Bikaner Dharam – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Fri, 06 Jun 2025 05:40:23 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png Bikaner Dharam – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 श्री नागणेची जी मंदिर की लिफ्ट खराब, श्रद्धालु परेशान https://samacharseva.in/the-lift-of-shri-nagnechi-ji-temple-is-not-working-devotees-are-troubled/ Sun, 01 Jun 2025 13:05:56 +0000 https://samacharseva.in/?p=26362 NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)। श्री नागणेची जी मंदिर की लिफ्ट पिछले तीन दिन से बंद है। इस कारण बड़े बुजुर्ग, दिव्यांग, महिलाओं और हार्ट की बीमारी से जुड़े भक्तोंत के लिए माता के दर्शन कर पाना मुश्किल हो चुका है। देवस्थान विभाग को बार बार अवगत कराने के बावजूद समस्या् का समाधान नहीं हो पाया है।

बीकानेर वासियों की आस्था से जुड़ा देवस्थान विभाग अधिग्रहित एक प्रसिद्द शक्तिपीठ माताजी का मंदिर श्री नागणेची जी जहां श्रद्धालु भक्ति भाव से दूर दूर से सुबह शाम माता श्री नागणेची जी के दर्शन करने को आते है, ऊंचाई पर होने के कारण इस मंदिर में माता के निज मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों से अथवा लिफ्ट से जाने का रास्ता है। लिफ्ट पिछले तीन दिन से बंद है और सीढ़ियों के रास्ते जाकर बड़े बुजुर्ग, दिव्यांग, महिलाओं और हार्ट की बीमारी से जुड़े मरीजों के लिए माता के दर्शन कर पाना बहुत मुश्किल है,सीढ़िया चढ़ते हुए इनका सांस भर आता है।

ध्वजा दर्शन कर लौट रहे हैं श्रद्धालु

इधर लिफ्ट खराब होने से लिफ्ट के बंद दरवाजे की ओर देखकर नियमित आने वाले ये श्रद्धालु बाहर से ही ध्वजा के दर्शन करके लौट जाते है। मंदिर में माता की आरती दर्शन करने के लिए आने वाले नियमित वरिष्ठ श्रद्धालु बाबूलाल अग्रवाल, जगदीश पुरोहित का कहना है कि लिस्ट खराब होने के कारण वह शाम की आरती में माता के दर्शन नहीं कर पा रहे। नवरात्रि के बाद से ही मंदिर में लगी लिफ्ट चलती चलती खराब हो जाती है और देवस्थान विभाग के अधिकारी कुंभकर्ण की नींद सी रहे है इसको ठीक करवाने में वे कोई रुचि नहीं लेते।

मंदिर जीर्णोद्वार के लिए मिले बजट

हनुमान शर्मा ने कलेक्टर कार्यालय के मार्फत देवस्थान विभाग को बार बार अवगत कराया कि खराब लिफ्ट को ठीक करवाएं और इसका स्थाई समाधान कर वरिष्ठ श्रद्धालुओं को राहत दिलवाएं। जिस प्रकार शहर के अन्य मंदिरों को जीर्णोद्वार हेतु प्रतिवर्ष सरकारी बजट मिलता है उसी प्रकार श्री नागणेची जी मंदिर के जीर्णोद्वार के लिए भी बजट उपलब्ध करवाए।

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सादुल कॉलोनी में सैय्यद चार पीर बाबा उर्स 19 से 22 नवंबर तक https://samacharseva.in/syed-char-pir-baba-urs-in-sadul-colony-from-19-to-22-november/ Wed, 11 Nov 2020 08:49:32 +0000 https://samacharseva.in/?p=13324 बीकानेर, (samacharseva.in) सदभाव व एकता के प्रतीक सैय्यद चार पीर बाबा रह. अलैह  (बज्‍मे गरीब नवाज) का 36वां उर्स मुबारक पारम्‍परिक रस्‍मों रिवाज के साथ सादुल कॉलोनी बीकानेर स्थित पीर बाबा की दरगाह पर 19 से 22 नवंबर तक मनाया जाएगा।

इन्‍तजामिया कमेटी सैय्यद चार पीर बाबा दरगाह के सचिव अली मोहम्‍मद अब्‍बासी ने बताया कि उर्स कार्यक्रम का आगाज 19 नवंबर की सुबह 8 बजे कुर्आनखनी से होगा। शुक्रवार 20 नवंबर बाद नमाज जुम्‍मा चादर पेशी दरगाह खान कॉलोनी पर पेश की जाएगी। उन्‍होंने बताया कि शनिवार 21 नवंबर को चादर पोशी चार पीर पर पेश की जाएगी। रविवार 22 नवंबर को दरगाह चार पीर में देग चढाई जाएगी और अमन चैन की दुआ की जाएगी। बीकानेर में सैय्यद चार पीर बाबा की दरगाह वार्ड 35 में सादुल कॉलोनी क्षेत्र में धूडी बाई धर्मशाला के पीछे स्थित है।

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 धर्म बल से मृत्यु पर जीत है करवाचौथ https://samacharseva.in/karwachauth-is-victorious-over-death-by-force-of-religion/ Tue, 03 Nov 2020 11:56:19 +0000 https://samacharseva.in/?p=13131 — कवि पृथ्वीसिंह बैनीवाल । बीकानेर, (samacharseva.in)।

करवाचौथ की यह व्रत कथा है, ये पतिव्रता धर्म सत्यकथा है।

पति की दीर्घायु का यह प्रतीक है, धर्म बल से मृत्यु पर जीत है।।

महिला अखण्ड सौभाग्य है, कथा में व्याप्त पति का भाग्य है।।

सप्त पुत्र और पिता साहूकार था, शानदार उसका व्यापार था।।

धर्म परायणा एक सुपुत्री थी, सेवाभाव भलाई की वो कत्री थी।।

कार्तिक कृष्णा चतुर्थी जब आई, सात बहु संग सेठानी भी आई।।

तीनों ने किया चौथ का व्रत, चंद्रोदय तक भूख सहनी थी शर्त।।

भोजनहित भाइयों ने बहन को, किया आग्रह था भोज करण को।।

चन्द्रोदय अर्ध्य दे भोजन करूं, तब तक मैं व्रत को अटल करूं।।

भाई बहन से प्रेम बहुत करते थे, बहन को भूखा न देख सकते थे।।

सातों भाई गये नगर के बाहर, पेड़ में अग्नि कर किया चाँद तैयार।।

पेड़ की अग्नि में चाँद दिखाया, झूठ से बहन ने भोजन कराया।।

पुत्री भोजन हेत किया अनुरोध, भाभियां भोज से किया विरोध।।

नंनद ने भाभिय़ां की अनसुनी थी, भोजन से हुई आफत दुगनी थी।।

तब व्रत करवाचौथ हुआ भंग, गणेशजी तब हुए बहुत अप्रसन्न।।

बेटी का पति हुआ तुरंत बीमार, है घर में धन बीमार का शिकार।।

जब धन-दौलत से हुए लाचार, झूठ बना बदहाली का आधार।।

पता होवै बेटी निज गलती का, किया पश्चाताप तब गलती का।।

क्षमा प्रार्थना गणेश भगवान से, प्रण फिर व्रत का लिया ध्यान से।।

किया व्रत फिर विधि विधान से, क्षमा मिले श्रीगणेश भगवान से।।

सब उपस्थितों का किया सम्मान, गुरु कृपा जाग गया स्वाभिमान।।

बेटी भक्ति से प्रसन्न गणेश, आशीष दिया सुख समृद्धि रहे हमेश।।

गणेशजी करवाचौथ दिया वरदान, पाया उसके पति ने जीवनदान।।

करै चौथ व्रत से पति हो दीर्घायु, रहे स्वस्थ व मिलै स्वच्छ प्राणवायु।।

करवा चौथ कृपा जीवन महान, ‘पृथ्वीसिंह’ करे सादर नवण प्रणाम।।

चौथ व्रत है सुखी जीवन का प्रतीक, पावे अकाल मृत्यु पर जीत।।

— कवि पृथ्वीसिंह बैनीवाल

बीकानेर (राजस्थान)

9518139200, 9467694029

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देवी महाकाली के अवतरण दिवस पर किया अभिषेक, पूजा व श्रृंगार https://samacharseva.in/abhishek-worship-and-adoration-done-on-the-incarnation-day-of-goddess-mahakali/ Fri, 23 Oct 2020 16:02:59 +0000 https://samacharseva.in/?p=13078 बीकानेर, (samacharseva.in)। देवी महाकाली के अवतरण दिवस पर किया अभिषेक, पूजा व श्रृंगार, विश्वकर्मा गेट के अंदर स्थित प्राचीन काली माता के मंदिर में शुक्रवार सप्तमी को देवी महाकाली के अवतरण दिवस पर पूजा, श्रृंगार, अभिषेक, दुर्गा सप्तशती पाठ किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मास्क और सोशल दूरी का ध्यान रखते हुए दर्शन किए।

Abhishek, worship and adoration done on the incarnation day of Goddess Mahakali

पंडित के.के.व्यास और पंडित नंद किशोर व्यास ने मंदिर के पुजारी स्वर्गीय पंडित मंटिया महाराज की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए दुर्गा सप्तशती का पाठ किया तथा देवी भागवत के   मंत्रों से देवी का अभिषेक कर श्रृंगार किया।

मंदिर में प्रथम नवरात्रा से ही दुर्गा सप्तशती, देवी भागवत के मंत्रों से पूजा-अर्चना की जा है। मंदिर में देवी की मूल प्रतिमा के पीछे आम भक्तों को सजहजा से दर्शन करवाने के लिए सफेद संगमरकर व विशेष रोशनी लगाई गई है। वहीं परिकर स्थापित किया गया है।

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पर्युषण पर्वाधिराज पर अपने-अपने घरों में रहकर उपासना व त्याग करेंगे जैन समाज के लोग https://samacharseva.in/paryushan-will-worship-and-abdicate-by-staying-in-their-homes-on-the-family/ Fri, 14 Aug 2020 04:01:49 +0000 https://samacharseva.in/?p=11738 बीकानेर, (samacharseva.in)। पर्युषण पर्वाधिराज पर अपने-अपने घरों में रहकर करेंगे उपासना व त्याग, आचार्य श्री महाश्रमण जी सहित जैन समाज के सभी संघो के आचार्य भगवंतों ने अपने-अपने अनुयायियों को कहा है कि वे पर्युषण पर्वाधिराज पर अपने अपने घरों में रहकर उपासना व त्याग करें। आचार्य भगवंतों के इस आव्‍हान पर जैन समाज के लोगों ने पर्युषण पर्वाधिराज को घर पर रहकर ही त्याग व तपस्या के माध्यम से मनाने का निर्णय लिया है।

जैन महासभा के अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने बताया कि संवत्सरी महापर्व के दिन सभी जैनी लोग उपवास करतें हैं। संवत्सरी महापर्व  के अगले दिन क्षमापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्‍होंने बताया कि सभी संघो के आचार्य भगवंतों ने अपने अपने अनुयायियों से सरकारी नियमों व गाइड लायन की पालना अवश्य करने को कहा है। छाजेड ने बताया कि श्वेताम्बर परम्परा में अधिकांशतया 15 अगस्त से व एकसंघ में 16 अगस्त से पर्युषण पर्व प्रारम्भ होंगे। संवत्सरी महापर्व 22 अगस्त  व 23 अगस्त को होगा।

जैन महासभा के महामंत्री सुरेंद्र जैन ने बताया कि दिगम्बर समाज का दसलक्षण पर्व 23 अगस्त को प्रारम्भ होगा व 1 सितम्बर को अनन्त चतुर्दशी के दिन उनका सवत्सरी महापर्व माने जायेगा। तेरापंथी सभा के मंत्री अमरचंद सोनी ने बताया की 15 अगस्त को खाध संयम दिवस, 16 अगस्त को स्वाध्याय दिवस, 17 अगस्त को सामयिक दिवस, 18 अगस्त को वाणी संयम दिवस, 19 अगस्त को अणुव्रत चेतना दिवस, 20 अगस्त को जप दिवस, 21 अगस्त को ध्यान दिवस, 22 अगस्त को संवत्सरी महापर्व, 23 अगस्त को क्षमापना दिवस के रूप में आयोजित करने का निर्देश आचार्य श्री महाश्रमण जी ने दिए हैं।

उसी अनुरूप सभी लोग अपने अपने घरों में रहकर उपासना व त्याग करें। उन्होंने बताया कि अभी बहुत जनों के तपस्या का क्रम जारी है। सोनी ने बताय कि प्रतिदिन आचार्य श्री महाश्रमण जी का व्याख्यान पारस चैनल पर टीवी में प्रातः 10 से 11 बजे तक सुना व देखा जा सकता है तथा संवत्सरी महापर्व के दिन प्रातः 10 से सायं 3 बजे तक व्याख्यान सुना जा सकता है। प्रतिदिन किया जाने वाला प्रतिक्रमण सभी लोग यथासंभव अपने अपने घरों में करें।

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संथारे में साध्वी पानकुमारी जी अरिहन्त शरणम https://samacharseva.in/sadhvi-pankumari-ji-arihant-sharanam-in-santhara/ Tue, 11 Aug 2020 17:18:57 +0000 https://samacharseva.in/?p=11585 बीकानेर, (samacharseva.in)। संथारे में साध्वी पानकुमारी जी अरिहन्त शरणम, तेरापंथ धर्म संघ की दीक्षा क्रम में सबसे वरिष्ठ साध्वी शासनश्री पानकुमारी जी प्रथम की देह पंचतत्व में विलीन हो गई। साध्वीश्री का देहावसान सोमवार सायं 15 मिनट के चौविहार संथारे के बाद 6.45 बजे रामपुरिया मौहल्ला स्थित तुलसी साधना केन्द्र में हो गया था।

मंगलवार को उनकी तुलसी साधना केन्द्र (दूगड़ भवन) से प्रयाण यात्रा सुबह 8.30 बजे प्रारम्भ हुई। अन्तिम संस्कार गोगागेट स्थित ओसवाल समाज के शमशान गृह पर हुआ। आचार्य तुलसी शान्ति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़, ट्रस्टी गणेश बोथरा, अमरचन्द सोनी, तेरापंथी सभा बीकानेर के अध्यक्ष पदमचंद बोथरा, मंत्री सुरेश बैद, अणुव्रत महासमिति के प्रकाश भंसाली एवं अनेक परिवारजन तथा कुछ कार्यकर्ता शामिल हुए।

अन्तिम संस्कार सम्पन्न करने के बाद सभी लोग दूगड़ भवन जाकर साध्वी डॉ. परमयशाजी, साध्वी विनम्रयशाजी एवं साध्वीश्री मुक्ताप्रभाजी के दर्शन कर मंगलपाठ सुना। साध्वी पानकुमारी जी ने विवाहोपरान्त 17 वर्ष की उम्र में आचार्य तुलसी के कर कमलों से तेरापंथ में दीक्षित हुई थी। आपका जन्म वि.सं.1980 में श्रीडूंगरगढ़ में हुआ। अभी पिछले 6 वर्षों से दूगड़ भवन में स्थिर प्रवास कर रही थी।

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पवित्र एकादशी की कथा सुनने मात्र से ही मिलता है फल https://samacharseva.in/hearing-the-story-of-holy-ekadashi-gives-fruit-only/ Wed, 29 Jul 2020 09:48:05 +0000 https://samacharseva.in/?p=10955 पुुरुषोतम रंगा

बीकानेर(samacharseva.in)। पवित्रा एकादशी व्रत की कथा सुनने मात्र से ही यज्ञ का फल मिलता है व सुयोग्य पुत्र की प्राप्ति होती है। इस बार यह एकादशी 30 जुलाई, गुरुवार को है।

ये है व्रत विधि
– एकादशी की सुबह रोज के काम जल्दी निपटाकर साफ वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें। उपवास में अन्न ग्रहण नहीं करें, संभव न हो तो एक समय फलाहारी कर सकते हैं।
– इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान से करें। (यदि आप पूजन करने में असमर्थ हों तो पूजन किसी योग्य ब्राह्मण से भी करवा सकते हैं।)
– भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं। स्नान के बाद उनके चरणामृत को व्रती (व्रत करने वाला) अपने और परिवार के सभी सदस्यों के अंगों पर छिड़के और उस चरणामृत को पीए।
– इसके बाद भगवान को गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि पूजन सामग्री अर्पित करें। विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें एवं व्रत की कथा सुनें।
– रात को भगवान विष्णु की मूर्ति के समीप हो सोएं और दूसरे दिन यानी द्वादशी (31 जुलाई, शुक्रवार) को वेदपाठी ब्राह्मणों को भोजन कराकर व दान देकर आशीर्वाद प्राप्त करें।
– इस प्रकार पवित्रा एकादशी व्रत करने से योग्य पुत्र की प्राप्ति होती है।

ये है पवित्रा एकादशी का महत्व
पवित्रा एकादशी का महत्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताया था। उसी के अनुसार, यदि नि:संतान व्यक्ति यह व्रत पूरे विधि-विधान व श्रद्धा से करता है तो उसे पुत्र प्राप्ति होती है। इसलिए पुत्र सुख की इच्छा रखने वालों को यह व्रत अवश्य करना चाहिए। इसके महत्व को सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है और इस लोक में संतान सुख भोगकर परलोक में स्वर्ग को प्राप्त होता है।
इस दिन भगवन विष्णु का ध्यान कर व्रत रखना चाहिए। रात्रि में भगवान की मूर्ति के पास ही सोने का विधान है। अगले दिन वेदपाठी ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान देकर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। इस व्रत को रखने वाले को पुत्र रत्न की प्राप्ति अवश्य होती है। ऐसा धर्म शास्त्रों में कहा गया है।

पवित्रा व्रत की कथा इस प्रकार है-
द्वापर युग के आरंभ में महिष्मती नाम की एक नगरी थी, जिसमें महीजित नाम का राजा राज्य करता था। उसका कोई बेटा नहीं था। अपना बुढ़ापा आते देख राजा बहुत चिंतित हुए और उन्होंने अपनी यह समस्या अपने मंत्रियों व प्रजा के प्रतिनिधियों को बताई। राजा की इस बात को विचारने के लिए मंत्री तथा प्रजा के प्रतिनिधि जंगल में गए। वहां एक आश्रम में उन्होंने महात्मा लोमश मुनि को देखा। उन्होंने राजा की समस्या लोमश मुनि को बताई।  

पुुरुषोतम रंगा

मुरलीधर व्यास कोलोनी बीकानेर

9468600945

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महानन्द मंदिर में 9 दिवसीय अयुत चंडी महायज्ञ 25 जनवरी को https://samacharseva.in/9-day-ayut-chandi-mahayagna-on-25-january-at-mahanand-temple/ Wed, 22 Jan 2020 10:36:45 +0000 https://samacharseva.in/?p=8335 बीकानेर, (samacharseva.in)। हर्षोलाव तालाब के पास महानन्द मंदिर प्रांगण में 9 दिवसीय अयुत चंडी महायज्ञ का आयोजन शनिवार 25 जनवरी से रविवार 2 फरवरी तक किया जाएगा। महायज्ञ में बीकानेर सहित भारत के अनेक राज्यो से लगभग 250 विप्र बंधु शामिल होंगे।

आयोजन समिति व धर्म जागरण मंच ने महायज्ञ की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। सनातन परंपरा ओर जनकल्याण के कार्यो के सार्थक उद्देश्य को प्रोत्साहन देने के लिये आयोजित किए जा रहे

इस महायज्ञ की सफलता के लिये पंडित मक़खनलाल शास्त्री, गौ सेवी पदमाराम  कुलरिया, देवकिशन चांडक, वेद व्‍यास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति आयोजन प्रयासरत हैं।  

9-day Ayut Chandi Mahayagna on 25 January at Mahanand Temple

Bikaner, (samacharseva.in). A 9-day Ayut Chandi Mahayagya will be held on Saturday 25 January in the Mahanand Temple compound near Harsholav Pond. The Mahayagya will include about 250 Vipra brothers from many states of India including Bikaner.

The organizing committee and Dharm Jagran Manch have finalized the preparations for the Mahayagya. Many dignitaries including Pandit Makkhanlal Shastri, Gau Sevi Padmaram Kularia, Devkishan Chandak, Veda Vyalas are trying to organize the success of this Mahayagya which is being organized to promote the meaningful purpose of Sanatan tradition and public welfare works.

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म्हारो हेलो सुणों नी रामा पीर https://samacharseva.in/maharo-hello-sunon-ne-rama-peer/ Mon, 25 Nov 2019 05:53:19 +0000 https://samacharseva.in/?p=7232 International bhajan singer Sushil Gopal Bajaj sang, maharo halo sunon ni rama peer

बीकानेर, (समाचार सेवा)। म्हारो हेलो सुणों नी रामा पीर, अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भजन गायक हैदराबाद निवासी सुशील गोपाल बजाज बाबा ने रविवार को बीकानेर रामदेवजी के भक्ति गीतों की प्रस्तुति से श्रोताओं को करीब छह घंटें तक भक्ति रस में सराबोर रखा। बीकानेर के उपनगर गंगाशहर में नया बस स्टेण्ड के पास होटल मिलेनियम के प्रेक्षागृह में आयोजित बाबा रामदेवजी की भजन संध्या में कलयुग के अवतारी रामदेवजी के भक्ति गीतों की सुशील की प्रस्तुति से श्रोता मंत्रमुग्‍ध हो गए।

सुशील गोपाल ने बाबा रामदेवजी की जीवन आदर्शों पर आधारित भजन संध्या के साथ भगवान श्रीकृष्ण, नानी बाई के मायरे के प्रसंग के नरसी मेहता की हूंडी, राजस्थानी लोकनृत्य घूमर सहित विभिन्न तर्जों पर आधारित भक्ति गीत, संत नामदेवजी के प्रसंग का भक्ति गीत, बाबा रामदेवजी का संदेश व हेलो गीत सुनाकर श्रोताओं को करतल ध्वनि कर हाथ ऊपर उठाकर नृत्य करने को मजबूर कर दिया। गायक सुशील बजाज ने अपने पिता बाबा रामदेवजी के जम्मा गायक स्वर्गीय गोपाल बजाज बीकानेर में अनेक बार दी गई प्रस्तुतियों का स्मरण दिलाते हुए श्रोताओं की मांग उनके प्रचलित भजनों की प्रस्तुतियां दी।

राजस्थानी व हिन्दी के भजनों से पूर्व भगवान गणपति की वंदना, पिछम धरा सूं म्हारा बाप जी पधारिया, म्हारी हूंडी स्वीकारों सांवरा गिरधारी’’, ’’कन्हैया-कन्हैया पुकारा करेंगे’’ सहित अनेक भजन सुनाकर भक्त गीतों का समां बांध दिया। उनके साथ हैदराबाद से आए पंडित ओम प्रकाश शर्मा ने पूजा व आरती करवाई। पार्थों मुखर्जीने बले प, उपेन्द्र शर्मा उर्फ बाबा भाई ने आर्गन पर, नईम दिलशाद ने बन्जों पर, फय््याज अहमद ने ढोलक पर, कांति भाई ने ढोल पर तथा प्रणब पाल ने ऑक्टोपैड पर संगत की। उनके साथ कन्हैयालाल गुर्जर ने सह गायकी की।

कार्यक्रम संयोजक रामदेव अग्रवाल, हुलास चन्द्र अग्रवाल, सरला देवी, मधु सुदन व संगीता, नरेश व रीतिका, रामदेवजी के सुप्रसिद्ध कथावाचक मूल योगीराज, गड़ियाला गौशाला के प्रभारी सुखदेव रामावत, शंकर सोनी, द्वारका दास राठी और श्याम मोहता आदि ने बाबा रामदेव के भक्तिों ने पूजा, आरती व जोत में भागीदारी निभाई।

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भैरवनाथ जी का हरियाली और फलों का श्रृंगार https://samacharseva.in/greenery-and-fruit-makeup-of-bhairavnath-ji/ Sun, 17 Nov 2019 14:24:54 +0000 https://samacharseva.in/?p=7080 बीकानेर, (समाचार सेवा)। भैरवनाथ जी का हरियाली और फलों का श्रृंगार, नत्थूसर गेट के बाहर गोकूल सर्किल के पास स्थानीय सूरदासाणी बगेची में त्रिदिवसीय भैरवाष्टमी महोत्सव रविवार सेशुरू हुआ। महोत्सव के पहले दिन रविवार को आचार्यत्व प्रहलाद व्यास के सान्ध्यि में गवान गणेश की पूजन किया गया।

सूरदासाणी पंचायत समिति के सचिव शंकरलाल पुरोहित ने बताया  कि पूजा में यजमान बृजरतन पुरोहित, राजकुमार पुरोहित, सीए अजय कुमार पुरोहित, पं. अमित पुरोहित, विनय पुरोहित सपत्नीक उपस्थित हुए। गणेश पूजन पश्चात् भैरूंजी का पंचामृत से अभिषेक कर 11 हजार पाठ शुरू किए गए। आयोजक राजकुमार पुरोहित ने बताया कि रविवार शाम को भैरूं जी की प्रतिमा का 51 किलो का फलों एवं हरियाली से श्रृंगार किया गया।

महाआरती के पश्चात् सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम प्रभारी  पं. पंकज व्यास ने बताया कि महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को दीपमाला का आयोजन होगा व घड़साना के डेहरू भजन कलाकारों द्वारा संगीतमय भजनों की प्रस्तूती दी जाएगी ।

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