nasbandi – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Sat, 21 Jul 2018 02:35:00 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png nasbandi – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 बुधवार को मनाया जाएगा पुरष नसबंदी दिवस https://samacharseva.in/budhvaar-ko-manaya-jayega-purush-nasbandi-shivir/ Mon, 14 May 2018 13:50:38 +0000 https://samacharseva.in/?p=1239 बीकानेर (समाचार सेवा) बुधवार को मनाया जाएगा पुरष नसबंदी दिवस। बुधवार को जिले में 6 स्थानों पर पुरुष नसबंदी दिवस मनाया जाएगा। यहाँ विशेषज्ञ सर्जन की सेवाएं उपलब्ध करवाकर बिना चीरा-बिना टांका और बिना दर्द वाली बेहतरीन पुरष नसबंदी परिवार कल्याण सेवाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरुष नसबंदी दिवस के रूप में मनाया जाना है इस कड़ी में 16 मई को पहला पुरुष नसबंदी दिवस मनाया जाएगा। शासन सचिव एवं एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन द्वारा सोमवार को विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से दिवस की तैयारियों का जायजा लिया गया और आवश्यक निर्देश दिए गए।

उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसबंदी, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी व अंतरा इंजेक्शन सेवाओं की समीक्षा कर पुरुष नसबंदी स्थाई सेवा दिवस को उत्सव की तरह मनाते हुए आमजन को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साल के अंत में परिवार कल्याण लक्ष्यों की चिंता की बजाय साल के शुरुआत से ही प्रतिमाह इसे प्राथमिकता देने का मूलमन्त्र दिया।

जिला स्तर से डिप्टी सीएमएचओ (प.क.) डॉ. राधेश्याम वर्मा ने परिवार कल्याण कार्यक्रम में जिले की प्रगति प्रस्तुत की। वीसी में जिला स्तर से डीपीएम सुशील कुमार, डीएसी रेणू बिस्सा, आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य व डॉ. पुष्पेन्द्र नैण उपस्थित रहे जबकि सभी खण्ड स्तर पर सम्बंधित बीसीएमओ ने भाग लिया।

यहाँ मनाएंगे एनएसवी दिवस

सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि बुधवार को पीबीएम अस्पताल, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नोखा, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला व लूणकरणसर में पुरुष नसबंदी स्थाई दिवस मनाए जाएंगे।

इस सन्दर्भ में सभी खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारीयों को ब्लॉक नोडल के रूप में प्रभावी भूमिका निभाने तथा समस्त चिकित्साधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ व आशा सहयोगिनियों के माध्यम से अधिकाधिक पुरुषों को सेवा का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. राधेश्याम वर्मा ने जानकारी दी कि पुरुष नसबंदी एनएसवी (नो स्कैल्पल वसेक्टमी) करवाने पर क्षतिपूर्ति राशि स्वरुप 2000 रूपए सरकार द्वारा दिए जाते हैं।

नयी पद्धति के चलते अब पुरुष झटपट नसबंदी कराके आधे घंटे में घर जा सकते है और अपेक्षाकृत जल्दी अपने काम पर लौट सकते हैं। फिर भी जानकारी के अभाव में पुरुष नसबंदी की हिस्सेदारी कुल नसबंदी की मात्र 1.5 प्रतिशत है इसलिए सघन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

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झटपट होगी पुरुष नसबंदी, आधे घंटे में जा सकेंगे घर https://samacharseva.in/ab-jhatapat-hogi-purush-nasbandi/ Fri, 04 May 2018 14:46:50 +0000 https://samacharseva.in/?p=1057 बीकानेर, (समाचार सेवा)। अस्‍पतालों में अब झटपट होगी पुरुष नसबंदी, आधे घंटे में ही नसबंदी कराने वाला पुरुष अपने घर जा सकेगा और अपने काम पर भी जल्‍द लौट सकेगा। आमजन में पुरूष बंदीवार दिवस के प्रभावी प्रचार-प्रसार गतिविधियां भी आयोजित की जायेगी।

आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य ने बताया कि नयी पद्धति के चलते अब पुरुष झटपट नसबंदी कराके आधे घंटे में घर जा सकते है और जल्‍द काम पर लौट सकते हैं। एनएसवी को आम जुबान में नसबंदी की बिना चीरा, बिना टांका पद्धति कहा जाता है।

जानकारी के अनुसार राज्‍य सरकार ने परिवार नियोजन के स्थायी साधनों को अपनाने में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूष नसबंदी दिवस आयोजित करने का निर्णय लिया है।

राज्‍य के स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नवीन जैन ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को नियत दिवस नसंबदी सेवा कार्ययोजना के तहत प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूष नसबंदीवार आयोजित करने को कहा है।

सभी उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले में उपलब्ध एनएसवी प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं की टीम की संख्या के अनुरूप कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। जिन जिलों में एनएसवी प्रशिक्षितसेवा प्रदाताओंकी कमी है, उन्हें नामांकन भेजने को कहा गया है।

बीकानेर के डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राधेश्याम वर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक ब्‍लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तीसरे बुधवार से कम से कम 10 दिन पहले तैयारी बैठक आयोजित कर प्रभावी रणनीति बनायी जायेगी।

उन्होंने इस कार्यक्रम में जिला स्तर, ब्लाक स्तर, प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी, एलएचवी, एएनएम ब्लाक ध्पीएचसी आशा सुपरवाईजर एवं आशा सहयोगिनियों द्वारा एक टीम के रूप में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मिशन निदेशक द्वारा कार्यक्रम की प्रभावी माॅनिटरिंग हेतु संभागवार राज्य स्तर की टीमें गठित कर दी गयी है। जिला एवं ब्लाॅक स्तर पर भी पुरूषबंदीवार दिवस की सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

एनएसवी में है समझदारी

वर्तमान में पुरुष नसबंदी करवाने पर क्षतिपूर्ति राशि स्वरुप 2000 रूपए सरकार द्वारा दिए जाते हैं जबकि महिला नसबंदी पर 1400 रूपए। एनएसवी (नो स्कैल्पल वसेक्टमी) के रूप में नसबंदी की नयी पद्धति का प्रयोग शुरू होने के बाद परिवार कल्याण कार्यक्रम के परिदृश्य में बदलाव की जमीन तैयार होने लगी है।

 

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