bikaji bhujia – Samachar Seva https://samacharseva.in Mission Patrkarita Sun, 27 Jan 2019 15:55:06 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1 https://samacharseva.in/wp-content/uploads/2025/06/cropped-samacharsevalogo-channel-pic-32x32.png bikaji bhujia – Samachar Seva https://samacharseva.in 32 32 बीकाजी के कारखाने में लगी आग https://samacharseva.in/truck-boilar-se-bhida-bikaji-ke-karkhane-me-lagi-aag/ Mon, 09 Jul 2018 09:00:41 +0000 https://samacharseva.in/?p=2636 बीकानेर (समाचार सेवा)। ट्रक-बॉयलर से भिडा, बीकाजी के कारखाने में लगी आग, बीकानेर में भुजिया बनाने का सबसे आधुनिक कारखाना सोमवार 9 जुलाई 2018 को आग की लपटों से घिर गया। आग की खबर सोशल मीडिया में दोपहर 12.30 बजे के बाद से आनी शुरू हुई जो  आग पर काबू पाने तक तेजी से पल पल की जानकारी के साथ सोशल मीडिया पर जारी रही।

* ऐसे लगी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग फैक्ट्री के पीछे की तरफ लगी है। फैक्ट्री के पीछे की तरफ प्रॉडक्शन एरिया में एक ट्रक बैक आ रहा था। ट्रक चालक की असावधानी से बॉयलर को टक्कर लग गई जिससे उसका पाइप फट गया। इससे बॉयलर का ऑयल जमीन पर बिखर गया। उसी समय किसी चिनगारी से ऑयल ने आग पकड़ ली। दोपहर बाद लगभग डेढ बजे आग पर 90 प्रतिशत तक काबू पा लिया गया। बीकानेर में बीकाजी का यह कारखाना करणी औधोगिक क्षेत्र में बाईपास रोड पर स्थित है। यह कारखाना फेमस उधोगपति व बीकानेर व्याापार उधोग मंडल के मुख्यै संरक्षक शिवरतन अग्रवाल उर्फ फन्ना  बाबू का है।

* फायरबिग्रेड व पुलिस पहुंची मौके पर

अग्निकांड की जानकारी मिलते ही बीछवाल थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग की सूचना मिलते ही फैक्ट्री कार्मिकों में अफरा तफरी मच गई। एकाएक काले धुंओं से पूरे औद्योगिक क्षेत्र में भी आग से ज्यादा तेजी से आग बात बात फैल गई। तत्काल फायरबिग्रेड को सूचना की गई। बताते है फायरबिग्रेड पहुंचने से पहले फैक्ट्री कार्मिकों ने आग पर करीब करीब काबू पा लिया था। आग की सूचना पर नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका भी मौके पर पहुंच  गए। मौके पर तीन एंबुलेंस भी पहुंच गई। अब आग पर नियंत्रण पा लिया गया है लेकिन ऑयल जहां बिखरा हुआ था वहां थोड़ी थोड़ी आग उठ रही थी। आग की सूचना पर पुलिस और सुरक्षा की दृष्टि से आरएसी की तीन गाडि़यां भी फैक्ट्री में पहुंच गई है।

* कार भी आग की चपेट में आई

करणी औद्योगिक नगर की फैक्ट्री का पूरा प्रशासन देखने वाले कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट श्री प्रवीण गुप्ता की कार भी आग की चपेट में आ गई है। यह कार बॉयलर के पास ही खड़ी रहती है। प्रवीण गुप्ता की कार रोजाना की तरह बॉयलर के पास पार्किंग क्षेत्र में  खड़ी थी। आग लगते ही फैक्ट्री के कामगार बाहर की ओर भाग गए। बॉयलर की आग से कार का काफी नुकसान हुआ है।

* शिव रतन अग्रवाल कल ही लौटे हैं विदेश से

बीकाजी के चेयरमैन पिछले दिनों विदेश गए हुए थे। वे कल ही पहुंचे हैं। आग की सूचना मिलते ही शिवरतन अग्रवाल फन्ना बाबू और निदेशक उनकी पुत्रवधू  श्वेता अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गई है।

प्रशासन भी मौके पर पहुंचा

आग लगने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा भी मौके पर पहुंच गए। तीन थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही हे।

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मूड फ्रेश कर देता है बीकानेरी भुजिया https://samacharseva.in/mood-fresh-kar-deta-hai-bikaneri-bhujia/ Sun, 01 Jul 2018 06:25:47 +0000 https://samacharseva.in/?p=2492 नीरज जोशी

आज देश और विदेश में अपनी पहयान बना चुका बीकानेरी भुजिया एक ऐसा नमकीन पदार्थ है जो मूहं में जाते ही आपका मूड फ्रेश कर देता है। बीकानेर के वाशिंदों के लिए तो सुबह-शाम की चाय, दोपहर में दही-छाछ और शाम की रोटी के अलावा रात की बैठकों में भुजिया की उपस्थिति जरूर रहती है।

बीकानेर में भुजिया का आविष्कार 1877 में डूंगरसिंह के शासनकाल में हुआ जब पकवान के कारीगरों ने बहुत ही बारीक भुजिया के स्वाद से उसे महाराजा का पसंदीदा नमकीन बनवा दिया। तब से उस भुजिया का नाम ही डूंगरशाही भुजिया पड़ गया।

Dainik Navjyoti all edition Ravivaria 1-7-2018

Dainik Navjyoti all edition Ravivaria 1-7-2018

व्यावसायिक उत्पादन इसके साठ साल बाद अग्रवाल परिवार की एक महिला ने अपने घर में किया जो स्वाद के रास्ते पर ऐसा चला कि लोगों के मुंह पर चढ़ गया। आज बीकानेर का भुजिया देश की सरहद पार कर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुका है।

बीकानेर के लोगों के खान-पान का जरूरी हिस्सा बन चुके भुजिया की यहां पर गली गली में दुकानें हैं और एक विशिष्ट जाति राजपुरोहितों को इसमें महारत हासिलहै।

BIKANERI BHUJIA-1

BIKANERI BHUJIA-1

बीकानेर का वाशिंदा आज भी अपने घर में भुजिया का स्टाक नहीं रखता है क्योंकि घर के पास ही ताजा भुजिया सहज उपलब्ध है। इसलिए खाना खाने बैठने से पहले बच्चा दौड़कर ताजा भुजिया खरीद लाता है।

* मौसम और स्वास्थ्य के अनुकूल भी है भुजिया

बीकानेरी भुजिया अपने आप में एक जियोग्राफिकल इंडीकेटर भी है क्योंकि बीकानेर की शुष्क आबोहवा बीकानेर के नमकीन पानी (अधिक लवण युक्त) और बीकानेर व इसके आसपास के क्षेत्र में उगने वाले मोठ दाल सेही बनाया जा सकता है।

मोटे तौर पर बीकानेरी भुजिया को महीन भुजिया के तौर पर ही जाना जाता है लेकिन वास्तव में भुजिया के शौकीन इसके चारों रूपों को पसंद करते हैंमहीन भुजिया जहां बारीक छलनी से बनाया जाता है वहीं मोठ कीदाल के साथ आंशिक चने के बेसन के मेल से मोटा भुजिया बनाया जाता है।

भुजिया के साथ काली मिर्च और सौंधी खुशबू वाला नरम तीन नंबर भुजिया गिनी चुनी दुकानों पर ही उपलब्ध होते हैं।बीकानेर से बाहर मोठ उपलब्ध नहीं होने से भुजिया चने के बेसन का बनाया जाता है जो स्वाद में इसके आगे कहीं नहीं ठहरता। इसके अलावा उसकी हल्की गुणवत्ता भी उसे कई दिनों तक टिके रहने नहीं देती।

* डूंगरशाही भुजिया पाक कला का सर्वोत्कृष्ट नमूना

भुजिया की उपरोक्त तीनों श्रेणियों के अलावा डूंगरशाही भुजिया बीकानेरी कारीगरों की  पाक कला का सर्वोत्कृष्ट नमूना है।डूंगरशाही भुजिया बाल से कुछ ही अधिक मोटा होता है और खाने में ऐसा स्वादिष्ट कि मुंह मेंजाते ही घुल जाता है।

बीकानेर की प्रचंड गर्मी व शुष्क आबो हवा में मानव शरीर को जिस तेल और मसालों की जरूरत है उसकी पूर्ति भुजिया के अलावा और कोई पकवान नहीं करता है।

BIKANERI BHUJIA-3

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* बेहतर शुष्क भोजन

चूंकि बीकानेर में नहर आने से पहले तक पूरे वर्ष सब्जियों और दूसरे खाद्य पदार्थों की पैदावार नहीं के बराबर होती थी ऐसे में शुष्क भोजन जो कि लंबे समय तक उसकी गुणवत्ता कायम रहने की जरूरत थी।

ऐसे में भुजिया ऐसे विकल्प के तौर पर सामने आता है जिसमें प्रोटीन के तौर पर मोठ दाल, कार्बोहाइड्रेट के तौर पर मूंगफली का तेल और शरीर के लवणीय संतुलन बनाये रखने के लिये जरूरी हींग, लौंग, काली मिर्च,सेंधा नमक जैसे पोषक तत्व मिल जाते हैं।

ऐसे में यह अपने आप में न केवल पूर्ण भोजन है बल्कि इसे अकेले अथवा रोटी के साथ खाया जा सकता है।समय के साथ इस बीकानेरी स्वाद ने अर्थ तंत्र को भी अपने स्वाद की गिरफ्त में ले लिया है।

* बीकानेर के सेठों व काबिल रसोईयों की सौगात

थार के रेगिस्तान में ट्रांजिट सेंटर की हैसियत रखने वाले बीकानेर को सेठों और उनके काबिल रसोईयों की सौगात भी मिली।धोरों में अपना अस्तित्व तलाश रही मोठ की दाल को भुजियों में विश्व प्रसिद्धि का आयाममिला।कल तक बीकानेर की गलियों में अपने स्वाद की लहर बिखरने वाले बीकानेरी भुजिया को आज विश्व के हर प्रमुख देश में न केवल पसंद किया जाता है बल्कि बीकानेरी ब्रांड के तौर पर भी जाना जाता है।

बढी भुजिया कारीगरों की मांग

देशभर में बीकानेरी भुजिया की मांग के चलते भुजिया कारीगरों की खेप हर जाति व समुदाय में तेजी से बढ़ी है।आजादी से पहले तक जहां बीकानेरी सेठों का व्यापार जिन प्रमुख शहरों तक था वहीं तक बीकानेरी भुजियाका प्रसार था इनमें कोलकाता, सूरत, चेन्नई, आसाम, महाराष्ट्र जैसे क्षेत्र थे आजादी के बाद बीकानेर की ट्रांजिट सेंटर की हैसियत खत्म होने के साथही बीकानेरी भुजिया का प्रचार प्रसार छोटे बड़े सभी व्यवसायियों नेअपने स्तर पर भारत के हर कोने तक पहुंचाने का प्रयास शुरू किया, आज कुछ बड़े ब्रांड जहां अंतरराष्ट्रीस्तर पर अपनी पैठ बना चुके हैं वहीं छोटे व्यवसायियों ने भी ई कॉमर्स वेबसाइट्स के जरिये अपनी पहुंच दूर दराजतक बना ली है।

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बीकाजी का विज्ञापन करेंगे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी ! https://samacharseva.in/bikaji-ka-vigyapan-karenge-sarakari-schoolo-ke-vidhyarthi/ Wed, 20 Jun 2018 15:45:38 +0000 https://samacharseva.in/?p=2151 बीकानेर। बीकानेरी भुजिया को देश विदेश में फेमस करने वाले बीकाजी ग्रुप का विज्ञापन अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी व आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चे भी करेंगे। बीकाजी ग्रुप ने इस विज्ञापन अभियान के पहले चरण में अपनी कंपनी का ठप्पा लगे 10 हजार बैग बुधवार को उपलब्ध कराये हैं। बैग वितरण का यह कार्य बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल की ओर से किया जाएगा।

school bag

बीकाजी के इस स्कूली बैग का लोकार्पण बुधवार को कलक्टर कक्ष में कलक्टर डॉ. एन. के. गुप्ता ने किया। इस अवसर पर कलक्टर ने कहा कि बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत किया गया यह कार्य सराहनीय है।

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ संदेश लिखे यह स्कूली बस्ते जरूरतमंद बच्चों के लिए लाभदायक सिद्ध होंगे, वहीं आमजन के बीच कन्या भ्रुण हत्या को रोकने और बच्चियों को पढ़ाने का संदेश भी जाएगा।

बीकाजी ग्रुप के मक्खन लाल अग्रवाल एवं शंभूदयाल गुप्ता ने बताया कि बीकाजी गु्रप हमेशा से सामाजिक सरोका के कार्यों के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में बच्चों को 10 हजार स्कूल बैग वितरित किए जाएंगे।

लोकार्पण समारोह में महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक रचना  भाटिया, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक मेघा रतन मौजूद थीं।

बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के अध्यक्ष रघुराज सिंह, सचिव जयदेव शर्मा, उपाध्यक्ष विष्णु पुरी, हेतराम गौड़ और सह सचिव विनोद भोजक, राजीव शर्मा, श्रीलाल व्यास, सोभागसिंह शेखावत, कुलदीप सिंह भी समारोह में उपस्थित थे।

सरकारी प्रेस नोट के अनुसार  बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के तत्वावधान् में बीकाजी ग्रुप द्वारा प्रायोजित 10 हजार स्कूल बैग, सरकारी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों में वितरित किए जाएंगे।

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