education news – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Tue, 07 Jul 2020 08:51:56 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png education news – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 राज्य के विद्यार्थियों के लिए बडी खबर https://samacharseva.in/big-news-for-the-students-of-the-state/ Tue, 07 Jul 2020 08:51:43 +0000 https://samacharseva.in/?p=10127 बीकानेर, (samacharseva.in)। राज्‍य के विद्यार्थियों के लिए बडी खबर, राजस्‍थान राज्‍य के सभी विद्यार्थियों के लिए यह एक बडी खबर है। जहां एक और विद्यार्थी वर्ग उलझा हुआ था कि परीक्षाए्ं होंगी की नहीं तो उसी बीच उच्‍च शिक्षा राज्‍य मंत्री भंवर सिंह भाटी का बयान आया है। उन्‍होंने अपने बयान में कहा है कि ‘राज्‍य में कोरोना को ध्‍यान में रखते हुए विद्यार्थियों को प्रमोट करने का फैसला लिया गया था। विद्यार्थियो का जीवन अमूल्‍य है, ना बदले प्रमोट का निर्णय, यूजीसी को भी हम कनवींस करेंगे, मुख्‍यमंत्री के ध्‍यान में है पूरा मामला।’ इसी के बाद से विद्यार्थी वर्ग को इससे आशा लगी हुई है।

 

Bikaner, (samacharseva.in). Big news for the students of the state, it is a big news for all the students of the state of Rajasthan. Where another student class was confused that there would be examinations or not, in the meantime, the statement of Minister of State for Higher Education Bhanwar Singh Bhati has come. He has said in his statement that ‘it was decided to promote the students keeping in mind the corona in the state. The life of the students is priceless, not the decision of promotion, we will also convince UGC, the whole matter is in the focus of the Chief Minister. ”Since then, the student class is hopeful.

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स्कूलों में दूध का हो रहा दुरुपयोग, बाजार में गरीब के बच्चों को नहीं मिल पा रहा दूध : सुभाष आचार्य https://samacharseva.in/misuse-of-milk-in-schools-poor-children-cannot-get-milk-in-the-market-subhash-acharya/ Thu, 12 Mar 2020 12:35:56 +0000 https://samacharseva.in/?p=8530 स्कूली बच्चों को दूध की बजाय फल व काजू-बादाम देने की दी सलाह

बीकानेर, (samacharseva.in)। स्कूलों में दूध का हो रहा दुरुपयोग, बाजार में गरीब के बच्चों को नहीं मिल पा रहा दूध : सुभाष आचार्य, राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रातीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुभाष आचार्य के अनुसार स्कूली बच्चों को दूध देने के सरकार के निर्णय से स्कूलों में भारी मात्रा में दूध का दुरपयोग हो रहा है। अचानक दूध के भाव बढ़ने से गरीब बच्चों को बाजार में दूध भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

शिक्षक नेता आचार्य ने इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि स्कूली बच्चों को दूध देने के स्थान पर फल अथवा काजू-बादाम दिये जा सकते हैं। शिक्षक नेता सुभाष आचार्य ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य की स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को जो दूध दिया जा रहा है उसे तत्काल बंद किया जावे।

पत्र में बताया गया है कि स्कूली विद्यार्थियों को दूध का निर्णय पिछली सरकार ने अंतिम समय में बिना सोचे समझे लिया गया था। उन्होंने कहा कि यह दूध राज्य के बच्चों के लिए बहुत बड़ा खतरा बन रहा है। इसे तत्काल बंद करना अति आवश्यक है। इससे सरकार गरीब बच्चों को कुपोषण से भी बचा सकती है। आचार्य ने अपने पत्र में बताया कि जब दूध विद्यालयों में प्रारम्‍भ किया, उस समय राज्य में दूध के भाव 20-22 रूपये प्रति लीटर थे।

वर्तमान में राज्य में दूध के भाव 38-40 रूपये प्रति लीटर चल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के वे बच्चे गरीब घरों के जिनकी आयु 1-3 वर्ष है, लगातार दूध से दूर होते जा रहे है। गरीब मंहगे भाव का दूध नहीं खरीद सकते। जबकि सरकारी स्कूलों के बच्चे दूध पीते भी बहुत कम है। छात्राऐं बहुत कम संख्या में दूध पीती है। ऐसे में स्कूलों में तो दूध का अनावश्यक दुरूपयोग हो रहा है वहीं, दूध मुहें बच्चों को बाजार में दूध नहीं मिल पा रहा है। मिल रहा है तो महंगा जो कि उन बच्चें के परिजन खरीद नहीं पा रहे हैं।

अचानक एक ही दिन में आदेश के बाद हजारों क्विंटल दूध स्कूलों में जाने से गरीब बच्चे दूध से दूर हो गये है। दूध देने वाली गायों को फैक्ट्री में तत्काल बनाया नहीं जा सकता। ऐसे में क्या सही है कि राज्य के बाजार से आम उपभोक्ताओं के उपयोग का हजारों क्विंटल दूध जिसका सदुपयोग भी नहीं हो रहा है फिर भी बाजार से गायब हो गया।

आचार्य ने कहा कि 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए दूध नितान्त आवश्यक है। ऐसी स्थिति में 6 से 14 वर्ष के बच्चों हेतु विद्यालयों में दूध बंद करना उचित रहेगा एवं नन्हें बालकों के हित में रहेगा। सरकार चाहे तो दूध के स्थान पर प्रतिदिन फल या काजू-बादाम देवे जो अमीर लोगो का खान-पान है ताकि गरीब बच्चे दूध से वंचित ना रहे।। आचार्य के अनुसार दूध कार्यक्रम से विद्यालय की शिक्षण व्यवस्थाओं पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।

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शिक्षा निदेशालय में यौन उत्पीड़ित महिलाओं का ईश्‍वर ही मालिक https://samacharseva.in/siksha-vibhag-me-youn-utpidit-mahilao-ka-ishwar-hi-malik/ Thu, 14 Jun 2018 13:34:06 +0000 https://samacharseva.in/?p=1997 * शिक्षा निदेशालय में महिलाओं को नहीं मिल रहा न्याय * दो महिलाओं ने साहस दिखाकर शिकायत की प्राचार्य की * घूरने, अकेले में बुलाने और बात करने के लिए दबाव डालता था *  विभाग ने उल्टे आरोप लगाकर उन्हें ही निलंबित कर दिया

बीकानेर (श्याम शर्मा) शिक्षा विभाग में गांवों में पढ़ाने के लिए जाने वाली अध्यापिकाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई नहीं होती जिससे ऐसी महिलाओं को शिकायत करने के बाद भी न्याय नहीं मिलता।

बीकानेर की दो शिक्षिकाओं ने स्कूल प्राचार्य के खिलाफ उन्हें बुरी नजर से देखने, अकेले में बुलाने और उनका वीडियो बनाने की शिकायत करने की हिम्मत की तो विभाग ने उनका जीना मुश्किल कर दिया है।

यह मामला है फलौदी तहसील के बाप ग्राम पंचायत के खिदरत राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का जहां प्राचार्य हर महिला शिक्षिका से अपने पास आने और बैठकर बातें करने के लिए दबाव डालता है लेकिन नौकरी के डर से कोई अध्यापिका मुंह नहीं खोलती।

यहां के प्राचार्य मनीष चाहर के खिलाफ एक महिला ने हौसला दिखाकर बाप पुलिस थाने में 22 जनवरी 18 को शिकायत कर दी तब से उसके जीवन के मुश्किल दिन शुरू हो गए। पहले तो पुलिस ने आठ दिन तक शिकायत यह कह कर दर्ज नहीं की कि आपने प्राचार्य के खिलाफ आरोप हल्के लगाए हैं।

एफआईआर दर्ज कराने पर बौखलाए प्राचार्य ने उल्टे इस महिला पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए। इस महिला का एक और शिक्षिका ने साथ दिया तो प्राचार्य ने उसके खिलाफ भी शिकायत कर दी। बाद में कई लोगों को मामला वापस लेने के लिए भेजकर धमकाया कि नौकरी करनी है तो मुंह बंद रखो लेकिन ये बहादुर महिलाएं नहीं मानीं।

punjab kesari

जातिवाद का जोर

प्राचार्य मनीष चाहर (जाट) ने इन दोनों महिलाओं की शिकायत शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल (जाट) से कर दी। सामान्य तौर पर तृतीय श्रेणी शिक्षिका के खिलाफ जांच नीचे से शुरू होती है और ऊपर तक निष्कर्ष पहुंचने पर जिला शिक्षा अधिकारी या उप शिक्षा निदेशक कार्रवाई करते हैं।

इस मामले में शिक्षा निदेशक डिडेल ने यौन उत्पीड़न के आरोपी प्राचार्य के प्रति सहानुभूति दर्शाते हुए खुद ही आदेश निकाल कर दोनों अध्यापिकाओं को निलंबित कर दिया। मजे की बात यह कि तब तक इन महिलाओं को कोई चार्जशीट तक नहीं मिली थी।

दोनों महिलाओं ने हाईकोर्ट में प्रार्थना की तो वहां से उन्हें स्थगन आदेश मिल गया। तब से फिर इन को धमकी मिलने लगी कि आप निदेशक के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में गई हो तो नौकरी करनी मुश्किल हो जाएगी।

ऊपर तक महिलाओं के खिलाफ माहौल – बहादुर महिला ने शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी, पुलिस महानिदेशक तक जाकर अपनी शिकायत पहुंचाई लेकिन उनका हश्र भी बेहद अफसोसजनक रहा।

शिक्षा मंत्री ने तो इन महिलाओं को कहा कि आपको विभाग पर भरोसा नहीं है।

कोर्ट पर भरोसा है तो वहीं से आदेश करवा लो। महानिदेशक ओपी गल्होत्रा ने महिला की फरियाद सुनकर आईजी जोधपुर को जांच करने के आदेश दिए लेकिन आईजी हवासिंह घुमारिया ने उनकी बात ही नहीं सुनी और चलता कर दिया।

dainik navjyoti

दैनिक नवज्‍योति बीकानेर शनिवार 10 मार्च 2018

महिला दिवस के दिन निलंबन का आदेश –

महिला दिवस के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झुंझुनू राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा के लिए आव्हान कर रहे थे उसी दिन शिक्षा विभाग की दो अध्यापिकाओं को शिक्षा निदेशक ने निलंबन के आदेश पकड़ा दिए।

ये महिलाएं शिक्षा निदेशक से प्राचार्य की शिकायत करने गई थीं कि उन्हें झूठे आरोप लगाकर एपीओ कर दिया है। शिक्षा निदेशक ने उल्टे महिलाओं को कहा- मैंने आपको सस्पेंड कर दिया है। आप यहां से बाहर निकलो। अब शिक्षा निदेशालय में दुबारा दिखाई मत देना।

इनका कहना है

दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ जोधपुर जिला शिक्षा अधिकारी और उपनिदेशक ने जांच कर एपीओ किया था। ये दोनों कोर्ट में जाकर स्टे ले आई। मैंने जांच करवाने के बाद दोनों को दोषी पाया तो मैंने अपने स्तर पर आदेश निकालकर निलंबित कर दिया

नथमल डिडेल,

माध्यमिक शिक्षा निदेशक

बीकानेर।

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सरकार की कल्‍पना से कई गुना बडा होगा शिक्षक आंदोलन https://samacharseva.in/sarkar-ke-kalpana-se-ka/ Fri, 18 May 2018 20:44:00 +0000 https://samacharseva.in/?p=1294 बीकानेर, (समाचार सेवा) सरकार की कल्‍पना से कई गुना बडा होगा शिक्षक आंदोलनप्रदेश के शिक्षक संघो ने एक स्‍वर में घोषणा की है कि यदि शिक्षा निदेशालय के सामने धरना दे रहे वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2011 के चयनित शिक्षकों की मांगे नहीं मानी गई तो आगामी 21 मई से सरकार की कल्‍पना से भी कई गुना बडा आंदोलन किया जाएगा।

जानकारी में रहे कि वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2011 के संशोधित परिणाम से चयनित वरिष्‍ठ शिक्षक कोर्ट के आदेश लागू करवाने की मांग पर शुक्रवार को पांचवे दिन भी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे।  इन धरनार्थियों के समर्थन में आये शिक्षक संघों के नेताओं ने बताया कि आगे की रणनीति तय की गई  व निर्णय लिया गया को शिक्षको के साथ किसी भी प्रकार का शोषण सहन नही किया जाएगा।

रेस्टा प्रदेश उप सभाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद ने बताया को उपस्थित सभी शिक्षको संघो के पदाधिकारियो ने निर्णय लिया कि सोमबार को सभी शिक्षक संघ एक साथ मिलकर वरिष्ठ शिक्षको की माँगो को जल्द पूरा करने की मांग करेगे अगर फिर भी माँग पूरी नही हुई तो सभी शिक्षक संघ मिलकर बड़ा  आंदोलन करेगे जिसकी विभाग व सरकार ने कल्पना नही की होगी।

शिक्षक नेता श्रवण पुरोहित, गुरुचरण मान, मोडाराम कड़ेला ने कहा कि राष्ट्र निर्माता सड़क पर बैठे है और विभाग सो रहा है इसे अब सहन नही किया जाएगाराजस्थान वरिष्ट शिक्षक संघ (रेस्टा) के प्रदेश सभाध्यक्ष व अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला उपाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद ने बताया कि धरनार्थियों के समर्थन में शुक्रवार को बीकानेर के अनेक शिक्षक संघों के नेताओं ने अपनी बात कही।

धरने में शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश सभाध्यक्ष रेवन्तराम गोदारा, प्रदेश मंत्री श्रवण पुरोहित, शिक्षक संघ अम्बेडकर के जिलाध्यक्ष मोडाराम कड़ेला, जिला मंत्री चेतराम, शिक्षक संघ प्रगतिशील के सभाध्यक्ष गुरुचरण मान, प्रदेश महामंत्री यतीश वर्मा, रेस्टा के जिला सभाध्यक्ष मदन कड़वासरा, जिलाध्यक्ष बजरंग लोयल, शारीरक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष धूमल भाटी, कमर्चारी महासंघ जिलाध्यक्ष जयकिशन पारीक, भगतसिंह शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष किशोर पुरोहित शामिल हुए।

शुक्रवार को शिक्षको ने निदेशालय पर जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया व कहा कि जब तक शिक्षको की माँगो को पूरा नही किया जाएगा धरना जारी रहेगा। शुक्रवार को धरने में शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश सभाध्यक्ष रेवन्तराम गोदारा, प्रदेश मंत्री श्रवण पुरोहित,शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेश सभाध्यक्ष गुरुचरण मान,प्रदेश महामंत्री यतीश वर्मा, रेस्टा प्रदेश उप सभाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद, अम्बेडकर शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष मोडाराम कड़ेला।

शिक्षक संघ भगतसिंह के प्रदेशाध्यक्ष किशोर पुरोहित, शारीरिक शिक्षक संघ के धूमल भाटी, लोकतांत्रिक शिक्षक संघ चन्द्रेश गहलोत, एकीकृत शिक्षक संघ के  वीरेंद्र सिंह भाटी, संस्कृत शिक्षा के बनवारी शर्मा, माहेष्वरी समाज के जिला मंत्री पवन राठी, शेखावत के जिला मंत्री भवर पटोलिया, जिला उपाध्यक्ष शिव गोदारा,देवेंद्र जाखड़, चेतराम, गजेंद्र कुमार शर्मा, रमेश कुमार, मनोज कुमार, सुनील वर्मा, सुनील पिलानिया,  ओम प्रकाश लिम्बा, पवन कुमार आदि मौजूद रहे !

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