Program coordinator Dr. Meghna Sharma – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Tue, 17 Jan 2023 15:01:54 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png Program coordinator Dr. Meghna Sharma – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 विवेकानंद बनने के लिये जरूरी है डिफरेंसियेशन, डिसीजन और डिटर्मिनेशन–स्‍वामी विमर्शानंद https://samacharseva.in/differentiation-decision-and-determination-are-necessary-to-become-vivekananda-swami-vimarshananda/ Tue, 17 Jan 2023 14:13:26 +0000 https://samacharseva.in/?p=20672 महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय के विवेकानंद वीथी परिसर में हुआ आयोजन

NEERAJ JOSHI (समाचार सेवा) बीकानेर। विवेकानंद बनने के लिये जरूरी है डिफरेंसियेशन, डिसीजन और डिटर्मिनेशन–स्‍वामी विमर्शानंद, लालेश्वर महादेव मठ शिवबाड़ी बीकानेर के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानन्द जी महाराज ने कहा कि विवेकानंद बनने के लिये एक युवा में डिफरेंसियेशन, डिसीजन और डिटर्मिनेशन जैसे गुण होना बहुत जरूरी है।

Differentiation, Decision and Determination are necessary to become Vivekananda – Swami Vimarshananda

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महाराज मंगलवार को महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के विवेकानंद वीथी परिसर में इतिहास विभाग की ओर से विवेकानंद जयंती सप्ताह के तहत आयोजित युवा जागरण दिवस विस्तार व्याख्यान को मुख्‍य वक्‍ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि युवा यदि प्रश्न पूछेंगे, जिज्ञासा रखेंगे तो विवेकानंद का गुरुत्व अपने आप स्वयं में महसूस कर सकेंगे। कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो.विनोद कुमार सिंह ने कहा कि स्‍वामी विवेकानंद युवाओं को चिरयुवा बनाने काम किया।

उन्‍होंने कहा कि युवा को विकसित करने में उसकी परवरिश का बहुत बड़ा योगदान होता है। इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छंगाणी ने युवाओं को प्रेरित करने में स्‍वामी विवेकानंद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

आयोजन सचिव, संपूर्ण आयोजन की संचालनकर्ता व इतिहास विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को अपने अंदर नेतृत्व क्षमता का विकास करना बहुत आवश्‍यक है।

कार्यक्रम में छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेन्द्र प्रताप सिंह सहित निधि, सुमन, आरती, भवानी, गुनगुन, हिमांशु, शीतल, अंजलि ने स्‍वामी विमर्शानन्द जी को भगवद् गीता की प्रति भेंट की। समारोह में डॉ. अभिषेक वशिष्ठ, डॉ. प्रगति सोबती,

डॉ. गौतम मेघवंशी, डॉ. प्रभु दान चारण, उमेश शर्मा, डॉ. रितेश व्यास, डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. राकेश किराडू, डॉ. मदन राजोरिया, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, रामावतार उपाध्याय, राजेश चौधरी, सुधीर छीपा, सुनीता स्वामी, जसप्रीत सिंह व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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प्राचीन धरोहर को संरक्षित नहीं किया तो आगे भी भुगतनी पड़ेंगी कोरोना जैसी विपदाएं – प्रो. विनोद कुमार सिंह https://samacharseva.in/if-the-ancient-heritage-is-not-protected-we-will-have-to-face-calamities-like-corona-in-future-too-prof-vinod-kumar-singh/ Tue, 22 Nov 2022 14:31:12 +0000 https://samacharseva.in/?p=20509 विश्व धरोहर संरक्षण सप्ताह  – महाराजा गंगासिंह विवि में हुई मुद्राशास्त्र और संग्रहालय संरक्षण पर राष्ट्रीय कार्यशाला

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) प्राचीन धरोहर को संरक्षित नहीं किया तो आगे भी भुगतनी पड़ेंगी कोरोना जैसी विपदाएं – प्रो. विनोद कुमार सिंह, महाराजा गंगा सिंह विश्‍व विद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि आज समय आ चुका है कि अब हम अपनी प्रकृति और प्राचीन धरोहर को संरक्षित रखने हेतु तत्पर हों, नहीं तो विश्व को भविष्य में भी कोरोना जैसी विपदाएं और भुगतनी पडेंगी।

If the ancient heritage is not protected, we will have to face calamities like Corona in future too – Prof. Vinod Kumar Singh

If the ancient heritage is not protected, we will have to face calamities like Corona in future too – Prof. Vinod Kumar Singh

कुलपति प्रो. सिंह मंगलवार को विवि के सेंटर फॉर म्यूज़ीयम एंड डॉक्युमेंटेशन के बैनर तले विश्व धरोहर संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की अध्‍यक्षता करते हुए अपनी बात रख रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि धरोहर संरक्षण के लिये प्रत्‍येक आयुवर्ग के लोगों को इसकी आवश्‍यकता समझते हुए साथ आना होगा। इतिहास विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में मुद्राशास्त्र व संग्रहालय संरक्षण पर चर्चा की गई।

mgs university bikaner-3

सेंटर फॉर म्यूज़ीयम एंड डॉक्युमेंटेशन की डाइरेक्टर तथा राष्‍ट्रीय कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि देश के संग्रहालय भारत की संस्कृति और प्राचीन धरोहर के प्रतिबिंब हैं।

कार्यशाला में बीज वक्ता जयपुर के पुरातत्व व संग्रहालय विभाग के पूर्व उत्खनन अधीक्षक डॉ. ज़फर उल्लाह ख़ान ने भारत की प्राचीन मुद्राओं को पहचानने, उनकी लिपि को पढ़ने व संग्रहालयों में उनके प्रदर्शन की तकनीक को लेकर मुख्य रूप से अपना उद्बोधन दिया।

mgs university bikaner-1

इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छंगाणी ने स्‍वागत भाषण दिया।  कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में विद्यार्थी  मनोज मीणा, पवन सारस्वत, खुशबू तेजी,  व गौतम आचार्य ने विषय विशेषज्ञ से प्रश्न पूछे।

संचालन डॉ. रितेश व्यास ने किया। कार्यशाला में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों सहित बी. जे. एस. रामपुरिया कॉलेज, बिन्नाणी कॉलेज, सिस्टर निवेदिता कॉलेज, जैन महिला महाविद्यालय के विद्यार्थी शामिल रहे।

कुलसचिव अरुण कुमार शर्मा ने आभार जताया।

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समाज मे चित्रकला का महत्व उजागर करती है अजंता आर्ट – प्रो. विनोद   https://samacharseva.in/ajanta-art-highlights-the-importance-of-painting-in-society-prof-vinod/ Thu, 29 Sep 2022 09:50:43 +0000 https://samacharseva.in/?p=19765 डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बताई अजंता आर्ट की बारीकियां

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) समाज मे चित्रकला का महत्व उजागर करती है अजंता आर्ट – प्रो. विनोद, महाराजा गंगासिंह विश्‍वविध्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अजंता की चित्रकला समाज में चित्रकला के महत्‍व को उजागर करती हैं।

Ajanta Art highlights the importance of painting in society – Prof. Vinod 29BKN PH

Ajanta Art highlights the importance of painting in society – Prof. Vinod 29BKN PH

डॉ. सिंह एमजीएसयू के ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग में अजंता चित्रकला आधारित डॉक्यूमेंट्री शो के दौरान हुए एक प्रायोगिक सत्र की अध्‍यक्षता कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि अजन्ता आर्ट का ऐतिहासिक महत्व है।

इस आर्ट से तत्कालीन समाज मे चित्रकला का महत्व उजागर होता है। कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को इस प्रकार के प्रायोगिक सत्रों में भाग लेकर अपने ज्ञान को समृद्ध करते रहना चाहिये।

Ajanta Art highlights the importance of painting in society – Prof. Vinod 29BKN PH-2

Ajanta Art highlights the importance of painting in society – Prof. Vinod 29BKN PH-2

विवि की ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि अजन्ता चित्रकला का अध्ययन कला के विद्यार्थियों के लिए अति आवश्यक है क्योंकि एक तो ये इनके पाठ्यक्रम का हिस्सा है और दूसरा इससे तत्कालीन चित्रकला की गुण विशेषताओं और चित्रण की तकनीकी जानकारिया प्राप्त होती है।

विभागाध्यक्ष प्रो. राजाराम चोयल के अनुसार प्रायोगिक ज्ञान में ऐसी डॉक्यूमेंट्री सहायक सिद्ध होंगी। कार्यक्रम के दौरान गुजरात में उस्ता कला का प्रशिक्षण देकर लौटे एमजीएसयू के ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग के चार विद्यार्थियों को कुलपति ने प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।

डॉक्यूमेंट्री सत्र में विभाग के संकाय सदस्य डॉ. राकेश किराडू और डॉ. मदन राजोरिया, विद्यार्थी शामिल रहे।

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अमृत महोत्सवमय हुआ एमजीएसयू कुलपति सचिवालय https://samacharseva.in/mgsu-vice-chancellor-secretariat-became-amrit-mahotsav/ Fri, 29 Jul 2022 01:58:06 +0000 https://samacharseva.in/?p=19076 चित्रकला विद्यार्थियों ने तैयार की अमृत महोत्सव कलाकृति तैयार : डॉ. मेघना शर्मा

बीकानेर (समाचार सेवा) अमृत महोत्सवमय हुआ एमजीएसयू कुलपति सचिवालय, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर में राज्यपाल कलराज मिश्र के स्वागत की तैयारियों के तहत गुरुवार 28 जुलाई को चित्रकला विभाग के विद्यार्थियों द्वारा आज़ादी के अमृत महोत्सव थीम पर आधारित विशाल कलाकृति को कुलपति सचिवालय में स्थान दिया गया।

चित्रकला विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया की कुलपति सिंह ने पहली बार नवाचार करते हुये किसी भी प्रकार की कलाकृति को अपने सचिवालय में लगवाने के आदेश देकर आज़ादी के दीवानों के प्रति ना सिर्फ़ सम्मान प्रकट किया बल्कि कलाकृति तैयार करने वाले सभी विद्यार्थियों को आज़ादी के अमृत महोत्सव के सुअवसर पर 75 स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र बनाकर उन्हें सच्चे अर्थों में श्रद्धांजलि देने हेतु भी प्रेरित किया।

वीसी प्रो. सिंह के अनुसार राज्यपाल के आगामी 31 जुलाई को विश्वविद्यालय में संविधान पार्क एवं ऑक्सिजन पार्क के लोकार्पण व सोलर पार्किंग के शिलान्यास के क्रम में आगमन की तैयारियों की शृंखला के तहत परिसर के समस्त  विद्यार्थियों को आयोजन से जोड़ने की प्रक्रिया और उन्हें प्रोत्साहित करने हेतु ये कदम उठाया गया है।

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महिलाओं को दोयम दर्जा देने की सोच का पूरी तरह से नष्ट होना जरूरी : डॉ. मेघना शर्मा https://samacharseva.in/the-idea-of-giving-second-status-to-women-needs-to-be-completely-destroyed-dr-meghna-sharma/ Wed, 09 Mar 2022 03:01:09 +0000 https://samacharseva.in/?p=18294 बीकानेर, (समाचार सेवा)। महिलाओं को दोयम दर्जा देने की सोच का पूरी तरह से नष्ट होना जरूरी : डॉ. मेघना शर्मा, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर की प्रोफेसर डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि महिला को दोयम दर्जे से अब काफी हद तक मुक्ति मिली है किन्तु इस समस्या को समूल नष्ट किया जाना अब भी बाकी है।

Dr. Meghna Sharma of Bikaner was honored with the Change Maker of the Year 2022 Award.

Dr. Meghna Sharma of Bikaner was honored with the Change Maker of the Year 2022 Award.

डॉ. मेघना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम द्वारा रोहतक में आयोजित ‘वूमैन अचीवर्स अवार्ड-2022’ के उद्घाटन समारोह में ऑन लाइन माध्यम से अपने विचार रख रही थीं।

उन्होंने कहा कि दोयम दर्जे को मिटाने की दिशा में सतत कार्य करते रहना आवश्यक है ताकि इस समस्या को समूल नष्ट किया जा सके और एक बेहतर समाज का निर्माण किया जा सके।

समारोह में बीकानेर से डॉ. मेघना शर्मा सहित राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और महाराष्ट्र से भी विभूतियों को चेंज मेकर ऑफ द ईयर 2022 अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

आयोजन के दौरान इंडोनेशिया से डॉ. अन्ना, ईरान से डॉ. मदंना के मोहम्मदी, आस्ट्रेलिया से डॉ. लूनिट रसल, मैक्सिको से डॉ. मरियाना ग्रेशिया, सिंगापुर से डॉ. चयनिका सक्सेना, अफ्रीका से डॉ. मलिंगा नायडू, न्यूजीलैंड से डॉ. जेड सोफिया,

कनाडा से डॉ. मनप्रीत गिल, रशिया से प्रो. नतालिया वैलिके, मॉरिशस से नूराना स्मोटली व सकीना खान, इटली से संजना तिवारी, यूके से रविजोत जया, सैलेना, नीदरलैंड से हरप्रीत चरण का सम्मान किया गया।

समारोह की मुख्य अतिथि जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की कुलपति पद्मश्री प्रो. नजमा अख्तर रहीं। इनकम टैक्स कमिश्नर आभा सिंह, सोनीपत की सिविल जज डॉ. रेखा सालूके, पूर्व आईएएस आर. आशाथम्पी, राष्‍ट्रपति अवार्डी डॉ. मुक्ता, युवा राजनीतिज्ञ नौक्षम चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

डॉ. मेघना बनी चेंज मेकर ऑफ द ईयर 2022

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर की  डॉ मेघना शर्मा को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके द्वारा की गई गतिविधियों और शोध हेतु गचेंज मेकर ऑफ द ईयर 2022ग अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया।

Dr. Meghna Sharma of Bikaner was honored with the Change Maker of the Year 2022 Award

Dr. Meghna Sharma of Bikaner was honored with the Change Maker of the Year 2022 Award

डॉ. मेघना को यह अवार्ड अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ग्लोबल इंटेलेक्चुअल फोरम द्वारा रोहतक में आयोजित ‘वूमैन अचीवर्स अवार्ड-2022’ के उद्घाटन समारोह में प्रदान किया गया।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित इस समारोह में 12 देशों सहित भारतभर की महिलाएं ऑनलाइन माध्यम से जुड़ी।

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महिला सशक्तिकरण के लिये कानून के साथ-साथ भावना को जोड़ना जरूरी : डॉ. मेघना शर्मा https://samacharseva.in/it-is-necessary-to-combine-emotion-with-law-for-women-empowerment-dr-meghna-sharma/ Sun, 06 Feb 2022 04:13:06 +0000 https://samacharseva.in/?p=18074 महात्मा फुले आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स कॉलेज रायगढ़ का राष्‍ट्रीय वेबीनार

बीकानेर, (समाचार सेवा)महिला सशक्तिकरण के लिये कानून के साथ-साथ भावना को जोड़ना जरूरी : डॉ. मेघना शर्मा, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू)बीकानेर के सेंटर फॉर विमेंस स्टडीज की डायरेक्टर डॉ मेघना शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिये कानून के साथ-साथ भावना को जोड़ना जरूरी है।

It is necessary to combine emotion with law for women empowerment Dr. Meghna Sharma

It is necessary to combine emotion with law for women empowerment Dr. Meghna Sharma

डॉ. मेघना रविवार को रायगढ़ महाराष्‍ट्र के रैयत शिक्षण संस्थान के महात्मा फुले आर्ट्स साइंस एंड कॉमर्स कॉलेज के इतिहास विभाग आइक्यूएसी और वूमेन डेवलपमेंट सेल की ओर से आजादी के 75 वर्षों में महिला सशक्तिकरण विषय पर आयोजित राष्‍ट्रीय वेबीनार को बीज वक्ता के रूप में संबोधित कर रही थी।

उन्होंने कहा कि कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को मनाते समय हम बहुत से ऐसे कानूनों को गिना सकते हैं जो महिलाओं के हितों को सुरक्षित करने के लिए बनाए गए किंतु सवाल यह उठता है कि इनमें से कितने कानून ऐसे हैं जिनके बारे में महिलाओं को पूरी जानकारी है?।

It is necessary to combine emotion with law for women empowerment Dr. Meghna Sharma.

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डॉ. मेघना ने कहा कि अकादमिक संस्थानों को व्याख्यानों के अलावा विद्यार्थी वर्ग को फील्ड में उतारने की जरूरत है जहां युवा वर्ग को अंदरूनी क्षेत्रों में टीम बनाकर भेजने के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिला आबादी को अपने अधिकारों के प्रति जागृत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्नों को समझते हुए देखें तो महिला संबंधी सुधार आधुनिक इतिहास के धर्म सुधार आंदोलन से आरंभ हो चुके थे जिन्हें संविधान निर्माताओं ने गति प्रदान की और कानून बनाकर महिलाओं की स्थिति को मजबूत बनाया।

इससे पूर्व स्वागत भाषण कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश. ए. ठाकुर ने दिया। संगोष्ठी संचालन वूमेन डेवलपमेंट सेल की चेयरपर्सन डॉ लीना मेशराम ने किया।रिसोर्स पर्सन के रूप में मुंबई यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद् प्रो अनिल बंकर ने विचार रखे। संगोष्ठी में देश भर से विद्वानों, शोधार्थियों और विद्यार्थी वर्ग ने हिस्सा लिया। नंदिनी गायकवाड़ ने आभार जताया।

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बच्चों को विद्वान बनाने का प्रयास करें अभिभावक : प्रो. विनोद कुमार सिंह https://samacharseva.in/parents-should-try-to-make-children-scholars-prof-vinod-kumar-singh/ Thu, 23 Dec 2021 02:58:03 +0000 https://samacharseva.in/?p=17685 बीकानेर, (समाचारसेवा)। बच्चों को विद्वान बनाने का प्रयास करें अभिभावक : प्रो. विनोद कुमार सिंह, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने अभिभावकों से आव्हान किया है कि वे अपने बच्चों को विद्वान बनाने का प्रयास करें।

कुलपति प्रो. सिंह बुधवार को जैन कन्या पीजी कॉलेज के वार्षिकोत्सव व पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी को ऐसी विद्या प्राप्त करनी चाहिए जिससे उसमें विनम्रता आये।

कुलपति ने कहा कि विनम्रता से पात्रता आती है, पात्रता से धन की प्राप्ति होती है और धन का उपयोग धर्म के लिए भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर में सेंटर फॉर वूमेन स्टडीज कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।

इस सेंटर में शिक्षा के साथ-साथ छात्राओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। समारोह में प्राचार्य डॉ. संध्या सक्सेना, जैन पाठशाला सभा के अध्यक्ष विजय कुमार कोचर, सचिव मानकचन्द कोचर, कोषाध्यक्ष उद्योगपति चम्पकमल सुराणा, उपाध्यक्ष इन्दु देवी सुराणा ने भी विचार रखे।

कार्यक्रम में सत्र के दौरान सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को और विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक विजेता छात्रा टीना पारीक को खेल रत्न पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इससे पूर्व छात्राओं ने राजस्थानी लोक नृत्य किया।

एक नृत्य नाटिका के माध्यम से समाज को मार्मिक संदेश भी दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धनपत जैन ने किया।

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एमजीएसयू की डॉ. मेघना शर्मा ने किया एमडीएम का अवलोकन https://samacharseva.in/dr-meghna-sharma-of-mgsu-observed-mdm/ Tue, 06 Jul 2021 04:55:49 +0000 https://samacharseva.in/?p=16079 बीकानेर, (समाचार सेवा)। एमजीएसयू की डॉ. मेघना शर्मा ने किया एमडीएम का अवलोकन, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसूयू) बीकानेरकी सहायक प्रोफेसर एवम सेंटर फॉर वीमेन स्‍टडीज की डायरेक्टर डॉ. मेघना शर्मा ने मीनाक्षीदत्त मेकओवर्स (एमडीएम) का अवलोकन कर कोरोना वारियर महिलाओं की सेवा करने के निर्णय को अभूतपूर्व पहल बताया।

डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि इस संक्रमण काल में भी इस तरह दिल खोल कर महिला कार्मिकों के लिए निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध करवाना कलेजे का काम है। डॉ मेघना ने संस्थान की संचालक रेणू शर्मा को इस नवाचार के लिए बधाई देते हुए उनका आभार जताया।

उन्‍होंने कहा कि अत्यधिक व्यस्त रहने के कारण अपने प्रति पूरा ध्यान नहीं दे सकने से महिलाओं की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिसे मध्यनजर रखते हुए  मीनाक्षीदत्त मेकओवर्स में कोरोना वारियर्स महिला कार्मिकों के लिए दी जा रही विश्वस्तरीय सेवाओं से महिलाओं की कार्यक्षमता में बहुत इजाफा हुआ है।

डॉ. मेघना ने कहा कि महिलाओं के लिए निशुल्क सेवाएं दे रहे मीनाक्षीदत्त मेकओवर्स  का यह प्रयास हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होनें कहा कि वस्तुतः कामकाजी महिलाओं को अपने लिए सोचने का समय ही नहीं मिल पाता और निरंतर व्यस्त रहने के कारण तनावग्रस्त हो जाती हैं जिनको ब्यूटीपार्लर की विशेषज्ञ सेवाएं मिलने से एक नयापन एवम ऊर्जा प्राप्त होती है।

डॉ. मेघना ने मीनाक्षीदत्‍त मेकओवर दवारा 16 जून से अब तक लगभग 500 कोरोना वारियर महिलाओं को सेवा उपलब्‍ध करा देने को भी एक रेकार्ड बताया और कहा कि इससे आगे भी महिला कार्मिकों के आपात स्थितियों में काम करने का जोश और बढेगा।

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मीनाक्षीदत्त मेकओवर्स की डायरेक्टर रेणू शर्मा ने बताया कि 16 जून से ले कर अब तक लगातार कोरोना वारियर्स डाक्टर्स, नर्सेज, बैंककर्मी, अध्यापिकाओं एवम अन्य विभागों में कार्यरत महिलाओं ने विश्वस्तरीय सेवाओं का लाभ लिया है और सेवाओं से संतुष्ट हो कर अपने फीडबैक दिए हैं।

उन्होंने बताया कि महिला कार्मिकों का उत्साह इस कदर है कि सभी कार्यदिवस पूरी तरह से बुक हो चुके हैं और नवागत महिलाओं के लिए विशेष स्लॉट तैयार करने पड़ रहे हैं। उन्होंनें बताया कि महिला वारियर्स को फुल सर्विस पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है।

यहां दिल्ली से प्रशिक्षित सभी कार्मिक सुबह से देर रात तक सेवाएं देते हैं। कोरोना वारियर्स महिलाएं मीनाक्षीदत्त मेकओवर्स में 8527985421 पर सम्पर्क कर आदेश की प्रति अथवा परिचय पत्र के साथ अपने लिए स्लॉट बुक करवा सकती हैं।

 

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महिलाओं के सामाजिक पार्श्वीकरण विषय पर एमजीएसयू करायेगा अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्ठी https://samacharseva.in/mgsu-will-organize-an-international-seminar-on-the-subject-of-social-lateralization-of-women/ Fri, 18 Jun 2021 16:59:22 +0000 https://samacharseva.in/?p=15704 कुलपति विनोद कुमार सिंह ने किया संगोष्‍ठी के पोस्टर का विमोचन

बीकानेर, (समाचार सेवा)।महिलाओं के सामाजिक पार्श्वीकरण विषय पर एमजीएसयू करायेगा अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्ठी, एमजीएसयू के सेंटर फॉर विमेंस स्टडीज के बैनर तले इतिहास के पन्नों से भारत में महिलाओं के सामाजिक पार्श्वीकरण विषयक ऑनलाइन अंतरराष्‍ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 23 जून को किया जाएगा।

संगोष्ठी के पोस्टर का विमोचन कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह, कुलसचिव संजय धवन व सेंटर की डायरेक्टर, डॉ मेघना शर्मा द्वारा कुलपति सचिवालय में किया गया। अंतरराष्ट्री य संगोष्ठी कालीकट विश्वविद्यालय केरल के यूनिटी वूमंस कॉलेज के इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी जिसमें देश विदेश के विद्वान हिस्सा लेंगे।

आयोजन सचिव डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि संगोष्ठी में बीजवक्ता की भूमिका ख्यात इतिहासकार प्रो. तेजकुमार माथुर द्वारा निभाई जाएगी। इसके अतिरिक्त जम्मू विश्वविद्यालय से प्रोफेसर विश्वरक्षा, लंदन से ग्लोबल संस्थाओं की गुडविल राजदूत ज्योतिर्मया ठाकुर,

कनाडा से नरीन दाट सुक्राम, कानपुर से स्त्री विमर्श लेखिका डॉ. हरमीत कौर भल्ला व रोहतक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भूपसिंह गौड़ मंच से अपने विचार रखेंगे। संगोष्ठी के संयोजक केरल के शबीरमोन एम रहेंगे।

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इतिहास की सीख को नजरअंदाज कर औरंगजेब, नेपोलियन व नीरो ने खोया शक्तिशाली साम्राज्‍य https://samacharseva.in/ignoring-the-lessons-of-history-aurangzeb-napoleon-and-nero-lost-their-mighty-empire/ Mon, 07 Jun 2021 12:28:23 +0000 https://samacharseva.in/?p=15473 डॉ. मेघना शर्मा ने इतिहास विषयक अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार में की सहभागिता

बीकानेर, (समाचार सेवा)। इतिहास की सीख को नजरअंदाज कर औरंगजेब, नेपोलियन व नीरोने खोया शक्तिशाली साम्राज्‍य, इतिहासविद व महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय बीकानेर की सहायक आचार्य डॉ. मेघना शर्मा ने “इतिहास दर्शन व इतिहास लेखन के आयाम”, विषय पर हुई ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार में सहभागिता की।

Dr. Meghna Sharma of Bikaner participated in the International Webinar on History. Dr. Meghna Sharma of Bikaner participated in the International Webinar on History.

इस अंतर्राष्ट्रीय वेबीनार शिवरती विद्यापीठ संस्थान एवम् तक्षशिला विद्यापीठ संस्थान उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में हुई इस वेबीनार में शामिल इतिहासविदों ने कहा कि इतिहास से सीख नहीं लेने की अपनी जिद के कारण ही भारत में मुगल बादशाह औरंगजेब, रोम के सम्राट नीरो तथा फ्रांस के नेपोलियन बोनापार्ट के अपने-अपने शक्तिशाली साम्राज्यों का पतन हुआ।

आज भी यदि मानव जाति ने विनाशकारी परमाणु युद्ध एवम् वर्तमान समय में कोरोना महामारी के समय इतिहास से प्रेरणा नहीं ली तो आइस्टीन की शब्दो  में अगर भविष्य में तृतीय विश्व युद्ध होगा तो इस स्वर्गरूपी धरती को मिटा देगा। इसमें मानव यदि जीवित रहा तो पुनः नई सभ्यता विकसित होती है तो नव मानव को आगामी युद्ध पत्थरो व ढेलो से लड़ना होगा।

वेबीनार संयोजक डॉ. अजात शत्रु सिंह शिवरती ने बताया कि वेबीनार मे इतिहास लेखन की विधाओं पर चर्चा हुई। वेबीनार में नॉर्वे के इतिहासविद टोर गुलब्रांडसेंन, पाकिस्तान से तनवीर, अमरीका से मारिया स्वीडन से अंजना सिंह सहित इतिहासकार प्रो. के. एस. गुप्त, पुरातत्ववेता डॉ. ललित पांडे, डॉ. कन्हैयालाल नायक, संजय स्वर्णकार, डॉ. शारदा देवी डॉ. भानु कपिल, डॉ. जी. एल मेनारिया,

अरविंदर सिंह, डॉ. अल्पना दुभासे, डॉ रिंकू पुवाईया, डॉ. बी. पी. भटनागर, संजय स्वर्णकार, डॉ. गिरीश नाथ माथुर, डॉ सीमा यादव, डॉ. राजेंद्रनाथ पुरोहित, डॉ नाज़नीन, डॉ. अजय मोची, डॉ. खिमारम काक, डॉ अरविंदर जोशी, डॉ पूर्णिमा त्रिवेदी, डॉ. सूरजमल राव, डॉ विक्रमभाई, डॉ सुशीला शक्तावत, डॉ. अभी पराई, डॉ. एस. वी. सिंह, डॉ. नरेंद्र राठौड़, डॉ. पूर्णिमा त्रिवेदी आदि ने भाग लिया।

इतिहासविदों ने कहा कि अब जब सारे विश्व में प्रजातांत्रिक व लोकतांत्रिक व्यवस्था है, तो ऐतिहासिक तथ्यो को पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ हमारे अतीत का इतिहास लिखा जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि इतिहास निष्पक्षता से लिखा जाना चाहिए। सूचना-तकनीकी युग में इतिहास लेखन के आयाम बदलते जा रहे है।

सह‍भागियों ने कहा कि इक्कीसवीं सदी मे अब हमें पूरे विश्व को एक संयुक्त परिवार मानकर इतिहास लिखना होगा। वेबीनार के समापन पर सहभागियों का औपचारिक आभार डॉ. मेघना शर्मा ने जताया।

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