एमजीएसयू इतिहास विभाग में गंगा सिंह जयंती पर विशेष व्याख्यान आयोजित
नीरज जोशी, बीकानेर, (समाचार सेवा)। महाराजा गंगा सिंह ने अकाल से त्रस्त ज़मीन और जनता को किया सरसब्ज़-डॉ. मेघना शर्मा. महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर की इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष ड़ॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि मरुस्थल की हरियाली और यहां के लोग सदैव ही महाराजा गंगा सिंह जी की ऋणी रहेंगे क्यूंकि महाराजा गंगा सिंह ने बार-बार के अकाल से त्रस्त बीकानेर की इस ज़मीन और जनता को सरसब्ज़ करने के अथक और सफल प्रयास किए।

डॉ. मेघना मंगलवार को बीकानेर के पूर्व महाराजा गंगासिंह की जयंती पर इतिहास विभाग की ओर से कुलगुरु प्रो नरसी राम बिश्नोई के मार्गदर्शन में थार मरुस्थल के भागीरथ महाराजा गंगा सिंह विषयक आयोजित विशेष व्याख्यान में विषय प्रवर्तन कर रही थीं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को अकाल के प्रभाव से मुक्त करने के प्रयासों के कारण ही महाराजा गंगा सिंह जी हमेशा के लिये जन जन में लोकप्रिय हो गए। व्याख्यान के मुख्य वक्ता डॉ. गोपाल व्यास ने गंगा सिंह जी पर लिखित पुस्तक से अंश बटोरते हुए अपनी बात कही। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा जाहिर की गई जिज्ञासाओं पर विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. व्यास ने कहा कि गंगा सिंह जी का मानना था कि नदियों के पानी के उपयोग को राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, नदियों के पानी का उपयोग अधिकतम मानवता के सुख की भावना से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के लिए चंदा देते वक़्त मदन मोहन मालवीय को चेक देकर गंगा सिंह जी ने एक लिखा और आगे शून्य लगाते ही चले गये ज़ब तक कि मदन मोहन मालवीय ने ही उन्हें हाथ पकड़कर नहीं रोका।
आयोजन में विभाग के अतिथि शिक्षक ड़ॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. रीतेश व्यास, जसप्रीत सिंह, रिंकू जोशी, भगवान दास सुथार, डॉ. संजना चौधरी आदि शामिल रहे। सुशीला बिश्नोई ने आभार जताया।
















