नीरज जोशी, बीकानेर (समाचार सेवा)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को महाराजा गंगा सिंह विश्वाविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के इतिहास विभाग के नवप्रवेशित विद्यार्थियों द्वारा विभाग के समक्ष स्थित उद्यान में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां विद्यार्थियों ने नीम और रोहिड़ा के पौधे रौपे। इस अवसर पर विवि कुलगुरु मनोज दीक्षित ने कहा कि भारतीय समाज ने वृक्षों को केवल उपयोगिता की वस्तु नहीं, बल्कि जीवनदाता, देवतुल्य और लोककल्याणकारी माना है।
इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि इतिहास में मौर्यकालीन शिलालेखों और स्तंभलेखों में सड़कों के किनारे छायादार वृक्ष लगवाए जाने, यात्रियों के लिए कुएँ खुदवाए जाने तथा औषधीय पौधों के रोपण की व्यवस्था कराये जाने के उल्लेख मिलते हैँ। उन्होंने बताया कि कौटिल्य के अर्थशास्त्र में अवैध कटाई तथा वन संपदा के दुरुपयोग के लिए दंड का भी उल्लेख मिलता है। पीपल को विष्णु, वट को ब्रह्मा तथा तुलसी को लक्ष्मी का स्वरूप माना गया।

पौधारोपण कार्यक्रम में विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. गोपाल व्यास, रिंकू जोशी, भगवान दास सुथार, डॉ. संजना चौधरी, और सुशीला बिश्नोई शामिल रहे। बजरंग कलवानी व उमेश पुरोहित का सहयोग रहा। विद्यार्थी वर्ग से कार्तिक शर्मा, सोहनलाल कुम्हार, ट्विंकल बीका, भीखाराम सुथार, गरिमा व्यास, अजीत सियाग, मूमल कँवर, अरविन्द सिंह भाटी, नेहा सलमान, तुषार गहलोत आदि ने विभाग का प्रतिनिधित्व किया।




