MGS UNIVERSITY BIKANER – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Sat, 21 Sep 2024 02:03:24 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png MGS UNIVERSITY BIKANER – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 इतिहासकार गलत लिखें तो पीढ़ियां भोगती हैं विष दंश – रवि भट्ट https://samacharseva.in/if-historians-write-wrong-generations-suffer-poison-sting-ravi-bhatt-2/ Fri, 18 Dec 2020 11:29:21 +0000 https://samacharseva.in/?p=13564 बीकानेर, (samacharseva.in)। इतिहासकार गलत लिखें तो पीढ़ियां भोगती हैं विष दंश – रवि भट्ट, इतिहासकार एवं स्तम्भ लेखक रवि भट्ट ने कहा कि देश में इंजीनियर, डॉक्टर, साहूकार आदि की गलती का खामियाजा कुछ सौ या हजार लोग भोगते हैं किन्तु इतिहासकार गलत लिखता है तो इसका खामियाजा पीढ़ी दर पीढ़ी भोगा जाता है और हिन्दू मुस्लिम का मसला इसका ज्वलंत उदाहरण है।
If historians write wrong, generations suffer poison sting - Ravi Bhatt-1

If historians write wrong, generations suffer poison sting – Ravi Bhatt

श्री भट्ट शुक्रवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में इतिहास विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में ‘‘डायनेस्टिक इवोल्युशन ऑफ द नवाब्स ऑफ लखनऊ‘‘ विषय पर मुख्य अतिथि एवं वक्ता के रूप में व्याख्यान दे रहे थे। उन्‍होने अवध के राजनैतिक पहलू से हटकर सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और कलात्मक पक्षों को विस्तारपूर्वक रखा।

Dr. Meghna Sharma

Dr. Meghna Sharma

प्रोग्रामको-ऑर्डिनेटर डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि वेबिनार में 300 से अधिक पंजीकरण हुए जिनमें देश-विदेश से इतिहास प्रेमियों ने भाग लिया और प्रश्न भी पूछे। मुख्‍य अतिथि भट्ट ने कहा कि ऐसा माना गया है कि लखनऊ का नवाबी युग संस्कृति का स्वर्णिम युग रहा है। किन्तु हमें इसमें कुछ अन्य पहलू भी दिखाई देते हैं।

उन्होंने बताया कि लखनवी पुलाव, कबाब और पहनावे में अचकन विश्व प्रसिद्ध रहा है। भट्ट ने कहा कि हिन्दुस्तान के मशहूर शायर मिर्जा गालिब भी भ्रष्टाचार का शिकार हुए थे जब नवाब नसीरूददीन की शान में लिखे एक कशीदे की एवज में 5 हजार रूपये का पुरस्कार मिर्जा गालिब तक कभी नहीं पहुंच पाया। उन्‍होंने कि अवध तत्कालिक भारत का सबसे समृद्ध नगर या प्रांत था और यह वहां के नवाबों की धर्मनिरपेक्षता के कारण ही संभव हो पाया।

उन्होंने अवध में घटित एक वाकिये पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब कट्टरपंथी जिहादियों ने हनुमानगढी पर आक्रमण किया तब नवाब ने मुस्लिम होते हुवे भी जिहादियों से हनुमानगढी की रक्षा की। उन्होंने बताया कि नवाबों ने हिन्दु एवं मुस्लिम दोनों धर्म के लोगों के साथ सद्भाव रखा और होली के त्यौहार पर वे लगभग 5 लाख रूपये तक का धन व्यय करते थे।

बीकानेर से अवध के सम्पर्क के बारे में उन्होंने बताया कि जब नवाब वजीर अली शाह ने अंग्रेजों से अवध को मुक्त करवाने के लिए इरान से सम्पर्क साधा था उस समय अवध से भेजे गए धन को बीकानेर की सीमा में बीकानेर के राजा ने सुरक्षा एवं सेना प्रदान की थी। 1857 की क्रांति पर प्रकाश डालते हुए भट्ट ने बताया कि उस समय अंग्रेजों के विरूद्ध अपनी सीमा की सुरक्षा की जो युद्ध नीति नवाबों द्वारा अपनाई गई थी वह ना केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय रही।

भट्ट ने भाषा की समृद्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लखनवी भाषा में अरबी, तुर्की, फारसी, पुर्तगाली एवं हिन्दी के शब्दों का मिश्रण देखने को मिलता है। उन्होंने उर्दू भाषा के विषय में कहा कि यह ‘‘रिक्ता‘‘ नाम से जानी जाती थी उसकी एक विधा ‘‘रेक्ती‘‘ अपने काल में आलोचना का विषय रही। उन्होंने बताया कि अवध के उमर खय्याम की रूबाईयों से प्रेरित होकर ही हरिवंश राय बच्चन ने ‘‘मधुशाला‘‘ की रचना की।

Prof. V.K. Singh

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि इतिहास सामाजिक विज्ञान के विषयों में एक ऐसा गंभीर विषय है जो अपनी व्यापकता और सभी विषयों से एक कड़ी के रूप में जुड़ा हुआ है। प्रो. सिंह ने कहा कि लखनऊ के इतिहास की भारत के इतिहास में एक समृद्ध पृष्ठभूमि रही है जिसमें शोध के अनेक आयाम हैं। प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर डॉ. मेघना शर्मा ने

शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में डॉ. अनिला पुरोहित, डॉ. एस. एस. यादव, डॉ. सुखाराम, डॉ. उषा लामरोर, डॉ. शारदा शर्मा, भरतपुर से डॉ. सतीश त्रिगुणायत, दिल्ली से डॉ. अनिल कुमार, डॉ. संदीप सिंह मुंडे, डॉ. बसंती हर्ष, डॉ. अशोक बिश्नोई सहित अनेक शोधार्थी एवं विद्यार्थी जुडे़।

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वल्चर अवेयरनेस डे 2020 पर अन्तरराष्‍ट्रीय सिंपोजियम आज https://samacharseva.in/international-symposium-today-on-vulture-awareness-day-2020/ Sat, 05 Sep 2020 01:24:21 +0000 https://samacharseva.in/?p=12445 महाराजा गंगा सिंह विवविद्यालय बीकानेर, कुलपति विनोद कुमार सिंह ने किया पोस्टर का विमोचन

बीकानेर, (samacharseva.in)। वल्चर अवेयरनेस डे 2020 पर अन्तरराष्‍ट्रीय सिंपोजियम आज, वल्चर अवेयरनेस डे 2020 के अवसर पर शनिवार को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा वेस्ट वर्जिनिया विश्वविद्यालय अमेरिका के सहयोग से ‘भारत मे गिद्ध संरक्षण की वर्तमान स्थिति‘ शीर्षक से अन्तरराष्‍ट्रीय सिंपोजियम का आयोजन किया जाएगा।

इस सिंपोजियम के पोस्टर का विमोचन शुक्रवार को एमजीएस विवि कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने किया। पोस्टर विमोचन समारोह में विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजा राम चोयल, प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, डॉ. अनिल कुमार दुलार, डॉ. प्रभुदान चारण, डॉ. लीला कौर व इस ऑनलाईन कार्यक्रम के टेक्निकल इन्चार्ज अमरेश कुमार सिंह उपस्थित रहे। आयोजकों के अनुसार अब तक 350 शिक्षकों, शोधार्थियों और वन्य जीव वैज्ञानिकों ने इस सिंपोजियम हेतु अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लिया है।

सिम्पोजियम में आमंत्रित वक्ताओं के रूप मे डॉ. जोनाथन हॉल डिपार्टमेन्ट आॅफ ज्योग्राफी वर्जिनिया विश्वविद्यालय मॉर्गन टाउन अमेरिका द्वारा ‘वल्चर मूवमेन्ट इकॉलोजी इन ह्यूमन डोमिनेटेड लेण्डस्केप’ विषय पर व्याख्यान देंगे। डॉ. निश्चित धारिया डिपार्टमेन्ट आॅफ लाइफ साइंस एचएनजी विश्वविद्यालय पाटन गुजराज द्वारा ‘वल्चर्स इन गुजरात: ए स्टेटस रिव्यू एण्ड चेलेन्जेज फॉर देयर कन्जर्वेशन’ विषय पर व्याख्यान देंगे तथा प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, विभागाध्यक्ष पर्यावरण विज्ञान विभाग महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय द्वारा ‘भारत मे गिद्ध संरक्षण एवं संवर्धन की वर्तमान स्थिति’ पर व्याख्यान देंगे।

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एमजीएस विवि में पेयजल आपूर्ति हेतु 1.70 करोड़ रुपये स्वीकृत https://samacharseva.in/1-70-crore-approved-for-supply-of-drinking-water-in-mgs-university/ Thu, 03 Sep 2020 15:07:59 +0000 https://samacharseva.in/?p=12426 जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने किए थे अथक प्रयास

विवि में पेजयल की आपूर्ति की समस्या का हुआ स्थायी समाधान

बीकानेर, (samacharseva.in)। एमजीएस विवि में पेयजल आपूर्ति हेतु 1.70 करोड़ रुपये स्वीकृत, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला के प्रयासों से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर में 1एमएलडी (10 लाख लीटर प्रतिदिन) पेयजल आपूर्ति के लिये 1.70 करोड़ रु. की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।

उक्त कार्ययोजना के तहत गुरुवार 3 सितंबर को विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह की उपस्थिति में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशाषी अभियन्ता एवं विश्वविद्यालय के मध्य 1.70 करोड की राशि का एम.ओ.यू. सम्पादित हुआ। इसके तहत 1.70 करोड़ रु. का चेक पीएचईडी अधिकारियों को सौंपा गया।  इसके अन्तर्गत 06 कि.मी. लम्बी डी.आई.के. 7 पाइप लाईन डालकर पानी की आपूर्ति की जाएगी।

पानी की निरन्तर आपूर्ति हो सकेगी एवं परिसर हरा-भरा हो सकेगा

इससे विश्वविद्यालय परिसर में पानी की निरन्तर आपूर्ति हो सकेगी एवं परिसर हरा-भरा हो सकेगा। विवि के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने गुरुवार को विवि परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि एमजीएस विश्वविद्यालय परिसर में पीने के पानी का नितान्त अभाव होने के कारण विश्वविद्यालय में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों, स्टॉफ  एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों से आने वाले विद्यार्थियों एवं महाविद्यालय प्रबन्धकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि बीकानेर पश्चिम के विधायक व राज्य के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के अथक प्रयासों से विश्वविद्यालय में पानी की सप्लाई हेतु कार्ययोजना की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। योजना के तहत कुल 6 किलो मीटर की पाइप लाइन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक विवि में रोजाना मात्र पांच लाख लीटर पानी सप्लाई हो रहा था जो कि विवि प्रशासन, विद्यार्थियों व आगंतुकों के पेयजल के रूप में तथा विवि परिसर के उद्यानों को पर्याप्त पानी देने के लिहाज से काफी कम था।

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एमजीएस विवि कुलपति प्रो. वी.के. सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर शोक जताया https://samacharseva.in/mgs-university-vice-chancellor-prof-vk-singh-mourns-the-death-of-former-president/ Wed, 02 Sep 2020 04:43:38 +0000 https://samacharseva.in/?p=12390 बीकानेर, (samacharseva.in)। एमजीएस विवि कुलपति प्रो. वी.के. सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर शोक जताया, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। 

vinod kumar singh

प्रो. सिंह ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति एवं उनके परिवार को इस दु:ख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 

प्रो. सिंन ने बताया कि देश के 13वें राष्ट्रपति रहे प्रणव मुखर्जी ने सूरी विद्यासागर कॉलेज में अध्ययन किया। उन्होंने राजनीति विज्ञान व इतिहास में स्रातकोत्तर उपाधि एवं उसके पश्चात् एल एल.बी. की उपाधि प्राप्त की। प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्रपति बनने से पूर्व अनेक पदों पर रहते हुए देश की सेवा की। प्रो. सिंह ने कहा कि श्री मुखर्जी के निधन पर पूरा देश शोक संतप्त  है।

प्रणब मुखर्जी के निधन पर भाजपा ने जताया शोक

बीकानेर, (samacharseva.in)भारतीय जनता पार्टी शहर जिलाध्यक्ष अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा पूर्व राष्टÑपति प्रणब मुखर्जी के निधन से देश को अपूर्णीय क्षति हुई है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं। देश ने अपना एक अमूल्य रत्न खो दिया।

पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ सत्यप्रकाश आचार्य ने कहा कि देश ने महान समाजसेवी, शिक्षाविद एवं कुशल शासक खो दिया है। प्रणव मुखर्जी के निधन पर शोक प्रगट करते हुए महामंत्री मोहन सुराणा, अनिल शुक्ला, नरेश नायक ने कहा है कि प्रणव मुखर्जी के निधन से एक युग का अंत हो गया है। वे अद्भुत प्रतिभा के धनी थे।

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कुलपति प्रो. सिंह व उच्‍च शिक्षा मंत्री भाटी की शिष्‍टाचार मुलाकात https://samacharseva.in/courtesy-meeting-of-vc-prof-singh-and-higher-education-minister-bhati/ Wed, 19 Aug 2020 18:27:41 +0000 https://samacharseva.in/?p=12054 बीकानेर, (samacharseva.in)। कुलपति प्रो. सिंह व उच्‍च शिक्षा मंत्री भाटी की शिष्‍टाचार मुलाकात, महाराजा गंगासिंह  विश्वविद्यालय के कुलपति प़ो. विनोद कुमार सिंह ने बुधवार को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी से शिष्टाचार मुलाकात की।  इस अवसर पर कुलपति प़ो. सिंह ने मंत्री भाटी को विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा व शोध क्षेत्र में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यो से अवगत कराया।

कोविड-19 के दौरान आँनलाईन प्लेटफार्म के माध्यम विथार्थियों को शिक्षा से निरन्तर जोड़ने के प़यासों से भी भाटी को अवगत कराया।  साथ ही कुलपति ने विश्वविद्यालय में चल रहे आधारभूत विकास आँडिटोरियम, इण्डोर स्पोर्ट्स काँम्पलेक्स, साईकिल वेलोड्रम एवं इनोवेशन सेन्टर की जानकारी भी उच्‍च शिक्षा मंत्री को दी।

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एमजीएस विवि में कुलपति प्रो. वीके सिंह ने फहराया तिरंगा, लगाये 1100 पौधे https://samacharseva.in/in-mgs-university-vice-chancellor-prof-vk-singh-hoisted-the-tricolor-planted-1100-plants/ Sun, 16 Aug 2020 13:24:15 +0000 https://samacharseva.in/?p=11882 बीकानेर, (samacharseva.in)। एमजीएस विवि में कुलपति प्रो. वीके सिंह ने फहराया तिरंगा, लगाये 1100 पौधे, स्‍वतंत्रता दिवस पर शनिवार को महाराजा गंगासिंह विवि बीकानेर में आयोजित समारोह में कुलपति प्रो. वी.के. सिंह ने तिरंगा फहराया। समारोह में कुलपति द्वारा शैक्षणिक सत्र 2019-20 में अखिल भारतीय अन्तर विश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता में 24 पदक प्राप्त करने वाले खिलाडियों को सम्मानित किया गया।

खिलाड़ियों को सम्मान स्वरूप प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि 4.73 लाख उनके खाते में ऑनलाईन स्थानान्तरित की गई। कुलपति ने सम्मानित खिलाडियों से ऑनलाईन संवाद स्थापित किया। समारोह के दौरान विवि परिसर में हुए पौधरोपण कार्यक्रम में शिक्षक, अधिकारी, कार्मिक एवं अध्ययनरत विद्यार्थियों ने 1100 पौधे लगाये गए।

कुलपति प्रो. सिंह के निर्देशन में विश्वविद्यालय परिसर को पांच भागों में बांटकर अगस्त माह के अंत तक 10 हजार नवीन पौधे लगाये जाएंगे।

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महामारियों के इतिहास में कोरोना सबसे जटिल : डॉ. मेघना शर्मा https://samacharseva.in/corona-most-complex-in-the-history-of-epidemics-dr-meghna-sharma/ Sun, 09 Aug 2020 10:02:21 +0000 https://samacharseva.in/?p=11474 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की राष्ट्रीय वेब गोष्ठी में डॉ मेघना ने किया बीकानेर का प्रतिनिधित्व

बीकानेर, (samacharseva.in)। Corona most complex in the history of epidemics: Dr. Meghna Sharma, महाराजा गंगासिंह विश्‍वविधालय (एमजीएसयू) के इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मेघना शर्मा ने इतिहास से स्पेनिश फ्लू व स्वाइन फ्लू का उदाहरण देते हुए कहा कि महामारियों के इतिहास में कोरोना सबसे जटिल साबित हुआ है जिसने वर्तमान में अर्थव्यवस्था को तो पंगु किया ही है साथ ही साथ वैश्वीकरण के अहम मुद्दे को भी बहुत पीछे धकेल दिया है।

dr. meghna sharma

dr. meghna sharma

डॉ. मेघना रविवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग और माताजी जीतो जी कन्या महाविद्यालय सूरतगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रि दिवसीय राष्ट्रीय गोष्ठी के अंतिम दिन अपने संबोधन में व्‍यक्‍त किए। माता जीतो जी कन्या महाविद्यालय, सूरतगढ़ के डॉ. मोहिनी दइया, डॉ नीलम शर्मा, नंद किशोर सोमानी के संयोजन में दिनांक 7 अगस्त से 9 अगस्त 2020 के मध्य आयोजित इस संगोष्ठी का विषय था कोविड-19 सामाजिक परिदृश्य में बदलाव और तकनीकी शब्दावली।

डॉ. मेघना ने कहा कि  उत्तर कोरोना में एशियाई अर्थव्यवस्थाओं में तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता भारत जैसे देश मैन्युफैक्चरिंग का हब बन सकते हैं और विकसित देश चीन की जगह भारत को अपने बाजार में विकल्प दे सकते हैं। उद्घाटन सत्र के अतिथियों में तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष प्रोफेसर अवनीश कुमार, पूर्व कुलपति जगतगुरु संस्कृत विश्वविद्यालय प्रोफेसर विनोद शास्त्री शामिल रहे तो तकनीकी सत्रों के बीज वक्ताओं में बीएचयू, वाराणसी की डॉ प्रीति सिंह,

दयाल सिंह कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ विजय कुमार, जेएनयू की डॉ अनुजा, केंद्रीय विश्वविद्यालय गांधीनगर, गुजरात के डॉ प्रियरंजन, मध्यप्रदेश के वरिष्ठ लेखक, चिंतक प्रमोद भार्गव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, कोलकाता के डॉ ललित कुमार के अलावा महिंद्रा महिला महाविद्यालय छपरा, बिहार से डॉ कृष्ण कुमार कृष्णा, रणजीत सिंह मेमोरियल पीजी कॉलेज, बिजनौर, उत्तर प्रदेश से डॉ अमित कुमार, भगवंत विश्वविद्यालय, अजमेर से डॉ दिनेश मंडोत आदि विद्वान शामिल रहे।

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डॉ. विनोद कुमार सिंह, तकनीकी शिक्षा क्षेत्र का जाना-माना नाम https://samacharseva.in/dr-vinod-kumar-singh-a-well-known-name-in-the-field-of-technical-education/ Thu, 30 Jul 2020 07:12:11 +0000 https://samacharseva.in/?p=11015 बीकानेर, (samacharseva.in)। डॉ. विनोद कुमार सिंह, तकनीकी शिक्षा क्षेत्र का जाना-माना नाम, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के नवनियुक्त कुलपति डॉ. विनोद कुमार सिंह तकनीकी शिक्षा जगत का एक जाना-माना नाम है। डॉ. सिंह का नाम एनालॉग सिगनल प्रोसेसिंग में दुनिया के टॉप 15 प्रोफेशनल ग्रुप दूसरे नंबर पर शामिल है। आप पिछले डेढ़ दशक तक यूपी इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन के निदेशक रहे।

बनारस में जन्मे और और मोतीलाल नेहरू रीजनल इंजीनियर कॉलेज से बीटेक एमई करने वाले डॉ. विनोद कुमार सिंह ने 1980 के दशक में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर पंतनगर विश्विद्यालय से अपने कैरियर की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश के उच्च एवं तकनिकी शिक्षा जगत में अपने काफी लंबे समय तक अपना योगदान अमूल्य योगदान दिया है। आपने अपनी अकादमिक उत्कृष्टता से उत्तर प्रदेश के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जगत में एक नया मुकाम स्थापित किया।

आपने बीकानेर में एमजीएस विवि में पदभार ग्रहण करने के बाद कहा भी है कि एमजीएस विश्विद्यालय के मुखिया होने के नाते उन्नत तकनीकों का प्रयोग तथा नवाचार के माध्यम से विश्वविद्यालय का श्रेष्ठ अकादमिक विकास करना उनकी प्राथमिकता होगी। जानकारी में रहे कि हाल ही में राजस्‍थान के राज्यपाल एवं एमजीएस विवि के कुलाधिपति कलराज मिश्र ने प्रो. विनोद कुमार सिंह को एमजीएस विवि बीकानेर कुलपति नियुक्त किया है।  

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प्रो. विनोद ने कुलपति का कार्य ग्रहण किया https://samacharseva.in/pro-vinod-took-over-as-vice-chancellor/ Wed, 29 Jul 2020 06:30:38 +0000 https://samacharseva.in/?p=10934 बीकानेर(samacharseva.in)। प्रो. विनोद ने कुलपति का कार्य ग्रहण किया, प्रो. विनोद कुमार सिंह ने बुधवार को बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय  (एमजीएस वि.वि.) के कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। राज्‍यपाल ने गत दिनों प्रो. विनोद कुमार सिंह को महाराजा गंगासिंह वि.वि. बीकानेर का कुलपति नियुक्‍त किया।

राज्‍यपाल तथा वि.वि. के कुलाधिपति कलराज मिश्र की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि राज्‍य सरकार की परामर्श से आईआईएमटी वि.वि. मेरठ के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह को 3 वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु प्राप्‍त कर लेने तक, इनमें से जो भी पहले हो, के लिए महाराजा गंगासिंह वि.वि. बीकानेर का कुलपति नियुक्‍त किया गया है।

राज्‍यपाल के आदेश में बताया गया है कि महाराजा गंगासिंह वि.वि. के अधिनियम 2003 (यथा संशोधित 2017 व 2019) की धारा 11/3 व 11/7 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खोजबीन समिति की सिफारिश व राज्‍य सरकार के परामर्श से प्रो. सिंह की कुलपति के रूप में  नियुक्ति की गई है।

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महाराजा गंगासिंह विवि में विद्यार्थी सुविधा केन्द्र शुरू https://samacharseva.in/student-facilitation-center-started-in-maharaja-gangasingh-university/ Sat, 27 Jun 2020 14:18:41 +0000 https://samacharseva.in/?p=9653 बीकानेर, (samacharseva.in)। महाराजा गंगासिंह विवि में विद्यार्थी सुविधा केन्द्र शुरू, डॉ. कल्ला एवं भाटी ने किया 1.50 करोड़ रु. के विकास कार्यों का शुभारंभ, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर में नव-निर्मित विद्यार्थी सुविधा केन्द्र, रेजीडेन्सी द्वार, अकादमिक द्वार एवं विभिन्‍न विकास कार्यो को लोकार्पण एवं वर्षा के पानी को संग्रहण करने हेतु निर्मित किये जाने वाले होद का शिलान्यास शनिवार को ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, और उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी एवं विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. पी.सी. त्रिवेदी द्वारा किया गया। इन विकास कार्यो पर 1.50 करोड की लागत आई है।

अतिथियों ने विद्यार्थी सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया। कुलपति प्रो.पी.सी. त्रिवेदी ने बताया कि विद्यार्थी सेवा केन्द्र में बीकानेर के बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को इन्टरनेट, कम्प्यूटर मय प्रिन्टिंग, फोटो स्टेट एवं छात्र-छात्राओं के लिए पृथक-पृथक आवश्यक सुविधायें उपलब्ध होगी। कार्यक्रम में कोरोना जागरूकता को लेकर राज्य सरकार द्वारा संचालित किये जा रहे जागरूकता अभियान के तहत महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय द्वारा तैयार कराये गए जागरूकता पोस्टरों का विमोचन •ाी किया गया। कार्यक्रम में   प्रो. एस.के. अग्रवाल, प्रो. अनिल कुमार छंगाणी, प्रो. राजाराम चोयल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. जे.एस. खीचड़ सहित विभिन्‍न महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षक संघों के प्रतिनिधि एवं छात्रसंघ अध्यक्ष श्रवण जाखड़ उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन उप कुलसचिव डॉ. बिट्ठल बिस्सा ने किया।

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