उषा जोशी, बीकानेर (समाचार सेवा)। श्रीमती धन्ना देवी सेठिया धार्मिक भवन ट्रस्ट के नाम में कथित रूप से सारभूत परिवर्तन कर नया पैन कार्ड बनवाने, ट्रस्ट की आय एवं चल-अचल संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा बैंक खाते में हेराफेरी करने की नीयत से धोखाधड़ी करने का मामला नोखा पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। मामले में सुंदरलाल बोथरा, निवासी मरोठी चौक, नोखा तथा तेजकरण कांकड़िया, निवासी कांकड़िया गली, नोखा को नामजद किया गया है। प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दौरान सामने आने की संभावना है। मामले की जांच नोखा थानाधिकारी गोविंद कर रहे हैं।
नोखा थाना पुलिस के अनुसार, जैन चौक नोखा स्थित श्रीमती धन्ना देवी सेठिया धार्मिक भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष तथा बीकानेर में रानी बाजार निवासी चेतन प्रकाश सेठिया ने इस्तगासे के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में सुंदरलाल बोथरा और तेजकरण कांकड़िया सहित अन्य व्यक्तियों पर एक राय होकर ट्रस्ट के मूल अंग्रेजी नाम में परिवर्तन करने का आरोप लगाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने ट्रस्ट के मूल नाम में बदलाव करते हुए “SMT-Dhanni Devi Sethia Wo Bherudanji Sethia Dharmik Bhawan Trust” नाम से नया दस्तावेजी स्वरूप तैयार किया। आरोप है कि इस परिवर्तन के माध्यम से आम नागरिकों, प्रशासनिक विभागों, सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों, बैंकों और आयकर विभाग को कथित रूप से भ्रमित करने का प्रयास किया गया।
प्रकरण में बीएनएस की धाराएं 318(4), 338, 336(4), 340(2), 305(a), 324(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ट्रस्ट के मूल दस्तावेज, दोनों पैन कार्ड, नाम परिवर्तन से संबंधित अभिलेख, बैंक खातों और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मौजूदा पैन कार्ड के बावजूद नया पैन कार्ड बनवाने का आरोप
परिवादी का आरोप है कि ट्रस्ट का पूर्व से वैध पैन कार्ड ABJTS3304H मौजूद होने के बावजूद परिवर्तित नाम के आधार पर नया पैन कार्ड ABLTS9317E प्राप्त किया गया। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि बदले हुए नाम और नए पैन कार्ड का उपयोग विभिन्न सरकारी बैंकों, सरकारी कार्यालयों और गैर-सरकारी कार्यों में किया गया।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट की संपत्ति, जैन चौक स्थित सेठिया भवन, ग्राम भामटसर स्थित प्लॉट तथा बैंक खाते में उपलब्ध राशि को हड़पने या उसमें हेराफेरी करने की नीयत से यह कार्रवाई की गई। परिवादी के अनुसार, आरोपियों को ट्रस्ट के पूर्व से वैध पैन कार्ड की जानकारी होने के बावजूद नया पैन कार्ड बनवाया गया।


