rail in desert – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Mon, 25 Jun 2018 00:16:37 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png rail in desert – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 धूलभरी आंधियां नहीं रोक पाई है रेल का रास्‍ता https://samacharseva.in/dhul-bhari-aandhia-bhi-nahi-rok-pai-rail-ka-rasta/ Mon, 18 Jun 2018 13:07:30 +0000 https://samacharseva.in/?p=2079 जयपुर। राज्‍य के रैतीले इलाकों में धूलभरी तेज आंधियां चलने तथा रेलवे ट्रेक रेत के नीचे दब जाने के बावजूद उत्‍तर पश्चिम रेलवे की रेल सेवायें निर्बाध जारी हैं।

यह संभव हो पाया है रेलवे के कर्मठ गैंगमैनों के कारण, ये उन गैंग मैनों की पिछले एक सप्‍ताह से लगातार की जा रही मेहनत का ही नतीजा है कि जोधपुर-जैसलमेर तथा बाड़मेर-मुनाबाव रेलखण्डों के रेत में दबे ट्रेक से भी समय पर रेत हटाई जा रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी तरूण जैन ने बताया कि रेतीले तूफानों के कारण जोधपुर-जैसलमेर तथा बाड़मेर-मुनाबाव रेलखण्डों पर रेलवे ट्रैक रेत में दब गए थे।

इस कठिन समय में भी उत्तर पश्चिम रेलवे के रेलकर्मियों ने अपने अथक प्रयासों से रेत को ट्रेक से हटाकर रेलमार्ग चालू रखा।

उन्‍होंने बताया कि पिछले 5-6 दिनों में लगातार आये रेतीले तूफान ने रेगिस्तानी इलाकों में रेलवे ट्रेक को रेत से ढक दिया था, जिन पर गाड़ी का संचालन संभव नहीं था।

भयंकर आंधियों तथा झुलसाने वाली तेज गर्मी में रेत को हटाना एक अत्यंत कठिन कार्य था। रेलवे ने इस कार्य हेतु गैंगमैन नियुक्त किये जिन्होंने भीषण गर्मी में भी रेत को ट्रैक से हटाया तथा रेलमार्ग को रूकने नहीं दिया।

जैन ने बताया कि रेतीले तूफान में जोधपुर-जैसलमेर तथा बाड़मेर-मुनाबाव खण्ड पर ट्रैक पर रेत अधिक थी। रेलवे के सामने समय पर गाड़ी चलाना एक चुनौती भरा काम था।

इसके लिए एक टीम गठित की गई, जिसने तय किया कि गाड़ियों का संचालन समय पर हो।

उन्‍होंने बताया कि मौसम में दृष्यता न्यून थी जिसके कारण सिगनल देखने तथा रेत हटाने का कार्य काफी कठिन था, परन्तु विभिन्न विभागों के रेलकर्मियों की संयुक्त टीम ने अथक परिश्रम कर इस चुनौती पूर्ण कार्य को पूर्ण किया और तूफान का रेल संचालन पर प्रभाव नहीं पड़ने दिया।

रेलवे का इन साहसी रेलकर्मियों पर गर्व करने का हक बनता है।

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