MAHENDRA SIINGH SHEKHAWAT बीकानेर, (समाचार सेवा)। जिले में खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) आधारित हाईटेक प्रणाली का इंस्टॉलेशन अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत वे-ब्रिज (वजन मापक यंत्र) पहले ही इंस्टॉल किए जा चुके हैं तथा उनकी ऑनलाइन टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है।
खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरएफआईडी सिस्टम के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद खनिज परिवहन में होने वाली रोयल्टी चोरी और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा। इस प्रणाली के अंतर्गत खनिज परिवहन में लगे प्रत्येक वाहन पर आरएफआईडी टैग लगाया जाएगा, जिसे वे-ब्रिज और अन्य निगरानी उपकरण स्वतः स्कैन करेंगे। जैसे ही वाहन वे-ब्रिज से गुजरेगा, उसका वजन, समय, मार्ग और अन्य विवरण ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज हो जाएंगे। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और डेटा में हेरफेर की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी।
जीपीएस सिस्टम लगाए जाने की व्यवस्था
इसके साथ ही खनिज परिवहन वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाए जाने की व्यवस्था भी की जा रही है। जीपीएस के माध्यम से वाहनों की रीयल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि वाहन निर्धारित मार्ग से ही खनिज का परिवहन कर रहे हैं। यदि कोई वाहन तय मार्ग से हटता है या अनधिकृत स्थान पर रुकता है, तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। यह व्यवस्था अवैध खनन और अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में खदानों का चयन
बीकानेर जिले में इस नई तकनीक को प्रयोग के तौर पर नेवली लिग्नाइट, वीएस लिग्नाइट, हरीश क्ले एवं नरेंद्र मालिक माइंस में शुरू किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इन खदानों का चयन इसलिए किया गया है ताकि प्रणाली की कार्यक्षमता, तकनीकी मजबूती और जमीनी स्तर पर उपयोगिता का आकलन किया जा सके। सफल परीक्षण के बाद इस सिस्टम को जिले की अन्य खदानों में भी लागू करने की योजना है।
बीकानेर माइनिंग इंजीनियर महेश प्रकाश पुरोहित ने बताया कि आरएफआईडी और जीपीएस आधारित यह व्यवस्था अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है।
राजस्व की हानि रुकेगी
इससे खनन कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, राजस्व की हानि रुकेगी और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली न केवल सरकार के लिए लाभकारी होगी, बल्कि ईमानदारी से कार्य करने वाले खनन पट्टाधारकों के लिए भी फायदेमंद सिद्ध होगी। कुल मिलाकर, बीकानेर में आरएफआईडी प्रणाली का यह प्रयोग खनन क्षेत्र में तकनीकी नवाचार का उदाहरण है। यदि यह योजना अपेक्षित परिणाम देती है, तो आने वाले समय में इसे प्रदेशभर में लागू किया जा सकता है, जिससे खनन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सकेगी।


