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एक जगह नहीं हो सकते ज्ञान और मान- आचार्य बृजेश कुमार शर्मा

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) ग्वालियर के आचार्य बृजेश कुमार शर्मा ने कहा कि ज्ञान और मान एक जगह नहीं हो सकते। शर्मा सोमवार को विश्वकर्मा गेट के अंदर स्थित माहेश्वरी भवन में श्रीरामाश्रम सत्संग मथुरा उपकेंद्र बीकानेर की ओर से आयोजित तीन दिवसीय आंतरिक ध्यान एवं सत्संग समारोह के दूसरे दिन प्रवचन कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि बिना किसी बात को जानने बजाय स्वीकार कर लेने का अर्थ है कि वहां ज्ञान नहीं है। बिना जाने किसी चीज को मान लेते हैं तो विद्या नहीं हुई। इसी तरह किसी चीज की कामना के साथ हम साधना करते हैं तो उसका कोई मतलब नहीं है। आचार्य बृजेश कुमार ने कहा कि मान का चौथा रूप अभिमान होता है और इन विकारों को दूर करने का जरिया गुरु ही होता है। आंतरिक ध्यान एवं सत्संग समारोह का समापन मंगलवार को होगा।

उपकेंद्र बीकानेर के आचार्य कृष्णकांत पारीक ने बताया कि इस बार 5 साल के अंतराल के बाद बीकानेर में यह सत्संग समारोह आयोजित हुआ है। इससे पहले हर 2 साल के अंतराल में बीकानेर में सत्संग का आयोजन होता रहा है। उन्होंने बताया कि सत्संग समारोह में देशभर से सत्संगी आएं हैं और मथुरा टूंडला और जयपुर सहित अन्य स्थानों से आचार्य भी बीकानेर पहुंचे हैं।

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