dr meghna sharma – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Thu, 06 Jun 2024 14:33:31 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png dr meghna sharma – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 एकल नृत्य में राधेश्याम व समूह नृत्य में सुजाता रूपाली, जगदीश, विनय बने विजेता https://samacharseva.in/radheshyam-became-the-winner-in-solo-dance-and-sujata-rupali-jagdish-vinay-became-the-winner-in-group-dance/ Thu, 06 Jun 2024 11:37:06 +0000 https://samacharseva.in/?p=22682 महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय स्‍थापना सप्‍ताह संपन्‍न,  विजेताओं की हुई घोषणा

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा)महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के 21वें स्‍थापना दिवस सप्‍ताह के तहत अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग के बैनर तले आयोजित प्रतियोगिताएं गुरुवार को संपन्‍न हुई। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ मेघना शर्मा ने बताया कि स्‍थापना सप्‍ताह के अंतिम दिन गुरुवार को आयोजित एकल नृत्य प्रतियोगिता में सेठ बिहानी कॉलेज श्रीगंगानगर के राधेश्याम विजेता रहे।

Radheshyam of Seth Bihani College Sriganganagar was the winner in the solo dance competition.

Radheshyam of Seth Bihani College Sriganganagar was the winner in the solo dance competition.

साथ ही समूह नृत्य प्रतियोगिता में एमजीएसयू के विद्यार्थी रूपाली, जगदीश, एमएस कॉलेज की छात्रा सुजाता तथा एनएसपी कॉलेज के विनय विजेता बने। प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. मेघना शर्मा व उमेश शर्मा के निर्देशन में किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. श्रेयांस जैन व डॉ. राजभारती शर्मा रहे।

The judges of the competition were Dr. Shreyans Jain and Dr. Rajbharati Sharma.

The judges of the competition were Dr. Shreyans Jain and Dr. Rajbharati Sharma.

डीन डॉ. मेघना ने बताया कि कि समस्त प्रतियोगिताओं के प्रथम स्थान प्राप्त विजेताओं को 7 जून को विवि‍के दीक्षांत समारोह से पहले राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा सम्मानित किया जाएगा। एसोसिएट डीन डॉ प्रभु दान चारण ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैडमिंटन व टीटी प्रतियोगिता परिणाम

मैडम डीन डॉ. मेघना ने बताया कि विवि स्‍थापना सप्‍ताह के पहले दिन डॉ. यशवंत गहलोत के निर्देशन में बैडमिंटन और टेबल टेनिस प्रतियोगिताएं हुई। इनमें यूटीडी एमजीएसयू शैलेश, डूंगर कॉलेज की वंशिका, जैन कॉलेज के इंद्रजीत और डीपी टीटी कॉलेज से फराह विजेता बने। इसी दिन डॉ. धर्मेश हरवानी के निर्देशन में हुई योग प्रतियोगिता में एमएस कॉलेज की महिला टीम तो एमसीएस यूनिवर्सिटी की पुरुष टीम का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा।

भावना व भास्कर ने जीती प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ मेघना शर्मा ने बताया कि स्‍थाना सप्‍ताह के दूसरे दिन डॉ. ज्योति लखानी व फौजा सिंह के नेतृत्व में म्हारो राजस्थान थीम पर हुई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बेसिक कॉलेज के भावना व भास्कर आचार्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिता

अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग के बैनर तले स्‍थाना सप्‍ताह के तहत तीसरे दिन डॉ. प्रगति सोबती व डॉ. लीला कौर के नेतृत्व में आयोजित पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिता में रामपुरिया कॉलेज की काजल गुर्जर और पूर्णिमा बुच्चा ने परचम फहराया तो जैन कन्या कलेज की गुरमीत कौर भी संयुक्त रूप से विजेता घोषित की गई।

कविता पाठ, निबंध व भाषण प्रतियोगिता

मैडम डीन डॉ. मेघना ने बताया कि स्‍थापना सप्‍ताह के चौथे दिन डॉ. अनिल दुलार, डॉ. सीमा व अमरेश सिंह के निर्देशन में हुई कविता पाठ, निबंध व भाषण प्रतियोगिताओं में क्रमश: डीएवी टीटी कॉलेज, श्रीगंगानगर की सुप्रीत कौर, अग्रसेन डिग्री कॉलेज, भादरा के अभिमन्यु और मुरलीधर व्यास राजकीय महाविद्यालय की भूमि कौशिक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

गायन में भव्य मेहता बने विजेता

अधिष्ठाता छात्र कल्याण विभाग के बैनर तले पांचवे दिवस डॉ. गौतम कुमार व डॉ. संतोष के नेतृत्व में आयोजित गायन प्रतियोगिता में एमकॉम, एमजीएसयू के छात्र भव्य मेहता तो युगल गायन में चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय महाविद्यालय, श्रीगंगानगर विजेता घोषित किए गए।

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प्रो. योगेन्द्र सिंह एमजीएस यूनिवर्सिटी के लोकपाल बने https://samacharseva.in/pro-yogendra-singh-becomes-ombudsman-of-mgs-university/ Sun, 31 Dec 2023 06:23:24 +0000 https://samacharseva.in/?p=21995 NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) प्रो. योगेन्द्र सिंह एमजीएस यूनिवर्सिटी के लोकपाल बने, यूपी में जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के पूर्व कुलपति प्रो. योगेन्द्र सिंह को महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के  लोकपाल के रूप में नामित किया गया है।

प्रो. योगेन्द्र सिंह एमजीएस यूनिवर्सिट के पहले नामित लोकपाल हैं। इससे पहले विश्वविद्यालयों में लोकपाल नामित करने की व्यवस्था नहीं थी। प्रो. सिंह लोकपाल की अपनी नियुक्ति की तिथि से तीन वर्ष तक या 70 वर्ष की उम्र पूर्ण होने पद पर बने रहेंगे।

एमजीएसयू बीकानेर के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने लिएविश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय छात्र शिक़ायत निवारण समिति के गठन के क्रम में प्रो. योगेन्‍द्र को विवि का लोकपाल नामित किया है।

कुलपति दीक्षित ने कहा कि लोकपाल की नियुक्ति विधार्थियों की शिकायतों के निस्तारण के क्षेत्र में समिति समयबद्ध रूप में निष्पक्ष रहकर कार्य संपादन कर विश्वविद्यालय में पारदर्शिता संवर्धन में मददगार साबित होगी।

विवि की मीडिया प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि यूनिवर्सिटी में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं और शिकायतों के निराकरण के गठित विश्वविद्यालय छात्र शिक़ायत निवारण समिति के चेयरपर्सन पर्यावरण विभाग के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छंगाणी होंगे।

समिति में कुलपति दीक्षित द्वारा नामित सदस्यों में डॉ. गौतम मेघवंशी, डॉ. अनिल कुमार दुलार, इतिहास विभाग से डॉ. मेघना शर्मा और डॉ. प्रगति सोबती शामिल हैं।

डॉ. मेघना ने बताया कि इस समिति में छात्र प्रतिनिधि के रूप में सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग की सुश्री नेहा यादव को सदस्‍य बनाया गया है।

 

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आजादी के आंदोलन में एक अखबार की कीमत थी फिरंगी का कटा हुआ सर – डॉ. मेघना शर्मा https://samacharseva.in/firangis-severed-head-was-the-price-of-a-newspaper-in-the-freedom-movement-dr-meghna-sharma/ Wed, 08 Feb 2023 07:21:21 +0000 https://samacharseva.in/?p=20741 एम्‍मजीएसयू की डॉ॰ मेघना शर्मा का नागपुर की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में व्याख्यान 

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) आजादी के आंदोलन में एक अखबार की कीमत थी फिरंगी का कटा हुआ सर – डॉ. मेघना शर्मा, महाराजा गंगा सिंह विश्‍व विद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर की इतिहास विभाग की सहप्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान लोगों में देश के लिये कुछ भी कर जाने का जूनून थी तभी एक भारतीय अखबार की कीमत भी एक फिरंगी का कटा हुआ सर रखी गई।

Firangi's severed head was the price of a newspaper in the freedom movement. - Dr

Firangi’s severed head was the price of a newspaper in the freedom movement. – Dr

इस जूनून की हद यह थी कि हर कोई अपने आप को उस अखबार का संपादक बताकर गिरफतार होने को भी तैयार था। डॉ. मेघना नागपुर के राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज विश्वविद्यालयउत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थानलखनऊ और महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा पुणे नागपुर द्वारा स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी व मराठी साहित्य का अवदान विषय पर आयोजित दो दिवसीय 7-8 फरवरी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रथम दिवस के चतुर्थ सत्र में अपना व्‍यख्‍यान दे रही थीं।

Firangi's severed head was the price of a newspaper in the freedom movement - Dr

Firangi’s severed head was the price of a newspaper in the freedom movement – Dr

उन्‍होंने कहा कि स्वतंत्रता कालीन पत्रकारिता के दौर में वारीन्द्र घोष के युगान्तर पत्र का संपादक कौन है, ये मालूम करना ब्रिटिश सरकार के लिये तब लगभग असंभव हो गया जब कई लोग देशप्रेम के चलते और पत्र के संपादक को बचाने की जुगत में ख़ुद को संपादक बताकर जेल चले जाने को तैयार था। 

अखबार में थी बम बनाने की विधि

बीकानेर के एमजीएसयू की इतिहासविद डॉ. मेघना ने कहा कि क्रांतिकारी पत्र युगान्तर के अंतिम अंक में बम निर्माण की सम्पूर्ण प्रक्रिया शामिल थी और उसका मूल्य रखा गया फिरंगी का ताज़ा कटा हुआ सर। डॉ. मेघना ने मुख्य रूप से आर्य पत्रकारिता के तीन युगों को दृष्टिगत रखते हुये स्वतंत्रता कालीन पत्रकारिता एवं साहित्यिक परिदृश्य पर अपना व्याख्यान केंद्रित रखा।  

पुस्तक का हुआ लोकार्पण

A book on the contribution of Hindi literature in the freedom struggle, in which Dr. Meghna's article is

A book on the contribution of Hindi literature in the freedom struggle, in which Dr. Meghna’s article is

इससे पूर्व उद्घाटन सत्र में संगोष्ठी संयोजक डॉ. मनोज पाण्डेय द्वारा संपादित स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी साहित्य का अवदान विषयक पुस्तक का मंचस्थ विद्वानों द्वारा लोकार्पण किया गया जिसमें बीकानेर की डॉ. मेघना का आलेख भी प्रकाशित हुआ है। 

उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की प्रधान संपादक डॉ. अमिता दुबे ने भी मंच से अपने विचार प्रस्तुत किये। अध्यक्षता नागपुर विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. दुधे ने की।

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विवेकानंद बनने के लिये जरूरी है डिफरेंसियेशन, डिसीजन और डिटर्मिनेशन–स्‍वामी विमर्शानंद https://samacharseva.in/differentiation-decision-and-determination-are-necessary-to-become-vivekananda-swami-vimarshananda/ Tue, 17 Jan 2023 14:13:26 +0000 https://samacharseva.in/?p=20672 महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय के विवेकानंद वीथी परिसर में हुआ आयोजन

NEERAJ JOSHI (समाचार सेवा) बीकानेर। विवेकानंद बनने के लिये जरूरी है डिफरेंसियेशन, डिसीजन और डिटर्मिनेशन–स्‍वामी विमर्शानंद, लालेश्वर महादेव मठ शिवबाड़ी बीकानेर के अधिष्ठाता स्वामी विमर्शानन्द जी महाराज ने कहा कि विवेकानंद बनने के लिये एक युवा में डिफरेंसियेशन, डिसीजन और डिटर्मिनेशन जैसे गुण होना बहुत जरूरी है।

Differentiation, Decision and Determination are necessary to become Vivekananda – Swami Vimarshananda

Differentiation, Decision and Determination are necessary to become Vivekananda – Swami Vimarshananda

महाराज मंगलवार को महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के विवेकानंद वीथी परिसर में इतिहास विभाग की ओर से विवेकानंद जयंती सप्ताह के तहत आयोजित युवा जागरण दिवस विस्तार व्याख्यान को मुख्‍य वक्‍ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि युवा यदि प्रश्न पूछेंगे, जिज्ञासा रखेंगे तो विवेकानंद का गुरुत्व अपने आप स्वयं में महसूस कर सकेंगे। कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो.विनोद कुमार सिंह ने कहा कि स्‍वामी विवेकानंद युवाओं को चिरयुवा बनाने काम किया।

उन्‍होंने कहा कि युवा को विकसित करने में उसकी परवरिश का बहुत बड़ा योगदान होता है। इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छंगाणी ने युवाओं को प्रेरित करने में स्‍वामी विवेकानंद की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

आयोजन सचिव, संपूर्ण आयोजन की संचालनकर्ता व इतिहास विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि आज के दौर में युवाओं को अपने अंदर नेतृत्व क्षमता का विकास करना बहुत आवश्‍यक है।

कार्यक्रम में छात्रसंघ अध्यक्ष लोकेन्द्र प्रताप सिंह सहित निधि, सुमन, आरती, भवानी, गुनगुन, हिमांशु, शीतल, अंजलि ने स्‍वामी विमर्शानन्द जी को भगवद् गीता की प्रति भेंट की। समारोह में डॉ. अभिषेक वशिष्ठ, डॉ. प्रगति सोबती,

डॉ. गौतम मेघवंशी, डॉ. प्रभु दान चारण, उमेश शर्मा, डॉ. रितेश व्यास, डॉ. मुकेश हर्ष, डॉ. राकेश किराडू, डॉ. मदन राजोरिया, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, रामावतार उपाध्याय, राजेश चौधरी, सुधीर छीपा, सुनीता स्वामी, जसप्रीत सिंह व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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अबेक़स चैम्पियनशिप में बीकानेरी बच्‍चों ने लहराया परचम https://samacharseva.in/bikaneri-children-won-the-abacus-championship/ Mon, 26 Dec 2022 02:49:23 +0000 https://samacharseva.in/?p=20567 NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) अबेक़स चैम्पियनशिप में बीकानेरी बच्‍चों ने लहराया परचम, दुनिया के नौ देशों में हुई वर्ल्ड अबेक़स चैम्पियनशिप में चैम्पियन ऑफ़ चैम्पियन का ख़िताब जीतने वाले बीकानेर की ऐडवांस अबेक़स अकेडमी के विद्यार्थियों का अकेडमी परिसर में आयोजित समारोह में सम्‍मानित किया गया।

समारोह की मुख्‍य अतिथि महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय एमजीएसयू बीकानेर की इतिहास विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा सहित साहित्यकार कमल रंगा, एसएचओ जामसर इंद्रपाल वर्मा, भुपेंद्र मिढ़ा, शिव रतन चांडक ने सभी बच्चों को सर्टिफ़िकेट एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

अकेडमी  प्रबंधक लाल सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में ऐडवांस अबेक़स अकेडमी के 15 बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में बच्‍चों को 3 मिनट में 80 सवाल का सही जवाब देना था। इसमें मोहित गहलोत, दिव्या पारीक, विवेक पांडिया, आयुष्मान पारीक, नव्या पारीक, मनस्वी बच्चों ने रनर अप तथा ख्याति पारीक, सुराज जल, आयंस भाटिया, दीशता मोहता, दिव्याश तिवारी बच्चों ने चैम्पियन ऑफ़ चैम्पियन का ख़िताब जीता।

समारोह के दौरान बच्चो ने योगा, मिड ब्रेन, रूबिक क्यूब का भी प्रदर्शन किया। संचालन विनय हर्ष ने किया। कार्यक्रम में गिरिराज पारीक, अशोक सुथार, सोनू सर, संतोष राजपूत, डॉ. गौरव पारीक उपस्थित रहे।

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प्राचीन धरोहर को संरक्षित नहीं किया तो आगे भी भुगतनी पड़ेंगी कोरोना जैसी विपदाएं – प्रो. विनोद कुमार सिंह https://samacharseva.in/if-the-ancient-heritage-is-not-protected-we-will-have-to-face-calamities-like-corona-in-future-too-prof-vinod-kumar-singh/ Tue, 22 Nov 2022 14:31:12 +0000 https://samacharseva.in/?p=20509 विश्व धरोहर संरक्षण सप्ताह  – महाराजा गंगासिंह विवि में हुई मुद्राशास्त्र और संग्रहालय संरक्षण पर राष्ट्रीय कार्यशाला

NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचार सेवा) प्राचीन धरोहर को संरक्षित नहीं किया तो आगे भी भुगतनी पड़ेंगी कोरोना जैसी विपदाएं – प्रो. विनोद कुमार सिंह, महाराजा गंगा सिंह विश्‍व विद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि आज समय आ चुका है कि अब हम अपनी प्रकृति और प्राचीन धरोहर को संरक्षित रखने हेतु तत्पर हों, नहीं तो विश्व को भविष्य में भी कोरोना जैसी विपदाएं और भुगतनी पडेंगी।

If the ancient heritage is not protected, we will have to face calamities like Corona in future too – Prof. Vinod Kumar Singh

If the ancient heritage is not protected, we will have to face calamities like Corona in future too – Prof. Vinod Kumar Singh

कुलपति प्रो. सिंह मंगलवार को विवि के सेंटर फॉर म्यूज़ीयम एंड डॉक्युमेंटेशन के बैनर तले विश्व धरोहर संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की अध्‍यक्षता करते हुए अपनी बात रख रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि धरोहर संरक्षण के लिये प्रत्‍येक आयुवर्ग के लोगों को इसकी आवश्‍यकता समझते हुए साथ आना होगा। इतिहास विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में मुद्राशास्त्र व संग्रहालय संरक्षण पर चर्चा की गई।

mgs university bikaner-3

सेंटर फॉर म्यूज़ीयम एंड डॉक्युमेंटेशन की डाइरेक्टर तथा राष्‍ट्रीय कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि देश के संग्रहालय भारत की संस्कृति और प्राचीन धरोहर के प्रतिबिंब हैं।

कार्यशाला में बीज वक्ता जयपुर के पुरातत्व व संग्रहालय विभाग के पूर्व उत्खनन अधीक्षक डॉ. ज़फर उल्लाह ख़ान ने भारत की प्राचीन मुद्राओं को पहचानने, उनकी लिपि को पढ़ने व संग्रहालयों में उनके प्रदर्शन की तकनीक को लेकर मुख्य रूप से अपना उद्बोधन दिया।

mgs university bikaner-1

इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार छंगाणी ने स्‍वागत भाषण दिया।  कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में विद्यार्थी  मनोज मीणा, पवन सारस्वत, खुशबू तेजी,  व गौतम आचार्य ने विषय विशेषज्ञ से प्रश्न पूछे।

संचालन डॉ. रितेश व्यास ने किया। कार्यशाला में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों सहित बी. जे. एस. रामपुरिया कॉलेज, बिन्नाणी कॉलेज, सिस्टर निवेदिता कॉलेज, जैन महिला महाविद्यालय के विद्यार्थी शामिल रहे।

कुलसचिव अरुण कुमार शर्मा ने आभार जताया।

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एमजीएसयू के विद्यार्थियों ने अहमदाबाद में बताई उस्‍ता आर्ट की बारीकियां https://samacharseva.in/mgsu-students-told-the-features-of-usta-art-in-ahmedabad/ Tue, 27 Sep 2022 11:58:40 +0000 https://samacharseva.in/?p=19739 NEERAJ JOSHI बीकानेर, (समाचारसेवा)। एमजीएसयू के विद्यार्थियों ने अहमदाबाद में बताई उस्‍ता आर्ट की बारीकियां, महाराजा गंगासिंह विश्‍वविद्यालय (एमजीएसयू) के ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग बीकानेर के चार विद्यार्थियों रामकुमार भदाणी, मंजू जांगिड़, लक्ष्मी तथा फ़राह मुग़ल ने गुजरात प्रदेश के अहमदाबाद में हुई पन्‍द्रह दिवसीय कार्यशाला में गुजरात के प्रतिभागियों को बीकानेर की उस्‍ता आर्ट की बारीकियां बताई।

MGSU students told the features of Usta Art in Ahmedabad1

बीकानेर पहुंचने पर विद्यार्थियों के इस दल का मंगलवार को एमजीएसयू परिसर में स्‍वागत किया गया। एमजीएसयू की ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि यह पंद्रह दिवसीय कार्यशाला नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन अहमदाबाद गुजरात में आयोजित हुई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला और परंपरा को युवा पीढ़ी के माध्यम से, विरासत के रूप में आगे बढ़ाकर, संरक्षण संवर्धन करना रहा।

डॉ. मेघना ने बताया कि मिनिस्ट्री ऑफ़ माइनॉरिटी अफेयर्स दिल्‍ली और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (एनआईडी) अहमदाबाद की ओर से हुए इस पारंपरिक कला विकास व प्रशिक्षण शिविर ‘उस्ताद’  में एमजीएसयू के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण देकर उस्ता (बीकानेर की सुनहरी कलम) के माध्यम से इस विधा को आगे बढ़ाया।

बीकानेर से गए इन विद्यार्थियों के दल ने वहां उस्ता कला (बीकानेर की सुनहरी कलम)  की बारीकियों का प्रशिक्षणार्थियों को ज्ञान कराते हुये एमजीएसयू का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया।

उन्‍होंने बताया कि विवि कुलपति विनोद कुमार सिंह ने ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग के कार्यशाला प्रशिक्षण कार्य कर लौटे विद्यार्थीयों को  उनकी उपलब्धि हेतु आशीर्वाद प्रदान किया।

विभागाध्यक्ष प्रो. राजाराम चोयल ने कहा कि कला के विकास में ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में निरंतरता और उत्साह बनाए रखने में सहायक सिद्ध होती हैं।

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प्रेरणादायी हैं गांव की बूढ़ी गांधी मातंगिनी हाज़रा के जीवन के प्रसंग – डॉ. मेघना शर्मा https://samacharseva.in/the-events-of-the-life-of-matangini-hazra-the-old-gandhi-of-the-village-are-inspiring-dr-meghna-sharma/ Sat, 13 Aug 2022 13:42:11 +0000 https://samacharseva.in/?p=19151 हर घर तिरंगा अभियान

बीकानेर, (समाचार सेवा) प्रेरणादायी हैं गांव की बूढ़ी गांधी मातंगिनी हाज़रा के जीवन के प्रसंग – डॉ. मेघना शर्मा, आजादी का अमृत महोत्सव तथा हर घर तिरंगा अभियान के तहत शनिवार को गांव स्‍वरूपदेसर में हर घर में तिरंगा झंडा फहराया गया।

महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर ने गांव स्‍वरूपदेसर को गोद ले रखा है।विवि की मीडिया सेल समन्वयक डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि शनिवार को विश्वविद्यालय के दल ने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों को घर में तिरंगा लगाने व फहराने को प्रेरित किया।

उन्‍होंने बताया कि एमजीएसयू की टीम ने प्रत्येक व्यक्ति को तिरंगे का महत्व बताया। डॉ. मेघना ने बताया कि तिरंगे को लेकर गांव की महिलाओं और बच्चियों में खासा उत्साह देखा गया। गांव में बूढ़ी गांधी कहलाने वाली मातंगिनी हाज़रा के जीवन से प्रेरणा लेने का लोगों ने उद्घोष किया।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के सदस्यों में सरपंच उदराम, रत्न सिंह सियाग, प्रहलाद, ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक उपाध्याय, भँवर, बाबूलाल  सहित विवि के इस दल में अमृत महोत्सव के नोडल अधिकारी डॉ. बिट्ठल बिस्सा, मीडिया सेल समन्वयक डॉ. मेघना शर्मा,  गोदित गांव के प्रभारी डॉ. प्रभुदान चारण, डॉ. अनिल कुमार आदि शामिल रहे।

इससे पूर्व तिरंगा अभियान के पोस्टर का विमोचन कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने किया।

 डॉ. मेघना एमजीएसयू मीडिया सेल प्रभारी नियुक्‍त

बीकानेर, (समाचार सेवा) डॉ. मेघना शर्मा को महारजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर में मीडिया सेल का अतिरिक्‍त प्रभार सौंपा गया है।

विवि कुल सचिव यशपाल आहुजा ने बताया कि विवि कुलपति प्रो. वी. के. सिंह के निर्देशानुसार डॉ. मेघना इस पद पर पद की शेष रही अवधि अथवा

आगामी आदेश जो भी पहले हो तक प्रभारी बनी रहेंगी।

डॉ. मेघना विवि में इतिहास विभाग में सहायक आचार्य हैं। वें साहित्‍य क्षेत्र में भी काफी सक्रिय हैं।

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अमृत महोत्सवमय हुआ एमजीएसयू कुलपति सचिवालय https://samacharseva.in/mgsu-vice-chancellor-secretariat-became-amrit-mahotsav/ Fri, 29 Jul 2022 01:58:06 +0000 https://samacharseva.in/?p=19076 चित्रकला विद्यार्थियों ने तैयार की अमृत महोत्सव कलाकृति तैयार : डॉ. मेघना शर्मा

बीकानेर (समाचार सेवा) अमृत महोत्सवमय हुआ एमजीएसयू कुलपति सचिवालय, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) बीकानेर में राज्यपाल कलराज मिश्र के स्वागत की तैयारियों के तहत गुरुवार 28 जुलाई को चित्रकला विभाग के विद्यार्थियों द्वारा आज़ादी के अमृत महोत्सव थीम पर आधारित विशाल कलाकृति को कुलपति सचिवालय में स्थान दिया गया।

चित्रकला विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया की कुलपति सिंह ने पहली बार नवाचार करते हुये किसी भी प्रकार की कलाकृति को अपने सचिवालय में लगवाने के आदेश देकर आज़ादी के दीवानों के प्रति ना सिर्फ़ सम्मान प्रकट किया बल्कि कलाकृति तैयार करने वाले सभी विद्यार्थियों को आज़ादी के अमृत महोत्सव के सुअवसर पर 75 स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र बनाकर उन्हें सच्चे अर्थों में श्रद्धांजलि देने हेतु भी प्रेरित किया।

वीसी प्रो. सिंह के अनुसार राज्यपाल के आगामी 31 जुलाई को विश्वविद्यालय में संविधान पार्क एवं ऑक्सिजन पार्क के लोकार्पण व सोलर पार्किंग के शिलान्यास के क्रम में आगमन की तैयारियों की शृंखला के तहत परिसर के समस्त  विद्यार्थियों को आयोजन से जोड़ने की प्रक्रिया और उन्हें प्रोत्साहित करने हेतु ये कदम उठाया गया है।

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बीकानेर के जूनागढ़ में हैं मध्यकालीन इतिहास की बेजोड़ विरासत – डॉ. मेघना शर्मा https://samacharseva.in/junagadh-of-bikaner-has-an-unmatched-legacy-of-medieval-history-dr-meghna-sharma/ Mon, 06 Jun 2022 10:57:32 +0000 https://samacharseva.in/?p=18725 कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने दिखाई विद्यार्थियों की बस को हरी झंडी

बीकानेर, (समाचारसेवा)। बीकानेर के जूनागढ़ में हैं मध्यकालीन इतिहास की बेजोड़ विरासत डॉ. मेघना शर्मा, महाराजा गंगासिंह विश्‍व विद्यालय के स्‍थापना दिवस के कार्यक्रमों की कड़ी में सोमवार को विवि के इतिहास विभाग के विद्यार्थियों को बीकानेर के जूनागढ़ किले की विज़िट करवाई गई।

Junagadh of Bikaner has an unmatched legacy of medieval history - Dr. Meghna Sharma2

Junagadh of Bikaner has an unmatched legacy of medieval history – Dr. Meghna Sharma2

विवि कुलपति प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह ने विद्यार्थियों की बस को विवि परिसर से हरी झंडी दिखाकर जूनागढ़ के लिये रवाना किया।

जूनागढ़ में एमजीएसयू के सेंटर फॉर म्यूजियम एंड डॉक्यूमेंटेशन की निदेशक व जूनागढ़ डॉ मेघना शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि बीकानेर के जूनागढ़ में हैं मध्यकालीन इतिहास की बेजोड़ विरासत सदियो से सुरक्षित है।

Junagadh of Bikaner has an unmatched legacy of medieval history - Dr. Meghna Sharma-222

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उन्‍होंने कहा कि चतुष्कोणीय आकृति में बना हुआ जूनागढ़ दुर्ग  ‘भूमि दुर्ग’ की श्रेणी में आता है  जिसका निर्माण हिंदु और मुस्लिम शैली के समन्वय से हुआ है।

डॉ. मेघना ने कहा कि स्थापत्य और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस किले के निर्माण में तुर्की शैली अपनाई गई है जिसके तहत दीवारें अंदर की तरफ झुकी हुई निर्मित की जाती है।

किले में दिल्ली आगरा और लाहौर स्थित महलों की झलक ही प्राप्त होती है।

अकादमिक दौरे के तहत विश्वविद्यालय के 60 से अधिक विद्यार्थियों ने मध्यकालीन दुर्ग स्थापत्य वास्तु कला और सोने की कलम से की जाने वाली अद्भुत चित्रकारी के नमूनों का बीकानेर स्थित जूनागढ़ महल में संकाय सदस्यों के सानिध्य में अवलोकन अध्ययन किया।

इससे पूर्व विवि परिसर में हुए समारोह में विवि कुलसचिव यशपाल आहूजा, प्रो. अनिल कुमार छंगानी, प्रो. राजाराम चोयल,  डॉ. मेघना शर्मा, डॉ॰संतोष कंवर शेखावत आदि उपस्थित रहे।

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