rail karamchari – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Thu, 19 Jul 2018 12:08:44 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png rail karamchari – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 दृष्टिहीन यात्री भी जान सकेंगे रेल के डिब्‍बों में लिखे संकेतक https://samacharseva.in/drishtiheen-yatri-bhi-jaan-sakenge-rail-dibbo-me-likhenge-sanketak/ Thu, 19 Jul 2018 12:08:44 +0000 https://samacharseva.in/?p=2818 जयपुर, (समाचार सेवा)। दृष्टिहीन यात्री भी जान सकेंगे रेल के डिब्‍बों में लिखे संकेतक। उत्तर पश्चिम रेलवे द़वारा ट्रेन में यात्रियों को उत्कृष्ट सुविधायें प्रदान करने के लिये डिब्बों में बेहतर गुणवत्ता के ब्रेल लिपि युक्त साइनेज (संकेतक) लगाये जा रहे है।

यह कार्य केन्‍द्रीय रेलमंत्री भारत सरकार पीयूष गोयल की पहल से किया जा रहा है। एक कोच में ब्रेल लिपि साइनेज लगाने का खर्च लगभग 20 हजार तक आता है।

अब तक 250 कोच में ब्रेल साइनेज लगाने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। जबकि 400 कोच में लगाने आदेश जारी किये जा चुके हैं। साथ ही 1950 कोच के लिये प्रक्रिया जारी है। इनके होने से उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी कोच में इन साइनेज को लगाने का कार्य हो जायेगा।

वर्तमान में कोच में साइनेज (संकेतक) के लिये गम स्टिकर का उपयोग किया जाता है। ऐसे गम स्टिकर थोडे समय बाद या तो हट जाते हैं या इधर-उधर से कट जाते है, गन्दे हो जाते है, जिससे इनकी दृष्यता कम, खत्म हो जाती है।

इससे यात्री अनावश्‍यक रूप से परेशान होते है। नये प्रकार के मैटेलिक बेस के ब्रेल साइनेज लगाये जाने में यह स्थाई रूप से लगे रहेगें। इनकी क्वालिटी बेहतर होने से इनकी दृष्यता अच्छी रहेगी तथा यह टिकाऊ व लम्बे समय तक चलेगें।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरूण जैन के अनुसार यात्रियों को कोच के अन्दर किसी भी प्रकार की जानकारी आसानी से उपलबध हो इसके लिये प्रत्येक कोच में ब्रेल लिपि युक्त साइनेज (संकेतक) लगाये जा रहे हैं।

यह साइनेज उत्कृष्ट क्वालिटी के मैंटेलिड बेस पर बनाये जा रहे है, इनकी दृष्यता बेहतर होने के कारण यह सभी यात्रियों के लिये उपयोगी होगें साथ ही ब्रेल में होने से दृष्टिहीन यात्री भी आसानी से सुविधाओं का उपयोग कर सकेगें।

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मांगे नहीं मानी तो रेलकर्मी करेंगे रेल का चक्का जाम https://samacharseva.in/mange-nahi-mani-to-railkarmi-karenge-rail-ka-chakka-jam/ Tue, 08 May 2018 16:45:53 +0000 https://samacharseva.in/?p=1151 बीकानेर, समाचार सेवा।  मांगे नहीं मानी तो रेलकर्मी करेंगे रेल का चक्का जाम! डीआरएम कार्यालय के सामने भूख हडताल पर बैठे रेलकर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी तो वे रेल का चक्‍का जाम कर देंगे।

नई पेंशन नीति के स्थान पर गारंटीड पेंशन तथा रेलवे में निजीकरण को रोकने सहित विभिन्‍न मांगों के लिये रेलकर्मियों ने मंगलवार 8 मई से बीकानेर में डीआरएम कार्यालय के पास 72 घंटे का क्रमिक अनशन  भूख हडताल शुरू की है।

रेल कर्मचारी नेता व नार्थ वेस्ट र्न रेलवे एम्लाइज युनियन बीकानेर अनिल व्यास ने बताया कि नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्लाइज युनियन मुख्यालय जयपुर  व ऑल इंडिया रेलवे मैन्सी फेडरेशन के आव्हान पर शुरू किए गए इस क्रमिक अनशन भूख हडताल के बाद भी सरकार ने मांगे नहीं मानी तो रेल कर्मचारी रेल का चक्का जाम कर देंगे। उन्होनें बताया कि 8 मई से शुरू हुआ उनका क्रमिक अनशन 11 मई की सुबह 9 बजे तक चलेगा।

वेतन पाने के लिये संविदा फार्मासिस्टों का अनशन शुरू

पीबीएम अस्पंताल में कार्यरत फार्मासिस्‍टों  ने अपना वेतन पाने तथा बढे हुए वेतन का एरियर देने की मांग पर मंगलवार 8 मई से पीबीएम अस्पबताल के मुख्यथ दÞवारा के पास अपना अनशन शुरू किया है।

इसके तहत राजस्था्न फार्मासिस्टम हितकारी संघ (राज.) प्रदेश उपाध्यसक्ष दीपक कुमार छंगाणी अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे जबकि तीन अन्यर संविदा फार्मासिस्टद देवीलाल दैया, हेतराम कासनिया व बाबूलाल क्रमिक अनशन पर बैठेंगे।

फार्मासिस्ट  छंगाणी ने बताया कि पीबीएम अस्पकताल में कार्यरत तीन तीन संविदा कर्मी फार्मसिस्ट्  देवीलाल दैया, हेतराम कासनिया व बाबूलाल को पिछले पांच साल यानी जुलाई 2013 से आज तक वेतन नहीं मिला है।

उन्होने बताया कि इस मामले में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर से अनेक बार बात की गई मगर सकारात्मकक जवाब नहीं मिला है। छंगाणी के अनुसार अब जब तक इस समस्या  का समाधान नहीं हो जाता है अनशन जारी रहेगा।

उन्होंतने बताया कि उनकी कुल हमारी आठ मांगे हैं। जिन्हे  लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है और इसका कारण एम के मेडिकल सर्विसेज प्रोवाईडर कंपनी है जिसकी पीबीएम अस्पाताल प्रशासन की साठ गांठ है।

कंपनी फार्मासिस्टों के बिल पेश नहीं कर रहे हैं और अस्पाताल प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसी कारण भुगतान अटका हुआ है।

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