medical news – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Fri, 01 May 2020 12:20:11 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png medical news – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 आधी रात को भी आ रहे कॉल, मिल रही तुरंत सहायता https://samacharseva.in/calls-coming-in-the-middle-of-the-night-getting-immediate-help/ Fri, 01 May 2020 12:17:11 +0000 https://samacharseva.in/?p=8965 बीकानेर, (samacharseva.in)। आधी रात के 2 बजे कॉल आता है कि ‘‘हमारी गर्भवती बहू को लेबर पेन हो रहा है और एम्बुलेंस सेवा के लिए कॉल नहीं लग रहा, लॉकडाउन में कोई प्राइवेट गाड़ी वाला भी नहीं है, हम क्या करें ?’’ जवाब मिलता है कि ‘‘अतिशीघ्र एम्बुलेंस आपके घर पहुँचा दी जाएगी, संपर्क न हो पाया तो हम अपनी गाड़ी से गर्भवती को अस्पताल पहुंचाएंगे।’’ 2 बजकर 20 मिनट पर 108 एम्बुलेंस गर्भवती के घर पहुँच चुकी थी। रामपुरा की गली न. 5 की गीता और घर का नया मेहमान, दोनों स्वस्थ हैं और परिवार में बधाईयों का सिलसिला जारी है। 

गीता की कहानी जैसी कई कहानियाँ कोरोना संक्रमण काल में बीकानेर में दर्ज हो रही हैं, 1-2 नहीं बीसियों। बता दें, कि स्वास्थ्य विभाग बीकानेर ने गर्भवतियों-प्रसूताओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए टोल फ्री न. 104 व 108 के बावजूद 4 अधिकारीयों के विशेषज्ञ पैनल की हेल्पलाइन स्थानीय स्तर पर शुरू की है और प्रतिदिन 50 से ज्यादा लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। प्रतिदिन कई जच्चा-बच्चा को जोखिम से निकाला जा रहा है। बीकानेर के नवाचार से प्रेरित होकर जोधपुर, बाड़मेर, सिरोही और अलवर में भी उक्त व्यवस्था को अपनाया जा चुका है।

सीएमएचओ डॉ बी.एल. मीणा ने आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता को इस बाबत कार्य सौंपा तो उन्होंने स्वयं सहित 4 अधिकारीयों के आदेश कर दिए। तब किसी ने नहीं सोचा कि ये हेल्पलाइन इतनी काम आएगी। डॉ मीणा ने बताया कि टोल फ्री 104 व 108 पर कोरोना संक्रमण काल में सलाह, सहायता व जानकारी के लिए अत्यधिक कार्यभार है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन की जरूरत महसूस हुई तो कण्ट्रोल रूम न. 0151-2204989 जारी किए गए।

फिर डॉ रमेश गुप्ता (मो. 9828317894), जपाईगो के कार्यक्रम अधिकारी डॉ महेंद्र कोल्हे (मो. 9886271103), दक्षता मेंटर डॉ आशुतोष उपाध्याय (मो. 9169089515) व यूएनडीपी के संभागीय अधिकारी योगेश शर्मा (मो. 9897129767)  को जोड़कर व्यवस्था को और पुख्ता किया गया है। प्रसव संबंधी किसी भी सहायता के लिए इन अधिकारियों से सीधा संपर्क किया जा सकता है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नजदीकी सरकारी अस्पताल से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। बतौर डॉ आशुतोष उपाध्याय अधिकाँश कॉल प्रसव सम्बन्धी सहायता के लिए आते हैं कि कहाँ दिखाएं ? किसे दिखाएं ? अस्पताल कैसे पहुंचें ?

साथ ही गर्भावस्था में होने वाली सामान्य तकलीफों के सम्बन्ध में सलाह व ममता कार्ड बनवाने के लिए भी सहायता दी जा रही है। अधिकाँश कॉल कर्फ्यूग्रस्त व बीकानेर शहरी क्षेत्र से आ रहे हैं। डॉ कोल्हे बताते हैं कि सुरक्षित प्रसव हो जाने के बाद कई लाभार्थी पुनः कॉल कर जब धन्यवाद देते हैं तो सच में कोरोना वारियर वाली संतुष्टि मिलती है। 

केस

लूणकरणसर निवासी गर्भवती ममता देवी (25) को पेट में दर्द व दस्त की शिकायत थी। हेल्पलाइन पर कॉल आने पर तुरंत सीएचसी स्टाफ से समन्वय स्थापित किया गया और घर पर दवाई सहित भिजवाया गया।  

केस

भीनासर की सोनू भाटी को 8 माह की गर्भवस्था के दौरान पैर दर्द की समस्या थी। साथ ही नियमित ली जाने वाली आयरन-फोलिक एसिड व कैल्सियम की गोलियां भी समाप्त हो गई थी। हेल्पलाइन पर कॉल आने पर नजदीकी अस्पताल से दवाई सहित स्टाफ को भेजा गया। 

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अस्पताल के कमरों पर डॉक्टरों का अवैध कब्जा https://samacharseva.in/patient-forced-to-show-doctor-in-cold-air-openings/ Tue, 21 Jan 2020 07:32:40 +0000 https://samacharseva.in/?p=8305 सर्द हवा में खुले बरामदों में डॉक्टर को दिखाने को मजबूर मरीज

बीकानेर, (samacharseva.in)। अस्पताल के कमरों पर डॉक्टरों का अवैध कब्जा, पीबीएम अस्‍पताल से जुडे ईएनटी अस्‍पताल में पहुंचने वाले मरीज तेज सर्द हवा के बीच अस्‍पताल परिसर में बने बरामदे में डॉक्‍टर को अपना रोग बताने व जांच कराने को मजबूर है।

इसका कारण है कि अस्‍पताल परिसर के कई कमरों पर दंत रो‍ग विभाग के डॉक्‍टरों ने अवैध रूप से अपला ताला जडा हुआ है। जबकि दंत विभाग अब नई बिल्डिंग में स्‍थानांतरित कर दिया गया है।

ईएनटी अस्‍पताल परिसर में मरीजों ने बताया कि यहां पहले दंत विभाग भी था जो पूर्व में ईएनटी, ईवीई, चर्म विभाग की अस्‍पताल में ही लगता था। गत वर्ष संपूर्ण दंत विभाग को यूरोलॉजी व टीबी अस्‍पताल के पीछे बनी नई बिल्डिंग में स्‍थानांतरित कर दिया गया।

इसके बावजूद भी एसपी मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिन्सिपल व दंत विभाग के एचओडी डॉ. रंजन माथुर ने ईएनटी अस्‍पताल में अपने पुराने ओपीडी कक्ष मय हॉल व 2-3 कमरों पर अवैध रूप से ताला जडा हुआ है। इस कारण अस्‍पताल में आज भी आने वाले नेत्र व चर्म रोगों के मरीजों को पर्याप्‍त स्‍थान के अभाव में खुले बरामदे में डॉक्‍टर को अपने रोग के बारे में बताकर इलाज करवाना पड रहा है।

दंत रोग विभाग के एचओडी ने अब भी अपने पूर्व के कमरों व हॉल की चाबी पीबीएम असपताल को सुपुर्द नहीं की है। मरीजों के अनुसार डॉ. माथुर अपनी राजनीतिक पहुंच की जोर पर ईएनडी अस्‍पतालक के अपने पुराने डेंटल हॉल व उन कमरों पर ताला लगाए बैठे हैं। 

आज हालत ये है कि नेत्र विभाग व चर्म विभाग में मरीजों की संख्‍या अधिक है। नेत्र विभाग में डॉ. खुले बरामदे में टेबल लगाकर सर्द माहोल में मरीजों को देखने को मजबूर हैं क्‍योंकि उनके पास कमरे व हॉल की संबंधित स्‍थान का अभाव है।

इनका कहना है

डैंटल बिल्डिंग शिफट हो गई है। मैने अधीक्षक को निर्देश दिये थे कि पुरानी बिल्डिंग ईएनटी / आई विभाग को दे दी जाए। अभी तक ऐसा क्‍यों नहीं हुआ मैं पीबीएम अधीक्षक से बात करता हूं।

डॉ. एच. एस. कुमार

प्रिन्सिीपल एवं नियंत्रक

एसपी मेडिकल कॉलेज

बीकानेर।  

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ये दुष्प्रचार है, ‘खुलासा’ नहीं -आरएमसीटीए https://samacharseva.in/this-is-propaganda-not-a-disclosed-rmcta/ Tue, 17 Dec 2019 15:15:51 +0000 https://samacharseva.in/?p=7570 बीकानेर, (समाचार सेवा)। ये दुष्‍प्रचार है, ‘खुलासा’ नहीं-आरएमसीटीए राजस्‍थान मेडिकल कॉलेज टीचर ऐसासियेशन (आर.एम.सी.टी.ए.) बीकानेर शाखा के अनुसार बीकानेर में चिकित्‍सकों के आवासीय परिसर में दवा विक्रय दुकानें नियमानुसार है एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं की जा रही है।

एसोसियेशन के सदस्‍यों ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज बीकानेर के प्रधानाचार्य डॉ. एच.एस. कुमार को आश्वस्त किया कि जो भी कार्य हो रहा है वह मरीजों के हितार्थ है, चूंकि कई दवाइयां बिना डॉक्टर की पर्ची के बिना उपब्लध नहीं होती है, इसलिए मरीजों के सुविधा के लिए ही डॉक्टर्स के चैम्बर्स के पास ही दवा दुकानें है।

यह दुकानें चिकित्सकों द्वारा संचालित नहीं की जा रही है बल्कि किरायें/ लीज पर समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति के पश्चात दी गई है। उक्त संचालित दवा दुकानों के लिए किराये को चिकित्सकों द्वारा स्वयं के आय में शामिल कर निर्धारित टैक्स दिया जाता रहा है।

आर.एम.सी.टी.ए. बीकानेर शाखा की मंगलवार को हुई आमसभा में चिकित्सक शिक्षकों ने राजकीय सेवा नियमों, एवं आचरण नियमों का विस्तृत एवं विधि सम्मत कार्यों की चर्चा की। संगठन के अध्यक्ष डॉ. गुंजन सोनी ने बताया कि आमसभा में चिकित्सकों के आवास पर संचालित की जाने वाली दवा दुकानों के क्रम में विश्लेषण के उपरांत यह निष्कर्ष निकाला गया कि कतिपय लोगों किया यह दुष्प्रचारित तथ्य आधारहीन है।

इसका समस्त चिकित्सक शिक्षकों ने पुरजोर खंडन किया। सदस्‍यों के अनुसार कोई भी चिकित्सक शिक्षक राजस्थान सेवा नियमों के विरुद्ध कार्य नहीं कर रहा है।  

इस मिटिंग में डॉ. सुरेन्द्र बेनीवाल, डॉ. महेन्द्र सिसोदिया, डॉ. विजय कुमार टुंडवाल, डॉ.  आई. डी. चारण, डॉ. मनोज मीणा, डॉ.  बी.सी.घीया, डॉ. आर.डी. मेहता, डॉ. कांता भाटी, डॉ. अभिषेक कोचर, डॉ.  बी.एस.सेंगर, डॉ. सुशील फलोदिया, डॉ. संदीप बुरी, डॉ. जितेन्द्र फलोदिया, डॉ. हरदेव नेहरा आदि समस्त आर.एम.सी.टी.ए. सदस्‍य शामिल हुए।

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राजस्‍थान में निपाह वायरस पर विशेष सतर्कता https://samacharseva.in/rajasthan-me-nipaha-virus-par-vishesh-satarkata-ki-tyari/ Sat, 26 May 2018 20:44:31 +0000 https://samacharseva.in/?p=1615 जयपुर, (समाचार सेवा)। राजस्‍थान में निपाह वायरस पर विशेष सतर्कता की तैयारी। प्रदेश में निपाह वायरस के संबंध में विशेष सतर्कता बरतते हुए निरन्तर मॉनीटरिंग एवं सतत निगरानी रखी जा रही है। इस बीमारी के संबंध में प्रदेश के सभी चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक जानकारी त्वरित उपलब्ध कराने के लिए संभागीय व जिला स्तर के अधिकरियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सीधे जानकारी दी जायेगी।

मुख्य सचिव डीबी गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार को इस संबंध में बैठक आयोजित की गयी। चिकित्सा विभाग की ओर से बैठक में सूचित किया गया कि अब तक प्रदेश में निपाह वायरस से एक भी पीड़ित सामने नहीं आया है। परंतु मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने चिकित्सा विभाग द्वारा निपाह वायरस के प्रति विशेष सतर्कता बरतने एवं इस वायरस के बारे में आमजन को सही सूचना उपलब्ध कराने के साथ ही पूर्ण सक्रियता बरतने पर बल दिया।

उन्होंने सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों में वायरस के बारे में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही जांच की समुचित व्यवस्था व उपचार में आवश्यक दवाइयां इत्यादि सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इस समय केरल राज्य के उत्तरी जिलों मल्लापुरम व कोजिकोड़ में निपाह रोग का संक्रमण प्रभावी है। इसलिए इन जिलों में इस समय यात्रा पर जाने से बचे।

अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा-स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों तथा मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों को इस वायरस के बारे में दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं एवं उनके स्वयं के स्तर पर निपाह वायरस के बारे में दैनिक मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि आमजन को इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं है।

सभी राजकीय चिकित्सालयों में निपाह वायरस के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही इलाज के लिए आवश्यक प्रबंध किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि राज्य एवं जिला स्तर पर रेपिड रेसपोंस टीमों को भी सतर्क किया गया है। उन्होंने रोग ग्रस्त इलाकों में यात्रा से लौटे व्यक्तियों से मस्तिष्क ज्वर अथवा सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या के लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सालय में सम्पर्क करने को कहा है।

निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के.माथुर ने बताया कि निपाह वायरस एक जुनोटिक (पशुजन्य) बीमारी है और यह वायरस मनुष्यों का सम्पर्क निपाह संक्रमित सूअर, चमगादड़ या संक्रमित रोगी के साथ होने पर अथवा संक्रमित कच्चे खजूर या खजूर के रस के सेवन से फैलता है। उन्होंने बताया कि इसके संक्रमण के मुख्य लक्षण में बुखार होना, सरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, दिमाग में सूजन, खांसी, उल्टी होना, मांसपेशियों में दर्द, मानसिक भ्रम, दस्त व ऎंठन होना इत्यादि है।

 

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बुधवार को मनाया जाएगा पुरष नसबंदी दिवस https://samacharseva.in/budhvaar-ko-manaya-jayega-purush-nasbandi-shivir/ Mon, 14 May 2018 13:50:38 +0000 https://samacharseva.in/?p=1239 बीकानेर (समाचार सेवा) बुधवार को मनाया जाएगा पुरष नसबंदी दिवस। बुधवार को जिले में 6 स्थानों पर पुरुष नसबंदी दिवस मनाया जाएगा। यहाँ विशेषज्ञ सर्जन की सेवाएं उपलब्ध करवाकर बिना चीरा-बिना टांका और बिना दर्द वाली बेहतरीन पुरष नसबंदी परिवार कल्याण सेवाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरुष नसबंदी दिवस के रूप में मनाया जाना है इस कड़ी में 16 मई को पहला पुरुष नसबंदी दिवस मनाया जाएगा। शासन सचिव एवं एनएचएम के मिशन निदेशक नवीन जैन द्वारा सोमवार को विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से दिवस की तैयारियों का जायजा लिया गया और आवश्यक निर्देश दिए गए।

उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम के तहत नसबंदी, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी व अंतरा इंजेक्शन सेवाओं की समीक्षा कर पुरुष नसबंदी स्थाई सेवा दिवस को उत्सव की तरह मनाते हुए आमजन को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साल के अंत में परिवार कल्याण लक्ष्यों की चिंता की बजाय साल के शुरुआत से ही प्रतिमाह इसे प्राथमिकता देने का मूलमन्त्र दिया।

जिला स्तर से डिप्टी सीएमएचओ (प.क.) डॉ. राधेश्याम वर्मा ने परिवार कल्याण कार्यक्रम में जिले की प्रगति प्रस्तुत की। वीसी में जिला स्तर से डीपीएम सुशील कुमार, डीएसी रेणू बिस्सा, आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य व डॉ. पुष्पेन्द्र नैण उपस्थित रहे जबकि सभी खण्ड स्तर पर सम्बंधित बीसीएमओ ने भाग लिया।

यहाँ मनाएंगे एनएसवी दिवस

सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि बुधवार को पीबीएम अस्पताल, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नोखा, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला व लूणकरणसर में पुरुष नसबंदी स्थाई दिवस मनाए जाएंगे।

इस सन्दर्भ में सभी खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारीयों को ब्लॉक नोडल के रूप में प्रभावी भूमिका निभाने तथा समस्त चिकित्साधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ व आशा सहयोगिनियों के माध्यम से अधिकाधिक पुरुषों को सेवा का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. राधेश्याम वर्मा ने जानकारी दी कि पुरुष नसबंदी एनएसवी (नो स्कैल्पल वसेक्टमी) करवाने पर क्षतिपूर्ति राशि स्वरुप 2000 रूपए सरकार द्वारा दिए जाते हैं।

नयी पद्धति के चलते अब पुरुष झटपट नसबंदी कराके आधे घंटे में घर जा सकते है और अपेक्षाकृत जल्दी अपने काम पर लौट सकते हैं। फिर भी जानकारी के अभाव में पुरुष नसबंदी की हिस्सेदारी कुल नसबंदी की मात्र 1.5 प्रतिशत है इसलिए सघन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

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