panchamrit abhishek

kashi vishvanath ka panchamrit abhishek

काशी विश्‍वनाथ महादेव मंदिर में प्रदोष काल में महादेव का पंचाम्रत से अभिषेक व श्रंगार व पूजन पंडित विजयकुमार ओझा के सानिध्‍य में किया गया। पूजन कार्यक्रम में शिवभक्‍त भगवानदास मोहता, व्‍यास महाराज, पुजारी मुन्‍ना महाराज, ओझा महाराज आदि भक्‍तगण शामिल हुए।