MEDICAL AND HEALTH – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Sat, 21 Sep 2024 02:00:01 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png MEDICAL AND HEALTH – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 आधारभूत सुविधाओं का चरणबद्ध तरीके से हो रहा विकास : डॉ. कल्ला https://samacharseva.in/development-of-infrastructure-is-happening-in-a-phased-manner-dr-kalla/ Sun, 30 Oct 2022 08:21:05 +0000 https://samacharseva.in/?p=20412 NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) आधारभूत सुविधाओं का चरणबद्ध तरीके से हो रहा विकास : डॉ. कल्ला, जिला क्षय निवारण केन्द्र (टीबी क्लीनिक) के नवीन भवन एवं प्रशिक्षण सभागार का लोकार्पण रविवार को शिक्षा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने किया।

इस दौरान सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गुंजन सोनी, पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ पी के सैनी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहम्मद अबरार पंवार, चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी,

टीबी अस्पताल प्रभारी डॉ. चंद्रशेखर मोदी, डॉ. नवल गुप्ता, आरसीएचओ डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. अनिल वर्मा, डॉ. राहुल हर्ष, डॉ. अजय कपूर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील बोड़ा, विक्की पुरोहित आदि मौजूद रहे।

इस अवसर पर डॉ. कल्ला ने कहा कि शिक्षा एवं चिकित्सा क्षेत्र का सतत एवं सुनियोजित विकास उनकी प्राथमिकता है। इन क्षेत्रों में प्राथमिकता से कार्य करवाए जा रहे हैं।

Development of infrastructure is happening in a phased manner Dr. Kalla

Development of infrastructure is happening in a phased manner Dr. Kalla

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इलाज के लिये छोटा पड़ने लगा एसएमएस अस्‍पताल https://samacharseva.in/sms-hospital-started-falling-short-for-treatment/ Fri, 28 Oct 2022 06:11:23 +0000 https://samacharseva.in/?p=20322 NEERAJ JOSHI जयपुर, (समाचार सेवा)इलाज के लिये छोटा पड़ने लगा एसएमएस अस्‍पताल, जयपुर का सवाई मान सिंह अस्‍पताल (एसएमएस) अब प्रदेशभर से आने वाले मरीजों के लिये छोटा पड़ने लग गया है।

इस अस्‍पताल में  प्रतिदिन औसतन 9 हजार से अधिक लोग आउटडोर में उपचार के लिए आते हैं। वहीं लगभग 500 लोगों को उपचार के लिए भर्ती किया जाता है। अस्‍पताल में आने वाले मरीजों की 30 हजार से अधिक जांचें प्रतिदिन की जाती हैं।

अस्‍पताल प्रशासन भी अब यह मानता है कि एसएमएस अस्पताल का भार होगा कम होना चाहिये।  सवाई मानसिंह अस्पताल के अतिरिक्त निदेशक डॉ. प्रदीप शर्मा के अनुसार आउटडोर में रोगियों की संख्या अधिक होने से उपचार में समय लगता है।

जानकारी के अनुसार सवाई मानसिंह अस्पताल में वर्तमान में बिस्‍तरों की संख्या 2461, ओपीडी काउंटर 25 तथा ऑपरेशन थियेटर 18 हैं। साथ ही 8 माइनर ऑपरेशन थियेटर हैं। वर्तमान समय को देखते हुए एसएमएस में कम संख्‍या में सुविधाएं होने के कारण  मरीजों बैड के लिए इंतजार करना पड़ता है।

एसएमएस अस्पताल पर मरीजों का भार अत्यधिक है। इसके चलते भर्ती होने वाले मरीजों को बैड मिलने की समस्या बनी रहती है। साथ ही आउटडोर में भी रोगियों की संख्या अधिक होने से उपचार में समय लगता है।

प्रगति पर है आईपीडी टॉवर का निर्माण कार्य

एसएमएस अस्‍पताल पर बढ़ रहा मरीजों का भार कम करने के लिये अस्‍पताल परिसर में ही 588 करोड़ रुपये की लागत से 24 मंजिला आईपीडी टॉवर का निर्माण जारी है। इससे लोगों को जयपुर में विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेगी।

आईपीडी टावर बनने से एसएमएस में बढ़ रही मरीजों की संख्‍या का समाधान हो सकेगा। नए आईपीडी टावर में 1243 बैड, 100 ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, 10 ओटी 4 कैथलैब , विश्व स्तरीय मोर्चरी तथा एयर एम्बुलेंस की सुविधा भी होगी।

सरकारी अस्पताल लोगों को दुनिया का बेहतरीन उपचार मिल सकेगा। यहां मेडिकल मार्टेयर मेमोरियल भी बनाया जाएगा।

पांच पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को भी इसका मिलेगा।हालांकि यह सब बनने में लगभग तीन साल का समय लगेगा।

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 श्रीडूंगरगढ में 280 लोगों ने किया रक्‍तदान https://samacharseva.in/280-people-donated-blood-in-sridungargarh/ Mon, 17 Aug 2020 03:34:02 +0000 https://samacharseva.in/?p=11895 बीकानेर, (samacharseva.in)।स्‍वतंत्रता दिवस पर शनिवार को श्रीडूंगरगढ में आयोजित रक्‍तदान शिविर में 30 महिलाओं सहित 280 लोगों ने रक्‍तदान किया। शिविर में रक्‍तदान के लिये कुल 350 लोगों ने पंजीकरण कराया था। नागरिक विकास परिषद् श्रीडूंगरगढ़ द्वारा यह शिविर स्व. रामेश्वरलाल जोशी तथा स्व. पानादेवी जोशी की स्मृति में आयोजित किया गया।

280 people donated blood in Sridungargarh bikaner

शिविर का शुभारंभ देहात जिला भाजपा अध्यक्ष ताराचंद सारस्वत ने किया। कार्यक्रम की अध्‍यक्षता नागरिक विकास परिषद् श्रीडूंगरगढ के अध्यक्ष श्रवण कुमार गुरनानी ने की। महावीर अडवालिया ने नागरिक विकास परिषद् श्रीडूंगरगढद्वारा 1976-77 से किये जा रहे सेवा कार्यो की जानकारी दी। शिविर सहयोगी पीबीएम अस्पताल बीकानेर की ब्लड बैंक टीम के सदस्‍यों को भारत माता की तस्वीर भेंट की गई।

शिविर में परिषद् के उपाध्यक्ष जगदीश प्रशाद स्वामी, मंत्री विजयराज सेवग, उपमंत्री एडवोकेट रणवीर सिंह खिची, शिविर प्रभारी रमेश कुमार प्रजापत, शिवकुमार स्वामी, गुलाबचंद स्वर्णकार, हरीप्रसाद बाहेती, कुम्भनाथ सिद्ध पार्षद व समाजसेवी सेवानिवृत शिक्षक तोलाराम मारू, पूर्व पार्षद तुलछीराम चोरडिया, कांग्रेस सेवादल के विमल भाटी, राधेश्याम जोशी, धनराज पारीक, मानमल शर्मा आदि उपस्थिति रहे।

शिविर में जोशी परिवार के जयकिशन बाबूलाल जोशी, प्रदीप जोशी व टीम ने भी सेवायें दीं।

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आधी रात को भी आ रहे कॉल, मिल रही तुरंत सहायता https://samacharseva.in/calls-coming-in-the-middle-of-the-night-getting-immediate-help/ Fri, 01 May 2020 12:17:11 +0000 https://samacharseva.in/?p=8965 बीकानेर, (samacharseva.in)। आधी रात के 2 बजे कॉल आता है कि ‘‘हमारी गर्भवती बहू को लेबर पेन हो रहा है और एम्बुलेंस सेवा के लिए कॉल नहीं लग रहा, लॉकडाउन में कोई प्राइवेट गाड़ी वाला भी नहीं है, हम क्या करें ?’’ जवाब मिलता है कि ‘‘अतिशीघ्र एम्बुलेंस आपके घर पहुँचा दी जाएगी, संपर्क न हो पाया तो हम अपनी गाड़ी से गर्भवती को अस्पताल पहुंचाएंगे।’’ 2 बजकर 20 मिनट पर 108 एम्बुलेंस गर्भवती के घर पहुँच चुकी थी। रामपुरा की गली न. 5 की गीता और घर का नया मेहमान, दोनों स्वस्थ हैं और परिवार में बधाईयों का सिलसिला जारी है। 

गीता की कहानी जैसी कई कहानियाँ कोरोना संक्रमण काल में बीकानेर में दर्ज हो रही हैं, 1-2 नहीं बीसियों। बता दें, कि स्वास्थ्य विभाग बीकानेर ने गर्भवतियों-प्रसूताओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए टोल फ्री न. 104 व 108 के बावजूद 4 अधिकारीयों के विशेषज्ञ पैनल की हेल्पलाइन स्थानीय स्तर पर शुरू की है और प्रतिदिन 50 से ज्यादा लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। प्रतिदिन कई जच्चा-बच्चा को जोखिम से निकाला जा रहा है। बीकानेर के नवाचार से प्रेरित होकर जोधपुर, बाड़मेर, सिरोही और अलवर में भी उक्त व्यवस्था को अपनाया जा चुका है।

सीएमएचओ डॉ बी.एल. मीणा ने आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता को इस बाबत कार्य सौंपा तो उन्होंने स्वयं सहित 4 अधिकारीयों के आदेश कर दिए। तब किसी ने नहीं सोचा कि ये हेल्पलाइन इतनी काम आएगी। डॉ मीणा ने बताया कि टोल फ्री 104 व 108 पर कोरोना संक्रमण काल में सलाह, सहायता व जानकारी के लिए अत्यधिक कार्यभार है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन की जरूरत महसूस हुई तो कण्ट्रोल रूम न. 0151-2204989 जारी किए गए।

फिर डॉ रमेश गुप्ता (मो. 9828317894), जपाईगो के कार्यक्रम अधिकारी डॉ महेंद्र कोल्हे (मो. 9886271103), दक्षता मेंटर डॉ आशुतोष उपाध्याय (मो. 9169089515) व यूएनडीपी के संभागीय अधिकारी योगेश शर्मा (मो. 9897129767)  को जोड़कर व्यवस्था को और पुख्ता किया गया है। प्रसव संबंधी किसी भी सहायता के लिए इन अधिकारियों से सीधा संपर्क किया जा सकता है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नजदीकी सरकारी अस्पताल से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। बतौर डॉ आशुतोष उपाध्याय अधिकाँश कॉल प्रसव सम्बन्धी सहायता के लिए आते हैं कि कहाँ दिखाएं ? किसे दिखाएं ? अस्पताल कैसे पहुंचें ?

साथ ही गर्भावस्था में होने वाली सामान्य तकलीफों के सम्बन्ध में सलाह व ममता कार्ड बनवाने के लिए भी सहायता दी जा रही है। अधिकाँश कॉल कर्फ्यूग्रस्त व बीकानेर शहरी क्षेत्र से आ रहे हैं। डॉ कोल्हे बताते हैं कि सुरक्षित प्रसव हो जाने के बाद कई लाभार्थी पुनः कॉल कर जब धन्यवाद देते हैं तो सच में कोरोना वारियर वाली संतुष्टि मिलती है। 

केस

लूणकरणसर निवासी गर्भवती ममता देवी (25) को पेट में दर्द व दस्त की शिकायत थी। हेल्पलाइन पर कॉल आने पर तुरंत सीएचसी स्टाफ से समन्वय स्थापित किया गया और घर पर दवाई सहित भिजवाया गया।  

केस

भीनासर की सोनू भाटी को 8 माह की गर्भवस्था के दौरान पैर दर्द की समस्या थी। साथ ही नियमित ली जाने वाली आयरन-फोलिक एसिड व कैल्सियम की गोलियां भी समाप्त हो गई थी। हेल्पलाइन पर कॉल आने पर नजदीकी अस्पताल से दवाई सहित स्टाफ को भेजा गया। 

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निशुल्क चिकित्सा शिविर के लिये पंजीकरण सोमवार से शुरू https://samacharseva.in/registration-for-free-medical-camp-starts-from-monday/ Sun, 19 Jan 2020 11:14:56 +0000 https://samacharseva.in/?p=8277 जिला उद्योग संघ परिसर में निशुल्‍क चिकित्‍सा 31 जनवरी को

बीकानेर, (samacharseva.in) निशुल्क चिकित्सा शिविर के लिये पंजीकरण सोमवार से शुरू, जिला उद्योग संघ परिसर में 31 जनवरी से निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर कें पंजीकरण का कार्य सोमवार 20 जनवरी से जिला उद्योग संघ परिसर में शुरू होगा।

रोगी अथवा रोगी परिजन जिला उद्योग संघ के कार्यालय सचिव सावन पारीक व मोनू गहलोत से 9828014340 व 8209181593 पर सम्पर्क पंजीकरण करा सकेंगे। आयोजकों के अनुसार सभी रोगियों को पहले पंजीकरण करवाना जरूरी होगा।

शिविर में शिशु रोग, गुर्दा रोग, हृदय रोग, स्पाइन रोगों तथा दंत रोग का इलाज किया जाएगा। परामर्श दिया जाएगा। जांच सुविधा दी जाएगी तथा रोगियों को दवा भी वितरित की जाएगी।

शिविर आयोजन समिति के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि दंत चिकित्सा शिविर में डॉ. विनोद बिहाणी, डॉ. उर्वशी बिहाणी, डॉ. मुकेश आहूजा, डॉ. तनवी बिहाणी, डॉ. विनीत द्वारा निशुल्क दांतों का एक्सरे, दांत निकालने की भी सेवाएं प्रदान की जायेगी।

उन्होंने बताया कि हृदय रोग के लिए डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल सेवाएं देंगे। ई.सी.जी. की निशुल्क व्यवस्था रहेगी। शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. के.एल. पेडीवाल एवं सहयोगी के रूप में डॉ. कुसुम पेडिवाल अपनी सेवाएं देंगी। पच्चीसिया ने बताया कि बाल रोगियों की आवश्यकतानुसार खून की जांच भी निशुल्क की जायेगी।

गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर गोदारा द्वारा परामर्श सेवाएं दी जायेगी। गुर्दा रोगियों के लिए आवश्यक खून की जांचों की भी निशुल्क सुविधा उपलब्ध रहेगी।

आयोजन सचिव डॉ. विनोद बिहाणी ने बताया कि शिविर में स्पाइन रोगों साइटिका, कमर में फेक्चर, स्पाइनल टीबी, सर्वाइकल स्पोंडीलोसिस, कमर दर्द, पैरों में दर्द आदि का इलाज स्वीटजरलैंड, जर्मनी, आंध्रप्रदेश व चंडीगढ़ से प्रशिक्षित डॉ. मोहित बिहाणी, स्पाइन सर्जन एवं उनके सहयोगी डॉ. माधविका बिहाणी, डॉ. हर्षिता बिहाणी व अन्य चिकित्सकों द्वारा सेवा प्रदान की जायेगी।

शिविर में आने वाले स्पाइन रोगी असमर्थ होने पर उनका आॅपरेशन भी निशुल्क किया जाएगा। ऑपरेशन में काम आने वाले इम्प्लांट भी निशुल्क उपलब्ध करवाए जायेंगे। निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन जिला उद्योग संघ बीकानेर एवं बिहाणी परिवार के संयुक्त तत्‍वावधान में सुमित्रा देवी सीताराम बिहाणी की स्मृति किया जा रहा है। 

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चिकित्सा विभाग में स्टाफ की कमी, मरीज पेरशान https://samacharseva.in/shortage-of-staff-in-medical-department-patient-problem/ Thu, 16 Jan 2020 18:43:54 +0000 https://samacharseva.in/?p=8250 इलाज करने वाले चिकित्सकों को करना पड़ रहा है प्रशासकीय काम

ग्रामीण क्षेत्रों में 88 फार्मासिस्ट के स्थान पर मात्र 9 कार्यरत

बीकानेर, (samacharseva.in)। चिकित्सा विभाग में स्टाफ की कमी, मरीज पेरशान, बीकानेर का चिकित्सा महकमा चिकित्सकों, फार्मासिस्ट एवम नर्सिंग स्टाफ की कमी से बुरी तरह जूझ रहा है।

विभाग के अनेक डॉक्टर, फार्मासिस्ट एवम नर्सिंग स्टाफ अस्पतालों में सेवा देने के बजाय अन्यत्र सेवाएं दे रहे हैं। चिकित्सा विभाग के सूत्रों के अनुसार बीकानेर के अनेक ऐसे डॉक्टर जो मरीजों को देख कर उनकी सेवा कर सकते हैं मगर सरकार ने उन्हें प्रशासनिक पदों पर लगा रखा है।

क्षेत्र के लोगों के अनुसार डॉ. नवल गुप्ता जो कि एक अच्छे चिकित्सक हैं उन्हें सरकार ने मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के डिस्ट्रिक्ट कोकॉर्डिनेटर के पद पर डेढ़ दशक से तैनात किया हुआ है। जबकि यह काम कोई भी फार्मासिस्ट अथवा स्टोरकीपर द्वारा कराया जा सकता है।

इसी प्रकार पीबीएम अस्पताल में डॉक्टर गौरीशंकर जोशी भी दवा भंडार के काम में संलग्न हैं। फार्मासिस्ट एवम नर्सिंग स्टाफ में भी दुभांत कल्चर अपनाया हुआ है। अनेक फार्मासिस्ट ड्रग केंद्रों पर काम नही करके अन्य कार्यों में रत है। अनेक फार्मासिस्ट तो ऐसे हैं जिन्होंने नियुक्ति से ले कर अब तक किसी डीडीसी में अपनी ड्यूटी नहीं दी है और कथित कॉर्डिनेटर बन कर समकक्षों पर भारी पड़ रहे हैं।

ऐसा भी देखने में आया है कि किसी किसी डीडीसी पर अधिक संख्या में भी फार्मासिस्ट बैठा दिए गए हैं। बहुत से फार्मासिस्ट डीडीसी से हटकर अन्यत्र कार्य कर रहे हैं जिनका उस काम से कोई तालमेल नहीं फिर भी पीबीएम प्रशासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों का काम 9 फार्मसिस्ट के हवाले

चिकित्सा वि•ााग सूत्रों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रो में जहां कम से कम 88 फार्मासिस्ट होने चाहिए वहां मात्र 9 फार्मासिस्ट से ही काम चल रहा है। बीकानेर में पीबीएम अस्पताल एवम शहरी क्षेत्रों में 25 से अधिक फार्मासिस्ट के पद खाली है। जिले के 54 पीएचसी में से 26 में तो डॉक्टर है ही नही जबकि किसी भी सीएससी में पर्याप्त डॉक्टर नहीं है।

लूणकरणसर जैसे बड़े सीएससी में भी मात्र दो डॉक्टर हैं। मोमासर के सीएससी में एक ही चिकित्सक है जबकि बहुत से अस्पताल तो नर्सिंग स्टाफ के भरोसे ही चल रहे हैं। कैंसर अस्पताल में पूरे समय खुले डीडीसी

अस्पताल से जुडे समाज सेवियों के अनुसार कैंसर अस्पताल जैसे भारत के विख्यात केंद्र पर डीडीसी पूरे दिन खुलने के बजाय एक समय ही खुल रही है जिससे मरीजों को जो परेशानी हों रही है वह अनिवर्णनीय है। पीबीएम अस्पताल की प्रत्येक डीडीसी के आगे लगने वाली लंबी लाईनों में खड़े मरीज चक्कर खा खा कर गिरते रहते है लेकिन पीबीएम प्रशासन मौन है।

इनका कहना है

स्टाफ की कमी से मरीजों को परेशानी होती है, इसकी जानकारी समय समय पर सरकार को प्रेषित की जाती है। जल्द ही राज्य सरकार की ओर से चिकित्सकों की नियुक्ति होने की जानकारी है। नये चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद हालात और बेहतर करने के प्रयास किये जाएंगे।

डॉ. बी. एल. मीणा

सीएमएचओ

बीकानेर।

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ये दुष्प्रचार है, ‘खुलासा’ नहीं -आरएमसीटीए https://samacharseva.in/this-is-propaganda-not-a-disclosed-rmcta/ Tue, 17 Dec 2019 15:15:51 +0000 https://samacharseva.in/?p=7570 बीकानेर, (समाचार सेवा)। ये दुष्‍प्रचार है, ‘खुलासा’ नहीं-आरएमसीटीए राजस्‍थान मेडिकल कॉलेज टीचर ऐसासियेशन (आर.एम.सी.टी.ए.) बीकानेर शाखा के अनुसार बीकानेर में चिकित्‍सकों के आवासीय परिसर में दवा विक्रय दुकानें नियमानुसार है एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की जा रही है।

एसोसियेशन के सदस्‍यों ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर के प्रधानाचार्य डॉ. एच.एस. कुमार को आश्वस्त किया कि जो भी कार्य हो रहा है वह मरीजों के हितार्थ है, चूंकि कई दवाइयां बिना डॉक्टर की पर्ची के बिना उपब्लध नहीं होती है, इसलिए मरीजों के सुविधा के लिए ही डॉक्टर्स के चैम्बर्स के पास ही दवा दुकानें है।

यह दुकानें चिकित्सकों द्वारा संचालित नहीं की जा रही है बल्कि किरायें/ लीज पर समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति के पश्चात दी गई है। उक्त संचालित दवा दुकानों के लिए किराये को चिकित्सकों द्वारा स्वयं के आय में शामिल कर निर्धारित टैक्स दिया जाता रहा है।

आर.एम.सी.टी.ए. बीकानेर शाखा की मंगलवार को हुई आमसभा में चिकित्सक शिक्षकों ने राजकीय सेवा नियमों, एवं आचरण नियमों का विस्तृत एवं विधि सम्मत कार्यों की चर्चा की। संगठन के अध्यक्ष डॉ. गुंजन सोनी ने बताया कि आमसभा में चिकित्सकों के आवास पर संचालित की जाने वाली दवा दुकानों के क्रम में विश्लेषण के उपरांत यह निष्कर्ष निकाला गया कि कतिपय लोगों किया यह दुष्प्रचारित तथ्य आधारहीन है।

इसका समस्त चिकित्सक शिक्षकों ने पुरजोर खंडन किया। सदस्‍यों के अनुसार कोई भी चिकित्सक शिक्षक राजस्थान सेवा नियमों के विरुद्ध कार्य नहीं कर रहा है।  

इस मिटिंग में डॉ. सुरेन्द्र बेनीवाल, डॉ. महेन्द्र सिसोदिया, डॉ. विजय कुमार टुंडवाल, डॉ.  आई. डी. चारण, डॉ. मनोज मीणा, डॉ.  बी.सी.घीया, डॉ. आर.डी. मेहता, डॉ. कांता भाटी, डॉ. अभिषेक कोचर, डॉ.  बी.एस.सेंगर, डॉ. सुशील फलोदिया, डॉ. संदीप बुरी, डॉ. जितेन्द्र फलोदिया, डॉ. हरदेव नेहरा आदि समस्त आर.एम.सी.टी.ए. सदस्‍य शामिल हुए।

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जीवन रक्षा अस्पताल में भामाशाह कार्डधारक भी करवा सकेंगे इलाज https://samacharseva.in/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be/ Sun, 17 Jun 2018 06:01:36 +0000 https://samacharseva.in/?p=2052 बीकानेर। सार्दुलगंज में नये शुरू हुए जीवन रक्षा अस्पताल में भामाशाह कार्डधारक भी सरकारी योजना के तहत अपना ईलाज करा पाएं इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं।

हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. पवन चौधरी ने ‘समाचार सेवा’ को बताया कि अस्पताल टीम का मुख्य ध्येय रोगियों को कम कीमत पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना है।

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जिला पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा का स्वारगत करते जीवन रक्षा अस्ता पा ल के संचालकगण।

उन्होंने बताया कि जीवन रक्षा अस्पताल पूर्णतया वातानुकूलित हॉस्पिटल है। इसमें 70 बैड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मोडयूलर आॅपरेशन थियेटर, संपूर्ण सुविधायुक्त पीआईसीयू, एनआईसीयू, डायलिसिस, पेन क्लिनिक, वर्टाइगो क्लिनिक, सभी तरह की कैंसर सर्जरी, कीमोथैरेपी, बेरियाट्रिक सर्जरी, आधुनिक उपकरा युक्त लैबोरेट्री की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।

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जीवन रक्षा अस्प ताल के शुभारंभ अवसर पर दीप प्रज्ज वलन करते अतिथि।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में पेट का दूरबीन से आॅपरेशन व आधुनिकतम फार्मेसी की सुविधा भी उपलब्ध है। डॉ. चौधरी ने बताया कि हॉस्पिटल के जनरल वार्ड भी वातानुकूलित सुविधा से युक्त और संक्रमण से मुक्त है।

* ये चिकित्सक करेंगे जीवन रक्षा अस्पताल में इलाज

जीवन रक्षा अस्पताल में निश्चेतना एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. धनपत डागा अपनी सेवायें देंगे। अस्पताल प्रबंधक डॉ. पवन चौधरी ने बताया कि मरीजों को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भावना दास, जनरल फिजिशियन डॉ. विकास पारीक, जनरल व लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. देवेन्द्र पुरोहित, कान, नाक व गला रोग एवं मुंह और गला कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण छींपा, डॉ. नितिन गुप्ता, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. चेतन श्रीवास्तव, नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुचिता बोथरा, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सुगीता पारीक, आॅडियोलोजिस्ट एवं स्पीच थैरेपिस्ट मोहित ओझा की सेवाएं मिल सकेगी।

* चिकित्सकों के परिजनों ने किया अस्पताल का शुभारंभ

आपको बता दें कि सार्दुल गंज में स्थापित की गई जीवन रक्षा अस्पताल का शुभारंभ शनिवार 16 जून को किया गया है। हॉस्पिटल का शुभारंभ चिकित्सकों के माता-पिता के कर कमलों से किया गया। हॉस्पिटल के चिकित्सकों का मानना है कि जीवन देने वालों के हाथों से ही इस हॉस्पिटल का शुभारंभ किया गया है। इन्हीं के आशीर्वाद से ईश्वर ने हमें लोगों की सेवा का करने का मौका दिया है।

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* इनसे बढ़ी शुभारंभ समारोह की शोभा

जीवन रक्षा अस्‍पताल के शुभारंभ समारोह में अनेक गणमान्‍यजन शामिल हुए। इनमें बीकानेर के जिला पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा, एस. पी. मेडिकल कॉलेज बीकानेर के प्राचार्य डॉ. आर. पी. अग्रवाल, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. बी. आर. छींपा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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राजस्‍थान में निपाह वायरस पर विशेष सतर्कता https://samacharseva.in/rajasthan-me-nipaha-virus-par-vishesh-satarkata-ki-tyari/ Sat, 26 May 2018 20:44:31 +0000 https://samacharseva.in/?p=1615 जयपुर, (समाचार सेवा)। राजस्‍थान में निपाह वायरस पर विशेष सतर्कता की तैयारी। प्रदेश में निपाह वायरस के संबंध में विशेष सतर्कता बरतते हुए निरन्तर मॉनीटरिंग एवं सतत निगरानी रखी जा रही है। इस बीमारी के संबंध में प्रदेश के सभी चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक जानकारी त्वरित उपलब्ध कराने के लिए संभागीय व जिला स्तर के अधिकरियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीधे जानकारी दी जायेगी।

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार को इस संबंध में बैठक आयोजित की गयी। चिकित्सा विभाग की ओर से बैठक में सूचित किया गया कि अब तक प्रदेश में निपाह वायरस से एक भी पीड़ित सामने नहीं आया है। परंतु मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने चिकित्सा विभाग द्वारा निपाह वायरस के प्रति विशेष सतर्कता बरतने एवं इस वायरस के बारे में आमजन को सही सूचना उपलब्ध कराने के साथ ही पूर्ण सक्रियता बरतने पर बल दिया।

उन्होंने सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में वायरस के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही जांच की समुचित व्यवस्था व उपचार में आवश्यक दवाइयां इत्यादि सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इस समय केरल राज्य के उत्तरी जिलों मल्लापुरम व कोजिकोड़ में निपाह रोग का संक्रमण प्रभावी है। इसलिए इन जिलों में इस समय यात्रा पर जाने से बचे।

अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा-स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों तथा मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों को इस वायरस के बारे में दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं एवं उनके स्वयं के स्तर पर निपाह वायरस के बारे में दैनिक मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि आमजन को इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है।

सभी राजकीय चिकित्सालयों में निपाह वायरस के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही इलाज के लिए आवश्यक प्रबंध किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य एवं जिला स्तर पर रेपिड रेसपोंस टीमों को भी सतर्क किया गया है। उन्होंने रोग ग्रस्त इलाकों में यात्रा से लौटे व्यक्तियों से मस्तिष्क ज्वर अथवा सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या के लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सालय में सम्पर्क करने को कहा है।

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के.माथुर ने बताया कि निपाह वायरस एक जुनोटिक (पशुजन्य) बीमारी है और यह वायरस मनुष्यों का सम्पर्क निपाह संक्रमित सूअर, चमगादड़ या संक्रमित रोगी के साथ होने पर अथवा संक्रमित कच्चे खजूर या खजूर के रस के सेवन से फैलता है। उन्होंने बताया कि इसके संक्रमण के मुख्य लक्षण में बुखार होना, सरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, दिमाग में सूजन, खांसी, उल्टी होना, मांसपेशियों में दर्द, मानसिक भ्रम, दस्त व ऎंठन होना इत्यादि है।

 

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भामाशाह से सहज हुआ निर्मल के दांतों का इलाज https://samacharseva.in/bhamasha-se-sahaj-hua-bache-ke-danto-ka-ilaj/ Sat, 26 May 2018 18:50:19 +0000 https://samacharseva.in/?p=1593 शिव कुमार सोनी

बीकानेर, (समाचार सेवा) भामाशाह से सहज हुआ निर्मल के दांतों का इलाज। भामाशाह कार्ड से कोठारी अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र के आधुनिक सुविधायुक्त दंत रोग विभाग में शनिवार को नोखा तहसील की सिंधु मोरखाना के बालक निर्मल बिश्नोई का सहजता से ईलाज हो गया। बच्चा व उसके श्रमिक पिता दोनों ने सरकार की योजना व सहृदयता से चिकित्सा करने वाले चिकित्सकों को दिल से तारीफ की।

सिंधु मोरखाना के श्यामसुन्दर बिश्नोई अपने 9 वर्षीय पुत्र निर्मल 15 वर्षीय पुत्री वसुन्‍धरा को लेकर कोठारी अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र पहुंचे। पुत्री वसंुधरा के गंठिया का ईलाज पहले ही भामाशाह योजना के तहत चल रहा था। इस भीषण गर्मी में बिना चप्पल अपने पुत्र को साथ अस्पताल लाए श्याम सुन्दर ने अपने पुत्र की दांतों की समस्या डॉ. मुकेश आहूजा व डाॅ.वैशाली सोनी को बताई।

दोनों चिकित्सकों ने रोगी व उसके परिजनों की हालत को देखते हुए तत्काल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एवं पूर्व आचार्य एवं विभागाध्यक्ष दंत रोग, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्व विद्यालय मेडिकल काॅलेज, जयपुर के डाॅ.विनोद बिहानी से सलाह व मार्ग दर्शन लिया। डाॅ.बिहानी ने मानवीयता रखते हुए बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। दंत रोग विशेष डाॅ.मुकेश आहूजा व डाॅ.वैशाली सोनी बालक निर्मल का ईलाज मनोयोग से बेहतर तरीके से कर दिया।

कक्षा चार में पढने वाले बालक के दूधियां दांत सहित आधा दर्जन से अधिक दांत सड़ व गल चुके थे। बच्चा दो तीन वर्षों से बहुत कम खाना खा रहा था तथा दांत के दर्द से पढ़ने व खेलने आदि की दैनिक दिनचर्या से भी वंचित रह रहा था। खाना नहीं खाने से दुबला हो चुके बालक निर्मल के पिता श्याम सुन्दर बिश्नोई ने बताया कि बच्चों के इलाज के लिए आर्थिक संसाधन व सुविधा नहीं होने से मानसिक परेशानी झेल रहे थे।

’’घाटे के घर’’ में खाने-पीने की रोटी की सुविधा भी पूरी नसीब नहीं होती वहां इलाज करवाना कठिन कार्य था। बच्चे के दांत के असनीय दर्द को देख कर रहा नहीं जा रहा था पर मजबूरी वश कुछ किया भी नहीं जा रहा था। दैनिक मजदूरी कभी मिलती है कभी नहीं मिलती। ऐसे में पूरे माह दो वक्त की भरपेेट रोटी नसीब नहीं होती, ईलाज करवाना दूर का सपना था।

सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भामाशाह कार्ड से उसकी पुत्री वसुंधरा के साथ उसके पुत्र निर्मल का बेहतरीन ईलाज निःशुल्क होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। दंत रोग विभाग के चिकित्सक डाॅ.मुकेश आहूजा व डाॅ.वैशाली सोनी ने बालक निर्मल को दांत निकालने के बाद आइसक्रीम खिलाने की सलाह दी तब उसके पिता श्याम सुन्दर की आंखे भर आई।

तत्काल दोनों चिकित्सकों ने उसके दिल के दर्द को पहचाना अपनी निजी तौर से बच्चे के लिए आइसक्रीम व उसकी चप्पल की राशि प्रदान की। बेहतर ईलाज व आइसक्रीम और चप्पल की राशि प्राप्त कर बालक निर्मल व उसके पिता श्याम सुन्दर बिश्नोई दिल से सरकार की भामाशाह योजना व इंसानियत के साथ चिकित्सा करने वाले चिकित्सकों को दुहाई दी।

-सहायक प्रशासनिक अधिकारी सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय,बीकानेर

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