police panchnama – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Fri, 20 Sep 2024 08:04:52 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png police panchnama – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 पंचनामा : उषा जोशी 14 सितंबर 2020 https://samacharseva.in/panchnama-usha-joshi-14-september-2020/ Mon, 14 Sep 2020 03:01:05 +0000 https://samacharseva.in/?p=12699 हमसे भूल हो गई हमका माफी दई दो…

पंचनामा : उषा जोशी 14 सितंबर 2020, आखिर कार खाकी वालों ने यह माना कि उनके वीरों महावीरों द्वारा दो कलमकारों के  साथ थाने में किया गया बर्ताव उचित नहीं था। इसलिये जांगळ देश के कलमकारों के साथ बैठकर आला खाकीधारियों ने इस बात को मान लेने में ही अपनी भलाई समझी। हालांकि इससे पहले ही लॉयन ने कलमकारों की इच्छा का सम्मान करते हुए कलमकारों से बुरा बर्ताव मामले में थानाधिकारी को जांच होने तक दूर कर दिया था। जांच में भी यही तथ्य सामने आया तो टाइगर ने भी दोषी खाकीवीर के खिलाफ जो कार्रवाई बनती थी उसे करने में देर नहीं की। ओवरऑल मामला आपस में ही समझदारी से निबट गया। खाकीवीरों और कलमकारों की यह लड़ाई लंबी खिंचती तो दोनों पक्षों को ही नुकसान होना साफ दिख रहा था। इस लड़ाई को किसी ने पवन वेग से काम करके तो किसी ने अपना धरम निभाकर तो किसी ने क्षमा मांगकर महावीर बनने में देर नहीं की। इसीलिये कहते हैं, अंत भला तो सब भला।

मैं खुश हूं मेरे आंसुओं पे ना जाना..

एक खाकीधारीजी हैं। हमेशा किसी ना किसी कारण सुर्खियों में ही रहते हैं। अब पता नहीं उनके साथ के खाकीधारियों को क्यों लगता है कि इन खाकीधारीजी को अपने ही प्रमोशन पर खुशी नहीं हो रही है। हालांकि खुद खाकीधारीजी लगातार दावा कर रहे हैं कि वे प्रमोशन से बहुत खुश हैं। जबकि साथी खाकीधारी कहते हैं कि उनको अपने रबड़ीदार थाने से बहुत लगाव है। वे ये रबड़ीदार थाना छोड़ना नहीं चाहते मगर अब और बड़े अफसर बनने पर उनको थाना छोड़ना पड़ रहा है। कहने वाले तो यह तक कह रहे हैं कि थाना छोड़कर जाने वाले साहब इतने पहुंचे हुए हैं कि वे अपनी विरासत को बचाने के लिये लालू-राबड़ी वाली कथा को भी दोहरा दें तो आश्चर्य नहीं। अगर ऐसा संभव हो तो इस रबड़ीदार थाने को एक दबंग महिला अफसर भी मिल सकती है। ये तो सोेने पे सुहागा हो जाएगा। खैर देखते हैं साहब अब क्या नया गुल खिलाते हैं।

ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना…

ताजा ताजा अफसर बने खाकीधारी जी की ‘गोली में चलाउंगा’ की ख्वाहिश अब जल्द पूरी हो जाएगी। साहब ने एक वायरल आॅडियो में एक बदमाश को धमकी देते हुए कह दिया था कि अब गोली वो चलायेंगे और किसी को उपर भेज देंगे। हालांकि साहब जिनको ऊपर भेजने वाले थे उसने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात कह दी कि किसी को उपर भेजने या नीचे रखने का फैसला केवल ऊपर वाला ही करता है। बहरहाल साहब को बड़ी जिम्मेवारी लेने के लिये अब प्रशिक्षण लेना होगा और वहां वे अपनी गोली चलाकर पीतल गलाने की ख्वाहिश जरूर पूरी कर लेंगे। साहब के भक्तों ने गोली वाला आॅडियो वायरल करके साहब की ठसक कामय करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। अब साहब की गोली चलाने की ख्वाहिश भी जल्द पूरी हो जाएगी।

जांच तक थानेदार को हटाने की गोली

पुलिस महकमें में कोई थानेदार गलत काम करता है। जनविरोधी काम करता है तो और जनता आंदोलन कर देती है तो आला खाकीधारी उस थानेदार को जांच के चलते तक हटा देते हैं। लोग कहते हैं कि वास्तव में संबंधित थानेदार को हटाया नहीं जाता। ये पुलिस के आला अधिकारी आंदोलनकारी जनता व जनप्रतिनिधियों को एक गोली देने के हिसाब से कह देते हैं कि संबंधित थानेदार को थाने से जांच तक हटा दिया जाएगा। लोग ऐसा इसलिये भी कह रहे हैं क्योंकि जांगळ देश में हाल के कुछ आंदोलनों में आंदोलनकारियों को यही गोली देकर शांत किया गया। जबकि हटाये गए थानाधिकारी बाकायदा थाने में बैठकर ही सारे काम संचालित करते देखे गए। आला खाकीधारी इसे सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे वाली दवा मानकर इसका इस्तेमाल आंदोलनकारियों पर करते हैं।

टाइगर की चाल-ढाल

लगभग नब्बे दिन बीतने के बाद भी स्थानीय खाकीधारी नये टाइगर की चाल-ढाल समझ नहीं पाये हैं। यही कारण है कि जब क्राइम बैठक में टाइगर किसी एक खाकीधारी को आंखों के इशारे से कुछ कहता है तो बाकी खाकीधारी भी उसी का फोलोअप करते हुए काम करते हैं। हाल की क्राइम मीटिंग में जब एक खाकीधारी का मोबाइल बजा तो टाइगर ने आंख तरेरी, बस फिर क्या था आलाखाकाीधारियों सहित सभी थानाधिकारियों ने भी अपने अपने मोबाइल तुरंत साइलेंट मोड पर कर दिये।

एक फूल दो माली

शहर का एक थाना है। मैं बता चुकी हूं कि उस थाने का वर्तमान थानेदार इसी माह के अंत तक थाने से बाहर होगा। ऐसे में दो सीआई साहब इस थाने पर अपना कब्जा जमाने के लिये हर तहर की कोशिश में जुटे हुए हैं। एक सीआई है जो किसी ना किसी बहाने उसी थाना इलाके के अपराधियों को पकड़वा कर अपनी पैठ बनाने में लगा  है तो दूसरे को टाइगर की कृपा की पूरी आशा है।

PANCHNAMA 14-09-2020 USHA JOSHI

PANCHNAMA 14-09-2020 USHA JOSHI

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सलाम खाकी की जांबाजी को https://samacharseva.in/salam-khaki-ki-janbaji-ko/ Sun, 27 May 2018 22:18:21 +0000 https://samacharseva.in/?p=1668 पंचनामा : उषा जोशी

* सलाम खाकी की जांबाजी को

राष्‍ट्रीयमीडिया में इन दिनों उत्तराखंड के रामनगर इलाके में तैनात ट्रेनी सब इन्सपेक्टर गगनदीप सिंह के साहस की बड़ी चर्चा है। गगनदीप सिंह ने इस गुरुवार को एक युवक को भीड़ के गुस्से का शिकार होने से बचाते हुए अपने कर्तव्य की मिसाल पेश की। हां मैं थोड़ा लेट हो गई हूं।

बीकानेर में भी एक पखवाडे पूर्व एक बिजली श्रमिक की मौत पर जब पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी के आगे जमा भीड़ बिजली विभाग के एक एईएन को श्रमिक की मौत का जिम्मेवार मानते हुए उसे अपने हाथों से भयंकर सजा देने पर आमादा थी तब मौके पर तैनात बीछवाल थाने के प्रभारी धीरेन्द्र सिंह शेखावत पे ना केवल भीड़ और भीड़ के गुस्से पर नियंत्रण किया बल्कि एईएन का बचाव करते हुए उसे अपनी टीम की मदद से उसे ऑटो में बिठाकर पूरी सुरक्षा के साथ सेफ स्थान पर पहुंचाया।

उस दिन के वीडियो देखकर मैने मन ही मन में थानाधिकारी शेखावत व उनकी टीम की प्रशंसा की मगर यह प्रशंसा तो सार्वजनिक बनती है, यह अहसास रामनगर के ट्रेनी एसआई गगनदीप सिंह के प्रकरण ने करा दिया। चलो देर आये दुरस्त आये। सही है, शेखावत व उनके जैसे अन्य जाबांज पुलिस अफसरों के कारण ही पुलिस महकमा आदर पाने का हकदार बनता है। सलाम।

* बकरे की मां कब तक खैर…

अब तो चुनाव आयोग ने भी ऐसे अंगदों के जमे पांव उखाड़ने की तारीख दे दी है जो अंगद जैसे अफसर पिछले तीन सालों से भी अधिक समय से एक ही जिले में बैठे आला खाकीधारियों से लाईजनिंग कर मलाई मा रहे हैं। दूसरे शब्दों में लोग इस प्रकार के आदेश के बाद कहने लगे कि बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी अब तो…।

खाकी महकमे में थाना पाने के इंतजार में बैठे अनेक सीआई व एसआई इस बात के इंतजार में थे कि कब जिले से पुराने अफसर विदा हो ताकि उनका भी नंबर थानेदारी करने का आये। अपना टाइम पास करने के लिये कुछ अफसरों ने यह बात भी कहने से गुरेज नहीं किया कि लॉयन के चहेते होने के कारण कई सीआई व एसआई समय सीमा पूरी होने के बाद भी एक ही जिले में जमे हुए हैं।

बहरहाल अब ठाले बैठे सीआई एसआई को उम्मीद जगी है कि अब तो जल्द थानेदारी मिलने वाली है। जांगळ देश के तीन पुराने थानेदार इस दौर में अधिक चर्चा में रहे हैं। नाम क्या बताउं अब तक सबको पता है। तबादला सूची आएगी तो आपको भी पता चल जाएगा।

* तेरी मेहरबानिया, तेरी कदरदानियां

एक थानेदारजी के इलाके में लगभग बीस लाख रुपये की चोरी क्या हो गई उन पर पहले से ही खार खाये बैठे टाइगर ने उनकी अच्छी खासी क्लास ले ली। थानेदारजी को फरमान सुना दिया कि जल्द चोर नहीं पकड़ा तो अंजाम भुगतने के लिये तैयार रहना। थानेदारजी सभी देवताओं को याद करते हुए चोर को पकड़ने में जुट गए।

देवताओं ने उनकी सुन भी ली। चोरी की सूत्र हाथ लगे और सुना है एक सप्ताह की मेहनत के बाद चोर तक भी थानेदारजी आखिरकार पहुंच ही गए। किसी ने सही कहा है कि जब जान पर बन आती है तो आदमी अपनी पूरी ताकत लगाकर जान बचाने का प्रयास करता है।

थानेदारजी ने भी यही किया। अब टाइगर भी उन पर नरम हो गए हैं।

साभार दैनिक नवज्‍योति बीकानेर

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