cmho – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Tue, 10 Jul 2018 08:47:18 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png cmho – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 सीएमएचओ ने कहा अवैध गर्भपात का प्रयास, आरोपी डॉक्‍टर बोला, की थी सामान्‍य जांच https://samacharseva.in/cmho-ne-kaha-avaidh-garbhapaat-kee-koshish-aaropee-dr-bola-kit-hi-saamaany-jaanch/ Tue, 10 Jul 2018 08:47:18 +0000 https://samacharseva.in/?p=2665 नीरज जोशी

बीकानेर (समाचार सेवा), सीएमएचओ ने कहा अवैध गर्भपात का प्रयास, आरोपी डॉक्‍टर बोला, की थी सामान्‍य जांच। चिकित्‍सा विभाग बीकानेर व जयपुर ने पुलिस की मदद से अवैध रूप से गर्भपात कराने का प्रयास कर रहे एक आरोपी डॉ. ओ. पी. मोदी को गिरफतार किया है। पीबीएम अस्‍पताल के सामने एक्‍सरे गली में डॉ. मोदी का क्लिनिक है।

डॉक्‍टर पर आरोप है कि उसने 20 हजार रुपये लेकर अवैध तरीके से गर्भपात करने का प्रयास किया है। आरोपी तथा जिस नाबालिग व अविवाहित बालिका का साढे पांच माह का गर्भपात कराया जाना था दोनों को अभी पीबीएम अस्‍पताल में जांच के लिये ले जाया गया है।

जांच टीम का कहना है कि डॉ. मोदी के क्लिनिक को गर्भपात कराने की इजाजत तक नहीं है यानी इस कार्य के लिये वह क्लिनिक रजिस्‍टर्ड भी नहीं है। उधर, आरोपी डॉ. मोदी का कहना है कि उसे फांसाया गया है। वह गर्भवती महिला की सामान्‍य जांच कर रहा था।

इससे पहले महिला के विवाह प्रमाण पत्र की जांच भी की थी तभी उसकी जांच करनी शुरू की थी। आरोपी डॉक्‍टर के अनुसार गर्भपात कराने का सामान ही अलग होता है जो कि उसके क्लिनिक में नहीं है।

इससे पूर्व मंगलवार दोपहर को चिकित्‍सा विभाग की टीम ने अवैध गर्भपात कराने के प्रयास की जानकारी मिलने पर डॉ. ओ. पी. मोदी की क्लिनिक पर छापा मारा। सीमएएचओ डॉ. देवेन्‍द्र चौधरी, कोर्डिनेटर महेन्‍द्र सिंह शेखावत की इस कार्रवाई के दौरान विभाग की जयपुर से आई टीम भी मौके पर मौजूद थी।

टीम के अनुसार मोदी के क्लिनिक में अवैध रूप से गर्भपात कराने की तैयारी थी। इसीलिये ओपी मोदी की क्लिनिक पर कार्रवाई की गई। उन्‍होंने बताया कि एमपीटी एक्‍ट में यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि सीएमएचओ व कोर्डिनेटर दोनों ही सोमवार से ही इस कार्रवाई के लिये सक्रिय थे।

सीएमएचओ का दावा है कि डॉ. मोदी के क्लिनिक में नाबालिग बच्‍ची का साढे पांच माह के गर्भ का अवैध रूप से गर्भपात कराया जा रहा था। इसके लिये क्लिनिक की जांच की है। उन्‍होंने बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।

सीएमएचओ ने बताया कि ये केन्‍द्र भी एमपीटी की कार्रवाइ्र के लिये रजिस्‍टर्ड नहीं है। इसके बावजूद बडी राशि लेकर डॉ. मोदी ने अबॉर्शन की हां भरी है। उन्‍होंने गर्भवती महिला के परिजनों से 20 हजार रुपये भी इस काम के लिये ले लिये थे।

तैयारी के रूप में बच्‍ची को अबॉर्शन के पिल्‍स खिलाये थे। इसी दौरान पुलिस व उपस्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। और डॉक्‍टर को गर्भपात कराने से रोक लिया। सीएमएचओ के अनुसार गर्भपात से बच्‍ची की जान को खतरा था।

जबकि आरोपी डॉक्‍टर का कहना है कि उसने गर्भवती महिला का  मैरिज सर्टिपिफकेट देखने के बाद उसकी सामान्‍य जांच शुरू की थी। डॉक्‍टर का दावा था कि गर्भपात का सामान अलग होता है।

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झटपट होगी पुरुष नसबंदी, आधे घंटे में जा सकेंगे घर https://samacharseva.in/ab-jhatapat-hogi-purush-nasbandi/ Fri, 04 May 2018 14:46:50 +0000 https://samacharseva.in/?p=1057 बीकानेर, (समाचार सेवा)। अस्‍पतालों में अब झटपट होगी पुरुष नसबंदी, आधे घंटे में ही नसबंदी कराने वाला पुरुष अपने घर जा सकेगा और अपने काम पर भी जल्‍द लौट सकेगा। आमजन में पुरूष बंदीवार दिवस के प्रभावी प्रचार-प्रसार गतिविधियां भी आयोजित की जायेगी।

आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य ने बताया कि नयी पद्धति के चलते अब पुरुष झटपट नसबंदी कराके आधे घंटे में घर जा सकते है और जल्‍द काम पर लौट सकते हैं। एनएसवी को आम जुबान में नसबंदी की बिना चीरा, बिना टांका पद्धति कहा जाता है।

जानकारी के अनुसार राज्‍य सरकार ने परिवार नियोजन के स्थायी साधनों को अपनाने में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूष नसबंदी दिवस आयोजित करने का निर्णय लिया है।

राज्‍य के स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नवीन जैन ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को नियत दिवस नसंबदी सेवा कार्ययोजना के तहत प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को पुरूष नसबंदीवार आयोजित करने को कहा है।

सभी उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिले में उपलब्ध एनएसवी प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं की टीम की संख्या के अनुरूप कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। जिन जिलों में एनएसवी प्रशिक्षितसेवा प्रदाताओंकी कमी है, उन्हें नामांकन भेजने को कहा गया है।

बीकानेर के डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राधेश्याम वर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक ब्‍लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तीसरे बुधवार से कम से कम 10 दिन पहले तैयारी बैठक आयोजित कर प्रभावी रणनीति बनायी जायेगी।

उन्होंने इस कार्यक्रम में जिला स्तर, ब्लाक स्तर, प्रत्येक चिकित्सा अधिकारी, एलएचवी, एएनएम ब्लाक ध्पीएचसी आशा सुपरवाईजर एवं आशा सहयोगिनियों द्वारा एक टीम के रूप में कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मिशन निदेशक द्वारा कार्यक्रम की प्रभावी माॅनिटरिंग हेतु संभागवार राज्य स्तर की टीमें गठित कर दी गयी है। जिला एवं ब्लाॅक स्तर पर भी पुरूषबंदीवार दिवस की सघन मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।

एनएसवी में है समझदारी

वर्तमान में पुरुष नसबंदी करवाने पर क्षतिपूर्ति राशि स्वरुप 2000 रूपए सरकार द्वारा दिए जाते हैं जबकि महिला नसबंदी पर 1400 रूपए। एनएसवी (नो स्कैल्पल वसेक्टमी) के रूप में नसबंदी की नयी पद्धति का प्रयोग शुरू होने के बाद परिवार कल्याण कार्यक्रम के परिदृश्य में बदलाव की जमीन तैयार होने लगी है।

 

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