sp medical college – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Tue, 25 May 2021 06:01:22 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png sp medical college – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का उपचार शुरू https://samacharseva.in/treatment-of-black-fungus-started-in-sp-medical-college-bikaner/ Tue, 25 May 2021 06:01:22 +0000 https://samacharseva.in/?p=15145 बीकानेर, (समाचारसेवा)बीकानेर के एसपी मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का उपचार शुरू, बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का उपचार प्रारम्भ किया जा चुका है। वर्तमान में पीबीएम अस्‍पताल में ब्लैक फंगस के 06 मरीज नोटिफाइड हुए हैं।  इनमें से 04  मरीज भर्ती हैं।

यह जानकारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश चंद्र आर्य ने कलेक्‍ट्रेट सभागार में कलक्टर नमित मेहता की अध्‍यक्षता में हुई वरिष्ठ चिकित्सकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में दी। उन्‍होंने बताया कि पीबीएम अस्पताल के पोस्ट कोविड ओपीडी में मेडिसिन, ईएनटी और नेत्र चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों द्वारा सुबह 08 से दोपहर 02 बजे तक ब्लैक फंगस के मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है।

ऐसे मरीजों को भर्ती करने के लिए पीबीएम अस्पताल के पी वार्ड को चिन्हित किया गया है। डॉ. आर्य ने बताया कि पीबीएम में ब्लैक फंगस के मरीजों की शल्य क्रिया की सुविधा एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। उन्‍होंने बताया कि ब्लैक फंगस के लिए पंद्रह विभागों के चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है।

ईएनटी विभाग के आचार्य डॉ. गौरव गुप्ता तथा एड्रोक्रायनोलॉजी के सहायक आचार्य डॉ. हरदेवराम नेहरा इसके समन्वयक होंगे। वहीं नेत्र विभाग की वरि. आचार्य डॉ. अंजू कोचर को नोडल अधिकारी तथा वरि. प्रदर्शक डॉ. जितेन्द्र आचार्य को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया हैं।

समन्वयक डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में पीबीएम में ब्लैक फंगस के छह मरीज नोटिफाइड हुए हैं, इनमें से चार मरीज भर्ती हैं। बैठक में कलक्टर नमित मेहता ने पीबीएम अस्पताल में ब्लैक फंगस के उपचार से संबंधित समीक्षा की। कलक्टर ने वर्तमान में कोविड मैनेजमेंट, भर्ती मरीजों की स्थिति, ऑक्सीजन की उपलब्धता, कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर अस्पताल द्वारा की जाने वाली तैयारियों सहित पीबीएम अस्पताल में बनने वाले नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति के बारे में भी जाना।

बैठक में एडीएम (प्रशासन) बलदेव राम धोजक, नगर निगम आयुक्त एएच गौरी, प्रशिक्षु आइएएस सिद्धार्थ पलनिचामी तथा पीबीएम अधीक्षक डॉ.परमिंदर सिरोही मौजूद रहे।

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बाइक चोरी का मुख्‍य केन्‍द्र बना पीबीएम अस्‍पताल https://samacharseva.in/pbm-hospital-becomes-the-main-center-of-bike-theft/ Sun, 26 Jul 2020 06:33:43 +0000 https://samacharseva.in/?p=10832 बीकानेर, (samacharseva.in)। बाइक चोरी का मुख्‍य केन्‍द्र बना पीबीएम अस्‍पताल, बीकानेर का पीबीएम अस्‍पताल जेबकतरों, उठाईगिरों तथा चोरों का मुख्‍य अडडा तो रहा ही है, अस्‍पताल परिसर बाइक चोरी का मुख्‍य केन्‍द्र बनता जा रहा है। हर दिन पीबीएम अस्‍पताल से बाइक चोरी की घटनायें सामने आती रहती हैं। गत दिवस एक और बाइक पीबीएम अस्‍पताल परिसर से गायब हो गई।

नयाशहर थाना क्षेत्र स्थित मुरलीधर व्‍यास कॉलोनी में एफ-295 मकान के निवासी रोहिणीकुमार हर्ष पुत्र बद्रीदास हर्ष ने सदर थाना पुलिस को शनिवार शाम को दी रिपोर्ट में बताया कि सुबह लगभग 6 बजे उसकी पीबीएम अस्‍पताल में रखी बाइक कोई अज्ञात बाइक चोर चोरी कर ले गया।

थानाधिकारी ने बताया कि इस मामले में अज्ञात चोर के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच हैड कांस्‍टेबल साहबराम को सौंपी जा चुकी है। चोर और चोरी हुई बाइक की तलाश की जा रही है।

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अस्पताल के कमरों पर डॉक्टरों का अवैध कब्जा https://samacharseva.in/patient-forced-to-show-doctor-in-cold-air-openings/ Tue, 21 Jan 2020 07:32:40 +0000 https://samacharseva.in/?p=8305 सर्द हवा में खुले बरामदों में डॉक्टर को दिखाने को मजबूर मरीज

बीकानेर, (samacharseva.in)। अस्पताल के कमरों पर डॉक्टरों का अवैध कब्जा, पीबीएम अस्‍पताल से जुडे ईएनटी अस्‍पताल में पहुंचने वाले मरीज तेज सर्द हवा के बीच अस्‍पताल परिसर में बने बरामदे में डॉक्‍टर को अपना रोग बताने व जांच कराने को मजबूर है।

इसका कारण है कि अस्‍पताल परिसर के कई कमरों पर दंत रो‍ग विभाग के डॉक्‍टरों ने अवैध रूप से अपला ताला जडा हुआ है। जबकि दंत विभाग अब नई बिल्डिंग में स्‍थानांतरित कर दिया गया है।

ईएनटी अस्‍पताल परिसर में मरीजों ने बताया कि यहां पहले दंत विभाग भी था जो पूर्व में ईएनटी, ईवीई, चर्म विभाग की अस्‍पताल में ही लगता था। गत वर्ष संपूर्ण दंत विभाग को यूरोलॉजी व टीबी अस्‍पताल के पीछे बनी नई बिल्डिंग में स्‍थानांतरित कर दिया गया।

इसके बावजूद भी एसपी मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिन्सिपल व दंत विभाग के एचओडी डॉ. रंजन माथुर ने ईएनटी अस्‍पताल में अपने पुराने ओपीडी कक्ष मय हॉल व 2-3 कमरों पर अवैध रूप से ताला जडा हुआ है। इस कारण अस्‍पताल में आज भी आने वाले नेत्र व चर्म रोगों के मरीजों को पर्याप्‍त स्‍थान के अभाव में खुले बरामदे में डॉक्‍टर को अपने रोग के बारे में बताकर इलाज करवाना पड रहा है।

दंत रोग विभाग के एचओडी ने अब भी अपने पूर्व के कमरों व हॉल की चाबी पीबीएम असपताल को सुपुर्द नहीं की है। मरीजों के अनुसार डॉ. माथुर अपनी राजनीतिक पहुंच की जोर पर ईएनडी अस्‍पतालक के अपने पुराने डेंटल हॉल व उन कमरों पर ताला लगाए बैठे हैं। 

आज हालत ये है कि नेत्र विभाग व चर्म विभाग में मरीजों की संख्‍या अधिक है। नेत्र विभाग में डॉ. खुले बरामदे में टेबल लगाकर सर्द माहोल में मरीजों को देखने को मजबूर हैं क्‍योंकि उनके पास कमरे व हॉल की संबंधित स्‍थान का अभाव है।

इनका कहना है

डैंटल बिल्डिंग शिफट हो गई है। मैने अधीक्षक को निर्देश दिये थे कि पुरानी बिल्डिंग ईएनटी / आई विभाग को दे दी जाए। अभी तक ऐसा क्‍यों नहीं हुआ मैं पीबीएम अधीक्षक से बात करता हूं।

डॉ. एच. एस. कुमार

प्रिन्सिीपल एवं नियंत्रक

एसपी मेडिकल कॉलेज

बीकानेर।  

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ये दुष्प्रचार है, ‘खुलासा’ नहीं -आरएमसीटीए https://samacharseva.in/this-is-propaganda-not-a-disclosed-rmcta/ Tue, 17 Dec 2019 15:15:51 +0000 https://samacharseva.in/?p=7570 बीकानेर, (समाचार सेवा)। ये दुष्‍प्रचार है, ‘खुलासा’ नहीं-आरएमसीटीए राजस्‍थान मेडिकल कॉलेज टीचर ऐसासियेशन (आर.एम.सी.टी.ए.) बीकानेर शाखा के अनुसार बीकानेर में चिकित्‍सकों के आवासीय परिसर में दवा विक्रय दुकानें नियमानुसार है एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की जा रही है।

एसोसियेशन के सदस्‍यों ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर के प्रधानाचार्य डॉ. एच.एस. कुमार को आश्वस्त किया कि जो भी कार्य हो रहा है वह मरीजों के हितार्थ है, चूंकि कई दवाइयां बिना डॉक्टर की पर्ची के बिना उपब्लध नहीं होती है, इसलिए मरीजों के सुविधा के लिए ही डॉक्टर्स के चैम्बर्स के पास ही दवा दुकानें है।

यह दुकानें चिकित्सकों द्वारा संचालित नहीं की जा रही है बल्कि किरायें/ लीज पर समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति के पश्चात दी गई है। उक्त संचालित दवा दुकानों के लिए किराये को चिकित्सकों द्वारा स्वयं के आय में शामिल कर निर्धारित टैक्स दिया जाता रहा है।

आर.एम.सी.टी.ए. बीकानेर शाखा की मंगलवार को हुई आमसभा में चिकित्सक शिक्षकों ने राजकीय सेवा नियमों, एवं आचरण नियमों का विस्तृत एवं विधि सम्मत कार्यों की चर्चा की। संगठन के अध्यक्ष डॉ. गुंजन सोनी ने बताया कि आमसभा में चिकित्सकों के आवास पर संचालित की जाने वाली दवा दुकानों के क्रम में विश्लेषण के उपरांत यह निष्कर्ष निकाला गया कि कतिपय लोगों किया यह दुष्प्रचारित तथ्य आधारहीन है।

इसका समस्त चिकित्सक शिक्षकों ने पुरजोर खंडन किया। सदस्‍यों के अनुसार कोई भी चिकित्सक शिक्षक राजस्थान सेवा नियमों के विरुद्ध कार्य नहीं कर रहा है।  

इस मिटिंग में डॉ. सुरेन्द्र बेनीवाल, डॉ. महेन्द्र सिसोदिया, डॉ. विजय कुमार टुंडवाल, डॉ.  आई. डी. चारण, डॉ. मनोज मीणा, डॉ.  बी.सी.घीया, डॉ. आर.डी. मेहता, डॉ. कांता भाटी, डॉ. अभिषेक कोचर, डॉ.  बी.एस.सेंगर, डॉ. सुशील फलोदिया, डॉ. संदीप बुरी, डॉ. जितेन्द्र फलोदिया, डॉ. हरदेव नेहरा आदि समस्त आर.एम.सी.टी.ए. सदस्‍य शामिल हुए।

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जीवन रक्षा अस्पताल में भामाशाह कार्डधारक भी करवा सकेंगे इलाज https://samacharseva.in/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be/ Sun, 17 Jun 2018 06:01:36 +0000 https://samacharseva.in/?p=2052 बीकानेर। सार्दुलगंज में नये शुरू हुए जीवन रक्षा अस्पताल में भामाशाह कार्डधारक भी सरकारी योजना के तहत अपना ईलाज करा पाएं इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैं।

हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ. पवन चौधरी ने ‘समाचार सेवा’ को बताया कि अस्पताल टीम का मुख्य ध्येय रोगियों को कम कीमत पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराना है।

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जिला पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा का स्वारगत करते जीवन रक्षा अस्ता पा ल के संचालकगण।

उन्होंने बताया कि जीवन रक्षा अस्पताल पूर्णतया वातानुकूलित हॉस्पिटल है। इसमें 70 बैड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मोडयूलर आॅपरेशन थियेटर, संपूर्ण सुविधायुक्त पीआईसीयू, एनआईसीयू, डायलिसिस, पेन क्लिनिक, वर्टाइगो क्लिनिक, सभी तरह की कैंसर सर्जरी, कीमोथैरेपी, बेरियाट्रिक सर्जरी, आधुनिक उपकरा युक्त लैबोरेट्री की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।

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जीवन रक्षा अस्प ताल के शुभारंभ अवसर पर दीप प्रज्ज वलन करते अतिथि।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में पेट का दूरबीन से आॅपरेशन व आधुनिकतम फार्मेसी की सुविधा भी उपलब्ध है। डॉ. चौधरी ने बताया कि हॉस्पिटल के जनरल वार्ड भी वातानुकूलित सुविधा से युक्त और संक्रमण से मुक्त है।

* ये चिकित्सक करेंगे जीवन रक्षा अस्पताल में इलाज

जीवन रक्षा अस्पताल में निश्चेतना एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. धनपत डागा अपनी सेवायें देंगे। अस्पताल प्रबंधक डॉ. पवन चौधरी ने बताया कि मरीजों को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. भावना दास, जनरल फिजिशियन डॉ. विकास पारीक, जनरल व लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. देवेन्द्र पुरोहित, कान, नाक व गला रोग एवं मुंह और गला कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण छींपा, डॉ. नितिन गुप्ता, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. चेतन श्रीवास्तव, नवजात एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुचिता बोथरा, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. सुगीता पारीक, आॅडियोलोजिस्ट एवं स्पीच थैरेपिस्ट मोहित ओझा की सेवाएं मिल सकेगी।

* चिकित्सकों के परिजनों ने किया अस्पताल का शुभारंभ

आपको बता दें कि सार्दुल गंज में स्थापित की गई जीवन रक्षा अस्पताल का शुभारंभ शनिवार 16 जून को किया गया है। हॉस्पिटल का शुभारंभ चिकित्सकों के माता-पिता के कर कमलों से किया गया। हॉस्पिटल के चिकित्सकों का मानना है कि जीवन देने वालों के हाथों से ही इस हॉस्पिटल का शुभारंभ किया गया है। इन्हीं के आशीर्वाद से ईश्वर ने हमें लोगों की सेवा का करने का मौका दिया है।

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* इनसे बढ़ी शुभारंभ समारोह की शोभा

जीवन रक्षा अस्‍पताल के शुभारंभ समारोह में अनेक गणमान्‍यजन शामिल हुए। इनमें बीकानेर के जिला पुलिस अधीक्षक सवाई सिंह गोदारा, एस. पी. मेडिकल कॉलेज बीकानेर के प्राचार्य डॉ. आर. पी. अग्रवाल, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. बी. आर. छींपा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेन्द्र चौधरी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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झटपट होगी पुरुष नसबंदी, आधे घंटे में जा सकेंगे घर https://samacharseva.in/ab-jhatapat-hogi-purush-nasbandi/ Fri, 04 May 2018 14:46:50 +0000 https://samacharseva.in/?p=1057 बीकानेर, (समाचार सेवा)। अस्‍पतालों में अब झटपट होगी पुरुष नसबंदी, आधे घंटे में ही नसबंदी कराने वाला पुरुष अपने घर जा सकेगा और अपने काम पर भी जल्‍द लौट सकेगा। आमजन में पुरूष बंदीवार दिवस के प्रभावी प्रचार-प्रसार गतिविधियां भी आयोजित की जायेगी।

आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य ने बताया कि नयी पद्धति के चलते अब पुरुष झटपट नसबंदी कराके आधे घंटे में घर जा सकते है और जल्‍द काम पर लौट सकते हैं। एनएसवी को आम जुबान में नसबंदी की बिना चीरा, बिना टांका पद्धति कहा जाता है।

जानकारी के अनुसार राज्‍य सरकार ने परिवार नियोजन के स्थायी साधनों को अपनाने में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूष नसबंदी दिवस आयोजित करने का निर्णय लिया है।

राज्‍य के स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नवीन जैन ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को नियत दिवस नसंबदी सेवा कार्ययोजना के तहत प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूष नसबंदीवार आयोजित करने को कहा है।

सभी उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले में उपलब्ध एनएसवी प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं की टीम की संख्या के अनुरूप कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। जिन जिलों में एनएसवी प्रशिक्षितसेवा प्रदाताओंकी कमी है, उन्हें नामांकन भेजने को कहा गया है।

बीकानेर के डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राधेश्याम वर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक ब्‍लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तीसरे बुधवार से कम से कम 10 दिन पहले तैयारी बैठक आयोजित कर प्रभावी रणनीति बनायी जायेगी।

उन्होंने इस कार्यक्रम में जिला स्तर, ब्लाक स्तर, प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी, एलएचवी, एएनएम ब्लाक ध्पीएचसी आशा सुपरवाईजर एवं आशा सहयोगिनियों द्वारा एक टीम के रूप में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मिशन निदेशक द्वारा कार्यक्रम की प्रभावी माॅनिटरिंग हेतु संभागवार राज्य स्तर की टीमें गठित कर दी गयी है। जिला एवं ब्लाॅक स्तर पर भी पुरूषबंदीवार दिवस की सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

एनएसवी में है समझदारी

वर्तमान में पुरुष नसबंदी करवाने पर क्षतिपूर्ति राशि स्वरुप 2000 रूपए सरकार द्वारा दिए जाते हैं जबकि महिला नसबंदी पर 1400 रूपए। एनएसवी (नो स्कैल्पल वसेक्टमी) के रूप में नसबंदी की नयी पद्धति का प्रयोग शुरू होने के बाद परिवार कल्याण कार्यक्रम के परिदृश्य में बदलाव की जमीन तैयार होने लगी है।

 

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