dharnidhar rangmanch – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Sat, 21 Jul 2018 02:59:35 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png dharnidhar rangmanch – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 डॉ. रेणुका का काव्य संग्रह ‘उडने को तैयार मन’ लोकार्पित https://samacharseva.in/635-2/ Mon, 30 Apr 2018 07:39:31 +0000 https://samacharseva.in/?p=635 बीकानेर (समाचार सेवा) युवा कवि-कथाकार डॉ. रेणुका व्यास ‘नीलम’ के प्रथम काव्य संग्रह ‘उडने को तैयार मन’ का लोकार्पण रविवार को स्थानीय धरणीधर रंगमंच पर आयोजित हुआ। समारोह में कवयित्री डॉ. रेणुका व्यास ने अपने रचनाकर्म पर प्रकाश डालते हुए लोकार्पित संग्रह से चुनिन्दा कविताओं का वाचन किया।

इस अवसर पर कवयित्री ने ‘उडने को तैयार मन’ काव्य संग्रह की प्रति कवि-आलोचक डॉ. नन्दकिशोर आचार्य, पति शिवशंकर व्यास, कवि-कथाकार राजाराम स्वर्णकर, व्यंग्यकार बुलाकी शर्मा, चन्द्रशेखर जोशी, कमला शर्मा, कमल रंगा को भेंट की। कार्यक्रम में संगीतज्ञ ज्ञानेश्वर सोनी ने डॉ. रेणुका व्यास के संग्रह ‘उडने को तैयार मन’ काव्य संग्रह से गीत ‘भारती मां भारती’ की सस्वर संगीतमयी प्रस्तुति दी।

साहित्य विदुषी डॉ. चंचला पाठक ने काव्य संग्रह पर पत्र वाचन किया।उन्‍होंने कहा कि डॉ. रेणुका की रचनाओं को भाव संवेदनाओं एवं लोक सौन्दर्य की रचनाएं बताते हुए कहा कि इस पहले काव्य संग्रह का साहित्य जगत में स्वागत होना चाहिए। मुक्ति संस्थान बीकानेर की ओर से आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार भवानीशंकर व्यास ‘विनोद’ ने कहा कि डॉ. रेणुका व्यास की कविताएं मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करती हैं।

उन्‍होंने कहा कि डॉ व्‍यास की कवितायें नए आयाम स्थापित करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। मुख्य अतिथि  केन्द्रीय साहित्य अकादेमी, राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के संयोजक, वरिष्ठ साहित्यकार मधु आचार्य ‘आशावादी‘ ने कहा कि इन कविताओं में मानवीय मूल्यों की सांगोपांग पडताल की हुयी है जो नई जमीन तोडती दिखती है। कवयित्री का यह पहला प्रयास सराहनीय है।

विशिष्ठ अतिथि कवि-आलोचक डॉ. उमाकांत गुप्त ने कहा कि शब्दों की संरचना अपने आपमें एक अद्वितीय काम है जिसमें लेखिका सफल हुयी है। विशिष्ठ  अतिथि कवि-कथाकार राजेन्द्र जोशी ने कहा कि शब्दों का रचाव ही मन मस्तिष्क का सात्विक भोजन है। जोशी ने कहा डॉ. रेणुका ने कविता को नया स्वर देने का काम किया है।  वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. उमाशंकर व्यास ने कहा कि बीकानेर ने अपने सृजन से इस साहित्य नगरी का देश भर में मान बढाया है।

कार्यक्रम समन्वयक कवि-कथाकार राजाराम स्वर्णकार ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन कवि-कथाकार संजय आचार्य ‘वरुण’ ने किया। कार्यक्रम में कवयित्री डॉ. रेणुका व्यास ‘नीलम’ का विभिन्न संस्थाओं की तरफ से सम्मान किया गया।

]]>