Maharaja Ganga Singh University Bikaner – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Tue, 27 Sep 2022 11:58:40 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png Maharaja Ganga Singh University Bikaner – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 एमजीएसयू के विद्यार्थियों ने अहमदाबाद में बताई उस्‍ता आर्ट की बारीकियां https://samacharseva.in/mgsu-students-told-the-features-of-usta-art-in-ahmedabad/ Tue, 27 Sep 2022 11:58:40 +0000 https://samacharseva.in/?p=19739 NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचारसेवा)। एमजीएसयू के विद्यार्थियों ने अहमदाबाद में बताई उस्‍ता आर्ट की बारीकियां, महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय (एमजीएसयू) के ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग बीकानेर के चार विद्यार्थियों रामकुमार भदाणी, मंजू जांगिड़, लक्ष्मी तथा फ़राह मुग़ल ने गुजरात प्रदेश के अहमदाबाद में हुई पन्‍द्रह दिवसीय कार्यशाला में गुजरात के प्रतिभागियों को बीकानेर की उस्‍ता आर्ट की बारीकियां बताई।

MGSU students told the features of Usta Art in Ahmedabad1

बीकानेर पहुंचने पर विद्यार्थियों के इस दल का मंगलवार को एमजीएसयू परिसर में स्‍वागत किया गया। एमजीएसयू की ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि यह पंद्रह दिवसीय कार्यशाला नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद गुजरात में आयोजित हुई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला और परंपरा को युवा पीढ़ी के माध्यम से, विरासत के रूप में आगे बढ़ाकर, संरक्षण संवर्धन करना रहा।

डॉ. मेघना ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ़ माइनॉरिटी अफेयर्स दिल्‍ली और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (एनआईडी) अहमदाबाद की ओर से हुए इस पारंपरिक कला विकास व प्रशिक्षण शिविर ‘उस्ताद’  में एमजीएसयू के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण देकर उस्ता (बीकानेर की सुनहरी कलम) के माध्यम से इस विधा को आगे बढ़ाया।

बीकानेर से गए इन विद्यार्थियों के दल ने वहां उस्ता कला (बीकानेर की सुनहरी कलम)  की बारीकियों का प्रशिक्षणार्थियों को ज्ञान कराते हुये एमजीएसयू का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया।

उन्‍होंने बताया कि विवि कुलपति विनोद कुमार सिंह ने ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग के कार्यशाला प्रशिक्षण कार्य कर लौटे विद्यार्थीयों को  उनकी उपलब्धि हेतु आशीर्वाद प्रदान किया।

विभागाध्यक्ष प्रो. राजाराम चोयल ने कहा कि कला के विकास में ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में निरंतरता और उत्साह बनाए रखने में सहायक सिद्ध होती हैं।

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मुख्यमंत्री गहलोत का एमजीएसयू में बने हैलीपेड पर हुआ स्‍वागत https://samacharseva.in/chief-minister-gehlot-was-welcomed-on-the-helipad-built-in-mgsu/ Fri, 15 Jul 2022 08:56:21 +0000 https://samacharseva.in/?p=18986 बीकानेर, (समाचार सेवा)मुख्यमंत्री गहलोत का एमजीएसयू में बने हैलीपेड पर हुआ स्‍वागत, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार प्रातः बीकानेर पहुंचे। जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी उनके साथ आए।

यहां महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) परिसर में बने हैलीपैड पहुंचने पर शिक्षामंत्री डॉ. बी.डी.कल्ला, राजस्थान एग्रो डेपलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष रामेश्वर डूडी, ऊर्जा राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव,

राज्य क्रीडा परिषद की अध्यक्ष कृष्णा पूनिया, विधायक जगदीश चन्द्र, डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउण्डेशन के महानिदेशक मदन गोपाल मेघवाल, केश कला बोर्ड के अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत, भू-दान बोर्ड के अध्यक्ष लक्ष्मण कड़वासरा,

माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष डूंगर राम गेदर, श्रीडूंगरगढ़ विधायक गिरधारी महिया, कुलपति विनोद कुमार सिंह, पूर्व मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, यशपाल गहलोत, जियाउर रहमान, संजय आचार्य, सुनीता गोड़,

गजेन्द्र सिंह सांखला, क्रीड़ा परिषद उपाध्यक्ष सतवीर चौधरी, मकसूद अहमद, राहुल जादूसंगत, ओमप्रकाश सेन, नितिन वत्सस, अनवर अजमेरी, संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के पवन, आईजी ओम प्रकाश, जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल, पुलिस अधीक्षक योगेश यादव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।

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अंग्रेजो ने भारत की संस्कृति को नष्ट करने के लिये संस्कृत साहित्य पर किए प्रहार : प्रो. रमाकांत पांडे https://samacharseva.in/the-british-attacked-sanskrit-literature-to-destroy-the-culture-of-india-prof-ramakant-pandey/ Mon, 27 Jun 2022 11:54:52 +0000 https://samacharseva.in/?p=18920 एमजीएसयू में हुई आजादी के अमृत महोत्सव पर हुई राष्ट्रीय कार्यशाला

बीकानेर, (समाचार सेवा)। अंग्रेजो ने भारत की संस्कृति को नष्ट करने के लिये संस्कृत साहित्य पर किए प्रहार : प्रो. रमाकांत पांडे, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रो. रमाकांत पांडे ने कहा कि अंग्रेजों ने भारत की संस्कृति को नष्ट करने के उदेश्‍य से संस्कृत भाषा और उसके साहित्य पर योजनाबद्ध तरीके से लगातार वार किये।

The British attacked Sanskrit literature to destroy the culture of India Prof. Ramakant Pandey-4

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रो. रमाकांत पांडे को प्रतीक चिन्‍ह भेट करते विवि अधिकारी

प्रो पांडे सोमवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर में संस्कृत में लिखित आज़ादी की लड़ाई के अज्ञात इतिहास : संग्रहालयों की ज़ुबानी विषयक कार्यशाला  को मुख्‍य वक्‍ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

एमजीएसयू के इतिहास विभाग एवम् संग्रहालय व प्रलेखन केंद्र द्वारा आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित इस कार्यशाला में प्रो. पांडे ने कहा कि अंग्रेज भली-भांति जानते थे कि अगर भारत में शासन करना है तो संस्कृत भाषा और उसके साहित्य को नष्ट करना होगा।

The British attacked Sanskrit literature to destroy the culture of India Prof. Ramakant Pandey-3

प्रो. रमाकांत पांडे को उनका स्‍केच भेंट करते विद्यार्थी राम कुमार भादाणी

उन्‍होंने बताया कि लॉर्ड मैकाले ने इस काम को आगे बढ़ाने के लिए अंग्रेजी को भारत की सरकारी भाषा तथा शिक्षा का माध्यम बनाया और संस्कृत की पारंपरिक शिक्षा को अवैध घोषित किया। प्रतिक्रिया में अंग्रेजों के विरुद्ध विशाल आंदोलन खड़ा हुआ।

कार्यशाला की अध्‍यक्षता एमजीएसयू के कुलपति प्रो विनोद कुमार सिंह ने की। कार्यशाला की आयोजन सचिव तथा एमजीएसयू इतिहास विभाग की डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि अंग्रेजों के राज में संस्कृत के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषाओं के साहित्य व प्रेस पर भी प्रतिबंध लगाए गए।

The British attacked Sanskrit literature to destroy the culture of India Prof. Ramakant Pandey-2

एमजीएसयू के कुलपति प्रो विनोद कुमार सिंह, कुलसचिव यशपाल अहूजा, उप कुल सचिव डॉ. बिट्ठल बिस्सा।

एमजीएसयू के संग्रहालय व प्रलेखन केंद्र की निदेशक डॉ. मेघना ने बताया कि अंग्रेजी राज में अखबार प्रकाशित करने से पहले अफसरों को दिखाए जाने के फरमान जारी हुए।

आयोजन के दौरान विवि की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव विषयक तीन दिवसीय चित्र कार्यशाला में चित्रकला विद्यार्थियों द्वारा बनाये गए चित्र का विमोचन किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।

The British attacked Sanskrit literature to destroy the culture of India Prof. Ramakant Pandey-1

एमजीएसयू में हुई तीन दिवसीय चित्र कार्यशाला में विद्यार्थियों द्वारा बनाया गया चित्र निहारते अतिथि व विव‍ि अधिकारी।

विद्यार्थी राम कुमार भादाणी ने मुख्य वक्ता को स्केच भेंट किया। कुलसचिव यशपाल अहूजा ने आभार जताया। संचालन डॉ प्रगति सोबती ने किया।

समारोह में बी. एल. सर्वा, डॉ. बिट्ठल बिस्सा, प्रो. राजाराम चोयल, डॉ. रविंद्र मंगल, डॉ. प्रभुदान चारण, डॉ॰ अभिषेक वशिष्ठ, डॉ॰ सीमा शर्मा व उमेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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एमजीएसयू का स्‍थापना दिवस समारोह मंगलवार को https://samacharseva.in/mgsu-foundation-day-celebrations-on-tuesday/ Sun, 05 Jun 2022 15:20:20 +0000 https://samacharseva.in/?p=18712 बीकानेर, (समाचार सेवा)। एमजीएसयू युनिवर्सिटी का स्‍थापना दिवस समारोह मंगलवार को, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर का 19 वा स्थापना दिवस मंगलवार 7 जून को समारोह पूर्वक मनाया जाएगा।

विश्वविद्यालय कुलसचिव यशपाल आहूजा ने बताया कि समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल राजस्थान कलराज मिश्र ऑनलाइन माध्यम से शामिल होंगे।

उन्‍होंने बताया कि मंगलवार दोपहर 12 बजे आयोजित होने वाले समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र विश्वविद्यालय में नवनिर्मित इनोवेशन सेंटर एवं गार्गी महिला छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे।

विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह विश्वविद्यालय प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे एवं विश्वविद्यालय द्वारा संचालित गतिविधियों के बारे में कुलाधिपति को अवगत कराएंगे।

मीडिया प्रभारी डॉ. विठ्ठल बिस्सा ने बताया कि समारोह में विवि स्थापना दिवस न्यूज़लेटर विशेषांक का भी लोकार्पण किया जाएगा।

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धन के अभाव में बंद नहीं होने देंगे राजस्थानी भाषा की कोई भी पढ़ाई- प्रह्लादराय गोयनका https://samacharseva.in/will-not-allow-any-study-of-rajasthani-language-to-be-stopped-due-to-lack-of-funds-prahladray-goenka/ Tue, 01 Feb 2022 03:15:48 +0000 https://samacharseva.in/?p=18056 राजस्थानी मोटयार परिषद ने किया गोयनका के प्रतिनिधि राजीव हर्ष का सम्मान

बीकानेर, (समाचार सेवा)धन के अभाव में बंद नहीं होने देंगे राजस्थानी भाषा की कोई भी पढ़ाई- प्रह्लादराय गोयनका, औंकार चेरिटेबल ट्रस्ट कोलाकाता से जुड़े बीकानेर मूल के भामाशाह प्रहलाद राय गोयनका ने कहा है कि बीकानेर में राजस्थानी भाषा की पीजी की कक्षाएं धन के अभाव में बंद होने नहीं दी जाएगी।

Will not allow any study of Rajasthani language to be stopped due to lack of funds- Prahladray Goenka…

यह जानकारी गोयनका के प्रतिनिधि राजीव हर्ष ने राजस्थानी मोटयार परिषद की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में दी। परिषद ने महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय विश्वविद्याल (एमजीएसयू) में एमए राजस्थानी की कक्षाएं नियमित संचालित करने के लिये ट्रस्ट की ओर से दिये गए आर्थिक सहयोग पर ट्रस्ट व गोयनका के स्थानीय प्रतिनिधि के रूप में राजीव हर्ष के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया।

अपने संदेश में भामाशाह गोयनका ने कहा कि  राजस्थान की संस्कृति, तीज, त्योहार ओर राजस्थानी भाषा हर राजस्थानी के लिए आत्मगौरव का विषय है। राजस्थानी भाषा के विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल है और राजस्थानी के अध्ययन हेतु धन की किसी भी प्रकार की कमी नही आने दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति को आज की युवा पीढ़ी राजस्थानी विषय से ही जान सकती है। समारोह में राजस्थानी मोटयार परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ गौरीशंकर प्रजापत ने कहा कि राजस्थानी में एमए करने वाले विद्यार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा में राजस्थानी विषय का लाभ मिलता है।

प्रदेश  उपाध्यक्ष डॉ नमामीशंकर ने राज्य सरकार से महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय में शीघ्र ही राजस्थानी विभाग स्थायी किए जाने की मांग की ताकि यंहा के विद्यार्थी विवि में राजस्थानी में पजी के बाद पीएचडी भी कर सके।

समारोह को संभाग अध्यक्ष डॉ. हरिराम बिश्नोई, कोषाध्यक्ष राजेश चौधरी, सरस्वती काव्य कला संस्थान के अध्यक्ष अरविंद उभा, शोधार्थी प्रशांत जैन, सरजीत सिंह, रामावतार उपाध्याय, भरत दान चारण, धीरज पंचारिया, नीरज पंचारिया, रणजीत उपाध्याय, विशाल कांटिया, महेंद्र, सुनील बिश्नोई, पुखराज आदि ने भी विचार रखे।

जानकारी में रहे कि महाराज गंगासिंह विश्विद्यालय में राजस्थानी विषय के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिये राजस्थानी विषय की स्रातकोत्तर कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को औंकार चेरिटेबल ट्रस्ट कोलाकाता ने प्रति विद्यार्थी 5 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।  

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भामाशाह ने रखा राजस्थानी का मान, सरकार भी जागे : कन्हैया उपाध्याय https://samacharseva.in/bhamashah-kept-the-pride-of-rajasthani-the-government-should-also-wake-up-kanhaiya-upadhyay/ Sun, 30 Jan 2022 01:44:29 +0000 https://samacharseva.in/?p=18045 बीकानेर, (समाचारसेवा)।  भामाशाह ने रखा राजस्थानी का मान, सरकार भी जागे : कन्हैया उपाध्याय, महाराजा गंगासिंह विश्विद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर छात्रसंघ के उपाध्यक्ष कन्हैया उपाध्याय ने विश्वविद्यालय में चालू शिक्षा सत्र में एमए राजस्थानी कक्षाएं जारी रखने के लिये भामाशाह के सहयोग पर खुशी जताते हुए राज्य सरकार से भी इस विषय में जागने का आग्रह किया है।

Bhamashah kept the pride of Rajasthani, the government should also wake up: Kanhaiya Upadhyay

Bhamashah kept the pride of Rajasthani, the government should also wake up: Kanhaiya Upadhyay

उपाध्याय ने नवज्योति से बातचीत में राजस्थानी का मान रखने के लिये आगे आये कोलकाता के ओंकार चैरिटेबल ट्रस्ट तथा भामाशाह प्रहलाद राय गोयनका, विवि के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह तथा राजस्थानी विभाग की प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा के प्रयासों का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते वे अपने साथी छात्रों के साथ आंदोलन नहीं करते तो इस शिक्षा सत्र से एमजीएसयू  प्रशासन ने राजस्थानी में पीजी की कक्षाएं बंद करने की पूरी तैयारी कर ली थी।

उपाध्याय ने कहा कि विवि में (सेल्फ फाईनेंस स्कीम) में चल रही इस  पीजी कक्षाओं को जारी रखने के लिये राज्य सरकार को एमजीएसयू में राजस्थानी का स्थायी विभाग खोलने की अनुमति देनी चाहिये।

राजस्थानी मोट्यार परिषद, संभाग उपाध्यक्षा अजय कंवर बारहठ ने कहा कि भामाशाहों का राजस्थानी को बचाने के लिए आगे आना स्वागत योग्य कदम है जबकि सरकारें राजस्थानी के प्रति उदासीन हैं जिनका खामियाजा राजस्थानी भाषा के साथ साथ राजस्थानी प्रेमियों और इस विषय में भविष्य बनाने वालों को भुगतना पड़ रहा है।

अब इसे रोकना होगा। मायड़ भाषा राजस्थानी छात्र मोर्चा के प्रदेश संगठन मंत्री  ने कहा कि सुरेंद्र स्वामी ने कहा कि बीकानेर का महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय प्रशासन करोड़ों रुपये का बजट गांवों पर, अस्पतालों पर, खेलों पर लगा सकता है तब वह राजस्थानी शिक्षा पर क्यों नहीं लगा पाता।

उन्होंने कहा कि सरकार को भी एमजीएसयू में सेल्फ फाईनेंस स्कीम एसएफएस में चलने वाले राजस्थानी पाठ्यक्रम को स्थायी करना चाहिये। एम.डी (पीजी) कॉलेज रावतसर के छात्रसंघ अध्यक्ष अशोक जोशी ने कहा कि जब एमजीएसयू में लगातार चार सालों से एमए राजस्थानी विभाग चल रहा है तो उसे नियमानुसा स्थायी विभाग की मान्यता देनी चाहिये।

आखिर कबतक राजस्थानी भामाशाहों के भरोसे रहेगी? उन्होंने कहा कि राजस्थानी विभाग को स्थाई बनाने के लिए जन आंदोलन की जरूरत है।  प्रयास कॉम्पिटिशन क्लासेस कोलायत के संचालक बनवारी लाल स्वामी के अनुसार एमजीएसयू के राजस्थानी विभाग में आयोजित गतिविधियों से बीकानेर विश्वविद्यालय को राष्टÑीय पहचान मिली है।

राजस्थानी भाषा के साहित्यकार, संगीतकार, कलाकार और विद्यार्थी एक मंच पर आएं तो जरूर मान्यता के साथ राजस्थानी रोजगार हेतु नए विभागों को खोलने और पुरानों को स्थाई करने की बात को बल मिलेगा।

सरदार वल्लभ भाई पटेल पीजी महाविद्यालय भादरा के छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष  विकास कुमार यादव ने कहा कि  आज भी भामाशाहों को आगे आकर विश्वविद्यालयों के विभाग बचाने पड़ रहे हैं, यह शोचनीय बिंदु है।

राज्य व केंद्र सरकार इस ओर ध्यान दे और राजस्थानी को दुर्गति से बचाए। जानकारी में रहे कि अपने घाटे-नफे के हिचकोलों के बीच महाराजा गंगासिंह विद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर ने एम.ए. राजस्थानी की कक्षाएं अकादमिक सत्र 2021-22 शुरू करने की घोषणा कर दी है।

सरकार द्वारा विवि में राजस्थानी विभाग खोलने तथा राजस्थानी शिक्षकों की भर्ती की स्वीकृति नहीं देने के चलते चालू अकादमिक सत्र में विवि प्रशासन ने सेल्फ फाईनेंस स्कीम के तहत चल रही एम.ए. राजस्थानी की पढ़ाई चालू सत्र से बंद करने की बात कही गई थी। अब ये कक्षाएं लगाई जाएंगी।

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विजन 2030 की तैयारी में जुटा बीकानेर का महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय : कुलपति https://samacharseva.in/maharaja-ganga-singh-university-of-bikaner-is-preparing-for-vision-2030-vice-chancellor/ Thu, 29 Jul 2021 15:17:05 +0000 https://samacharseva.in/?p=16280 विवि कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण

बीकानेर, (समाचार सेवा)। विजन 2030 की तैयारी में जुटा बीकानेर का महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय : कुलपति, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू)  बीकानेर का प्रशासन अब ‘विजन 2030’ की तैयारी में जुट गया है। विवि कुलपति प्रो. वी. के. सिंह ने बताया कि राजस्थान के राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति कलराज मिश्र तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कुशल एवं प्रशासनिक नेतृत्व में विश्वविद्यालय द्वारा ‘विजन 2030’ तैयार किया जा रहा है।

कुलपति ने बताया कि इस विजन 2030 में देश-विदेश के प्रख्यात शिक्षाविदें के सुझावों को अमलीजामा पहनाकर महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की आगामी यात्रा को कार्यबद्ध सुगमता से सुचारू रखने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. बिट्ठल बिस्सा ने बताया कि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर अनवरत शैक्षणिक विकास की ओर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह के कुलपति कार्यकाल की अवधि के एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर गुरुवार 29 जुलाई को विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कार्मिकों ने कुलपति को बधाई दी।

उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो. सिंह के प्रयासों से विश्वविद्यालय विभागों में स्मार्ट क्लास रूम, नवीन तकनीक से युक्त लेपटॉप, कम्प्यूटर आदि उपलब्ध कराये गए। इससे विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा प्रदान की जा सकेगी तथा विद्यार्थियों को राष्‍ट्रीय एवं अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के शिक्षाविद् एवं शोध विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन व्याख्यान करवाया जा सकेगा। साथ ही विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा भी ऑनलाइन माध्यम से, सम्बद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम एवं अन्य विषयों के सम्बन्ध में समय-समय पर जानकारी प्रदान की जा सकेगी।

कोविड महामारी की परिस्थितियों में शिक्षाविदें एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक जुड़ाव हेतु समय-समय राष्‍ट्रीय एवं अंतर राष्‍ट्रीय स्तर पर वेबिनार आयोजित की जा रही है।

एक वर्षीय कार्यकाल में कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में नवीन राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रभावी रूप से क्रियान्वित कराने के लिए माईक्रो टॉस्क फोर्स का ऑनलाइन लेक्चर सीरीज, समन्वयकों से संवाद, नवीन राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति के पहलुओं की जानकारी हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने हेतु देश-विदेश के शिक्षाविदें से सुझाव संकलित कर सकारात्मक रूप से लागू कर रहा है।

कुलपति के प्रयासों से राजस्थान सरकार द्वारा विश्वविद्यालय में नवीन विभाग यथा विधि, भूगोल, वाणिज्य एवं प्रबन्धन तथा फाईन आर्ट््स (ड्राईग एण्ड पेन्टिंग) की स्वीकृति प्रदान करने के उपरान्न्त सत्र 2020-21 से पांच वर्षीय बी.ए. एल एल. बी. इन्टीग्रेटेड पाठ्यक्रम, भूगोल, वाणिज्य एवं प्रबन्धन तथा फाईन आर्ट्स (ड्राईग एण्ड पेन्टिंग)  प्रारंभ किये गए।

साथ ही विश्वविद्यालय में सीमित संसाधन, अत्यल्प संख्या में कार्यरत स्टॉफ, दूरस्थ रेगिस्तानी भू-भाग के लगभग 400 कि.मी. की दूरी तक स्थापित 160 परीक्षा केन्द्रों से उत्तरपुस्तिकाएं एकत्र कर उनका मूल्याकंन करवाने की कठिन चुनौती के बावजूद भी राज्य सरकार के निर्देशानुसार कोविड-19 के दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित कराते हुए 28 अक्टूबर 2020 तक अंतिम वर्षो की 66 कक्षाओं की परीक्षा आयोजित कर 30 नवम्बर 2020 तक समस्त परिणाम जारी कर दिये हैं।

26 दिसम्बर 2020 को विश्वविद्यालय द्वारा पंचम दीक्षान्त समारोह आयोजित कर परीक्षा वर्ष 2018 की 97806 उपाधि, 01 कुलपति पदक, 50 स्वर्ण पदक, 72 विद्या-वाचस्पति उपाधि प्रदान की गई। दीक्षान्त समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं उच्च शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार भंवरसिंह भाटी उपस्थित हुए।

कुलपति के प्रयासों से प्रथम बार कुलपति पदक प्राप्त करने वाली छात्रा सुमन स्वामी को अंतर राष्‍ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘‘मानद कुलपति’’ बनाया गया। कुलपति के प्रयासों से विश्वविद्यालय परिसर में अत्याधुनिक सुविधायुक्त 12.00 करोड़ की लागत से विधि भवन एवं सामाजिक विज्ञान भावन निर्मित करवाये गए।

उक्त दोनों भवनों का लोकार्पण गत वर्ष 4 दिसंबर को राज्यपाल कलराज मिश्र एवं मुख्यमंत्री, अशोक गहलोत द्वारा किया गया। इस अवसर पर ऊर्जा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त बीकानेर क्षेत्र में साइकिलिंग ट्रैक की वर्षों से लम्बित एवं बहु-प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर परिसर में साइकिलिंग वेलोड्रम का निर्माण करवाया जा रहा है। इसका शुभारंभ गत माह 23 जून को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा किया गया। विश्वविद्यालय में बनने वाला साइकिलिंग वेलोड्रम ओलम्पिक खेलों के स्तर का होगा।

उक्त वेलोड्रम के निर्माण होने पर खिलाड़ी अन्तर राष्‍ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकने की राह पर अग्रसर होंगे।  कुलपति के ही प्रयासों से यह विश्वविद्यालय  पेपरलेस की ओर अग्रसर है। सी.यू.एम.एस. योजना के अन्तर्गत विश्वविद्यालय के समस्त कार्यालयी कार्यों को आॅनलाइन सम्पादित करवाने की योजना तैयार करवाई जा रही है।

इससे दूरस्थ क्षेत्रों में निवास करने वाले विद्यार्थी भी समस्त जानकारी अपने घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे तथा विद्यार्थियों की समस्त समस्याओं का निराकरण घर बैठे ही हो सकेगा। साथ ही ‘‘सौर ऊर्जा प्लान्ट की स्थापना’’, ‘‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर’, ‘पाठ्यक्रम अद्यतन’, च्वाँइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, ऑन स्क्रीन मार्किग आधारित उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्याकंन,

राष्‍ट्रीय एवं अन्तर राष्‍ट्रीय संस्थाओं के साथ मेमोरेण्डम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एम.ओ.यू.), संविधान वाटिका, विश्वविद्यालय पार्क, विशिष्ट नवाचार, विश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व, विश्वविद्यालय में सेन्टर आॅफ एक्सीलेन्स की स्थापना’’ की क्रियान्विति सुनिश्चित की जा रही है।

कुलपति के प्रयासों से सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के अन्तर्गत विश्वविद्यालय द्वारा अपने स्रोत से अर्जित आय से 1.00 करोड रूपये की लागत से राजकीय चिकित्सालयों में 100 आॅक्सीजन कंसन्‍ट्रेटर एवं सिलेण्डर उपलब्ध कराये गए।

साथ ही कोरोना अवधि में विवि के सम्बद्ध महाविद्यालयों एवं विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद स्थापित कर उनकी एवं परिवार की कुशलक्षेम, ऑनलाइन अध्ययन, पाठ्यक्रम पूर्ण करने आदि की जानकारी प्राप्त की गईं जिससे उन्हें परिवार जैसा वातावरण महसूस हो सके।

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महाराजा गंगा सिंह युनिवर्सिटी बीकानेर संपूर्ण डिजिटलाइजेशन की ओर अग्रसर : कुलपति https://samacharseva.in/maharaja-ganga-singh-university-bikaner-is-moving-towards-complete-digitization-vice-chancellor/ Thu, 15 Jul 2021 03:48:03 +0000 https://samacharseva.in/?p=16177 बीकानेर, (समाचार सेवा)। महाराजा गंगा सिंह युनिवर्सिटी बीकानेर संपूर्ण डिजिटलाइजेशन की ओर अग्रसर : कुलपति, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर संपूर्ण डिजिटलाइजेशन की ओर अग्रसर है। जल्द ही युनिवर्सिटी का सारा कामकाज इंटरनेट पर देखा जा सकेगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन डिजिटल इवेल्यूएशन की भी तैयारी कर रहा है।

Maharaja Ganga Singh University Bikaner is moving towards complete digitization Vice Chancellor

Maharaja Ganga Singh University Bikaner is moving towards complete digitization Vice Chancellor

जिसके तहत परीक्षा कॉपियों को भी इलेक्ट्रोनिक फोर्मेट में जांचकर्ताओं को भेजी जा सके। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने नवज्योति से बातचीत में बताया कि युनिवर्सिटी के संपूर्ण डिजिटलाइजेशन के बाद विवि का सारा आंतरिक व्यवहार भी नेट पर हो सकेगी।

विवि की फाइलें डिजिटल फोर्मेट में तैयार की जाकर इलेक्ट्रोनिक फोर्म में एक से दूसरी टेबल तक जाएगी। विवि के अधिकारी-कर्मचारी विवि में हो या कहीं ओर हों वे उसी स्थान से विवि का प्रशासनिक कार्य कर अपने लेपटॉप से कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि डिजिटलाजेशन से चीजें ट्रांसपेरेंट होंगी। काम तेजी से हो सकेगा। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि राज्यपाल व विवि के कुलाधिपति भी नेट के माध्यम से विवि की संपूर्ण गतिविधियों का अवलोकन कर सकेंगे।

प्रो. सिंह ने कहा कि विवि के संपूर्ण डिजिटलाइजेशन के साथही विवि प्रशासन डिजिटल इवेल्यूएशन पर भी गंभीर रूप से विचार कर रहा है। इसके तहत परीक्षाओं की कॉपियां भी जांचकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक फोर्मेट में उपलब्ध कराने पर मंथन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में विवि प्रशासन कॉपी जांचकर्ताओं को हार्ड कॉपियां भेज रहे हैं। डिजिटल इवेल्यूएशन की प्रक्रिया लागू होने के बाद कॉपियों को इलेक्ट्रानिक फोर्म में भेजा जा सकेगा। इससे ये भी संभव हो सकेगा कि कॉपियां केवल बीकानेर संभाग या राजस्थान के प्रोफेसरों को ही नहीं राज्य के बाहर दिल्ली, हरियाणा और पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश कहीं से भी जहां प्रोफेसर उपलब्ध होंगे उनसे भी कॉपी जांच करवा लें।

विवि में वर्तमान में परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति तथा बोर्ड आॅफ स्टडीज व डीन फैकल्टी के गठन के बाद उठ रे विरोध के स्वरों के बारे में कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि विवि में सभी कार्य नियमों के तहत ही किए जा रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति के लिये सरकार को लिखा गया था।

हमें 2021 की परीक्षाएं करवानी थी। सरकार से समय पर परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति नहीं होने पर बाद में विवि प्रशासन ने प्रो. राजाराम चोयल को परीक्षा नियंत्रक बनाया। आज भी प्रो. चोयल ही परीक्षा नियंत्रक हैं। वही रहेंगे।

पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले विद्यार्थियों से भी करेंगे संपर्क

कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि वर्तमान में विश्विद्यालय की एडमिशन पॉलिसी क्या होगी इसे तय करने के लिये एक कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को ही इस संबंध में विवि फैकल्टीज के साथ बैठक की गई।

उन्होंने बताया कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि अनेक छात्र विवि के विभिन्न कोर्सेस में प्रवेश लेने के बाद बाद में बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे छात्रों के बारे में भी जानकारी कर पढ़ाई छोड़ने के कारणों का पता लगागर संभव तो उन कारणों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

कोविड संकट में सहयोग देने पर सीएम ने की तारीफ

कुलपति ने बताया कि कोविड संकट के दौरान बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिये विवि प्रशासन की ओर से स्वीकृत की गई एक करोड़ रुपये की राशि के सहयोग पर मुख्यमंत्री सहित अनेक मंत्रियों व विधायकों ने प्रशंसा की।

कुलपति ने बताया कि जब बीकानेर में कोविड मरीजों की डेथ रेट अधिक हो गई थी, ऑक्सीजन कोंस्ट्रेटर व वेंटीलेटर की कमी थी तब विवि प्रशासन ने भी पीबीएम अस्पताल को एक करोड़ रुपये की मदद की।

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सारे सवाल महिला से ही करता आया है समाज, पुरुष से नहीं – प्रो. विश्‍व रक्षा https://samacharseva.in/society-has-been-asking-all-questions-to-women-not-to-men-prof-vishva-raksha/ Thu, 24 Jun 2021 13:23:15 +0000 https://samacharseva.in/?p=15826 एमजीएसयू में सोशल मार्जिनलाइजेशन ऑफ वूमन इन इंउिया थ्रू द पेजेज ऑफ हिस्‍ट्री, ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

बीकानेर, (समाचार सेवा)। सारे सवाल महिला से ही करता आया है समाज, पुरुष से नहीं – प्रो. विश्‍व रक्षा, युनिवर्सिटी ऑफ जम्‍मू में सेन्‍टर फॉर वूमन्‍स स्‍टडीज की डायरेक्‍टर प्रो. विश्‍व रक्षा ने कहा कि समाज की प्रवृत्ति है कि वह सारे सवाल महिला से ही करता आया है पुरुष से नहीं। इसे बदलना ही होगा।

प्रो. विश्‍व रक्षा बुधवार को महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर एमजीएसयू के सेंटर फॉर विमेंस स्टडीज और कालीकट विश्वविद्यालय केरल के यूनिटी वूमंस कॉलेज के इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोशल मार्जिनलाइजेशन ऑफ वूमन इन इंउिया थ्रू द पेजेज ऑफ हिस्‍ट्री विषयक ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को मुख्‍य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं।

उन्‍होंने कश्मीर में भ्रूण हत्या जैसी समस्याओं को भी मंच से पुरजोर रूप से उठाया। वेबीनार की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा की महिला और पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं और रहेंगे। एक पक्ष का कमजोर होना समाज को असंतुलित कर देता है और यहीं से दमित पक्ष में असुरक्षा की भावना जन्म लेने लगती है, जिसे सुधारा जाना परम आवश्यक है।

आयोजन का संचालन करते हुए सेंटर फॉर विमेन स्टडीज के डायरेक्टर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार की आयोजन सचिव डॉ. मेघना शर्मा ने एतिहासिक परिपेक्ष्य में महिलाओं के साथ हुए भेदभाव का जिक्र करते हुए वेबीनार के विषय का शाब्दिक चित्रण प्रस्तुत किया। संगोष्‍ठी के बीज वक्ता प्रो. तेज कुमार माथुर ने कहा कि भारत की संस्कृति महिलाओं के मामले में बहुत सारे फलक प्रस्तुत करती है।

उन्‍होंने कहा कि वैदिक काल में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं था, किंतु आधुनिक भारत तक आते-आते कई कुरीतियां भारत में पसर गई, जिनका निवारण समाज सुधारकों द्वारा किया गया। इनमें महर्षि दयानंद सरस्वती का नाम प्रमुख था। लेखिका हरमीत कौर भल्ला ने अपनी कविताओं के माध्यम से इतिहास में महिलाओं के स्थान को प्रतिपादित करते हुए अपनी बात मंच से कही।

लंदन से ग्लोबल संस्थाओं की राजदूत ज्योतिर्मया ठाकुर ने सदियों से महिलाओं को हाशिए पर पटके जाने की प्रक्रिया के चरणों को शामिल करते हुए अपना संबोधन दिया और कहा कि पुरुष और महिला दोनों को लैंगिक समानता पर काम करना होगा तभी भारत में महिलाओं का सम्मान अधिक सुरक्षित हो सकेगा।

रोहतक विश्वविद्यालय के प्रो. भूप सिंह गौड़ आधुनिक इतिहास में अनंता बाई जोशी, पंडिता रमाबाई और सावित्रीबाई फुले के महिला उत्थान विषयक सुधारों पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन यूनिटी वूमेंस कॉलेज केरल के इतिहास विभाग के अध्यक्ष व सेमिनार के संयोजक शबीरमोन. एम. द्वारा दिया गया।

आयोजन सचिव डॉ. मेघना शर्मा ने बताया इटली, मॉरीशस अमेरिका आदि देशों के अलावा देशभर के इक्कीस राज्यों से शोधार्थियों व विद्वानों ने वेबीनार में हिस्सा लिया, जिसमें 400 से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए और 50 से अधिक शोध पत्र प्रकाशन हेतु प्राप्त हुए।

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शिक्षाविद् डॉ. चयनिका उनियाल पंडा 31 जनवरी को बीकानेर में https://samacharseva.in/educationist-dr-chayanika-uniyal-panda-in-bikaner-on-31-january/ Thu, 30 Jan 2020 04:45:24 +0000 https://samacharseva.in/?p=8395 बीकानेर, (samacharseva.in)। शिक्षाविद् डॉ. चयनिका उनियाल पंडा 31 जनवरी को बीकानेर में, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर,इतिहास विषय की शिक्षाविद् डॉ. चयनिका उनियाल पंडा शुक्रवार 31 जनवरी को बीकानेर में होंगी।

डॉ. चयनिका यहां महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के सेंटर फॉर विमेंस स्टडीज की डायरेक्टर डॉ. मेघना शर्मा द्वारा संपादित स्त्री विमर्श के विभिन्न आयामों को समाहित करती पुस्तक “युग युगीन नारी (इतिहास, साहित्य और संस्कृति के आइने में..)” के लोकार्पण समारोह में मुख्‍य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

पुस्‍तक के संपादक मंडल में डॉ सीमा शर्मा व डॉ शशि वर्मा भी शामिल हैं।  पुस्‍तक लोकार्पण समारोह शुक्रवार 31 जनवरी को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर परिसर में संपन्न होगा।  

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि सेंटर फॉर विमेंस स्ट्डीज व राजस्थानी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. भागीरथ सिंह करेंगे। उन्‍होंने बताया कि पुस्‍तक लोकार्पण समारोह के तुरंत बाद राष्‍ट्र स्तरीय राजस्थानी काव्यपाठ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

प्रतियोगिता में वीर रस और महिला शक्ति आधारित रचनाओं का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में राजस्थान के बाहर से भी कई राज्यों के प्रतिभागी राजस्थानी में कवितापाठ करेंगे।

Educationist Dr. Chayanika Uniyal Panda in Bikaner on 31 January

Bikaner, (samacharseva.in). Academician Dr. Chayanika Uniyal Panda will be in Bikaner on 31 January, University of Delhi Professor, History scholar Dr. Chunika Uniyal Panda will be in Bikaner on Friday 31 January.

Dr. Chayanika released the book “Yuga Yugin Nari (In the Mirror of History, Literature and Culture ..)” covering the various dimensions of women’s discourse edited by Dr. Meghna Sharma, Director of Center for Women’s Studies at Maharaja Ganga Singh University Bikaner here. Will join as the chief guest.

The editorial board of the book also includes Dr. Seema Sharma and Dr. Shashi Verma. The booklet inauguration ceremony will be held on Friday 31 January at Maharaja Ganga Singh University Bikaner campus.

Program coordinator Dr. Meghna Sharma said that the function organized under the joint aegis of Center for Women’s Studies and Rajasthani Department was headed by Vice Chancellor Prof. Bhagirath Singh will do. He informed that a national level Rajasthani poetry competition will be organized soon after the booklet launch ceremony.

The competition will feature Veer Ras and female power-based compositions. In this competition, participants from many states from outside Rajasthan will also perform poetry in Rajasthani.

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